| सोनिया के दर्द को जुबां |
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December 21 2014 |
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सियासत बदलते वक्त का आइना है अगर, तो उस आइने में स्याह चेहरों की हकीकत को बेपर्दा होते देखा जा सकता है। कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी की तबियत इन दिनों नासाज है, सांस की तकलीफ है, कांग्रेस भी कहीं न कहीं ऐसी ही तकलीफ से जूझ रही है। सोनिया का इलाज नई दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में चल रहा है, वहीं बीमार कांग्रेस राहुल के हवाले है। पहले कभी अगर सोनिया रूटीन चेकअप के लिए भी अस्पताल मेंर् भत्ती होती थीं, तो उनसे मुलाकात के इच्छुक अभ्यर्थियों की कतार लंबी से लंबी हुआ करती थी, पर जब से दिल्ली का निााम बदला है, सत्ता की रवायतें बदल गई हैं, मुलाकातियों की सूची सिकुड़ गई है, उफान लेती उम्मीदें भी आसमां से जमीं पर आ गई हैं। इस बार सोनिया गांधी ने जम्मू-कश्मीर में आई भयंकर बाढ़ के परिदृश्य में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के समक्ष घोषणा की थी कि वह इस साल अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगी। चुनांचे अपने जन्मदिन के मौके सोनिया ने प्रियंका व रॉबर्ट के साथ डिनर का एक छोटा सा निजी कार्यक्रम रखा और वह नई दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित एक इटेलियन रेस्तरां ‘आरटूसी’ में रात्रि भोजन के लिए गईं तो रेस्तरां में मौजूद लोगों में कोई हलचल पैदा नहीं हुई, गांधी परिवार को डिनर टेबल पर ‘डिस्टर्ब’ करने कोई नहीं आया, न ऑटोग्राफ लेने वालों की कतार लगी और न ही सोनिया-प्रियंका के साथ फोटो खींचवाने के लिए कोई धकमपेल ही मची। पर यह बात ज्यादा पुरानी नहीं, सोनिया के पिछले जन्मदिवस के मौके पर जब गांधी परिवार सोनिया का जन्मदिन सेलिब्रेट करने नई दिल्ली के हयात होटल के लॉ-पियााा रेस्तरां में गया था, तब सोनिया का ऑटोग्राफ लेने और उनके साथ फोटो खिंचाने के लिए रेस्तरां में भारी भीड़ जमा हो गई थी। पर महज एक वर्ष के अंतराल ने सोनिया व कांग्रेस की सियासत से रूसवाई की कई सिलवटें चस्पां हो गई है। |
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