मम्मा का प्यार राहुल के लिए |
July 17 2017 |
आखिरकार कांग्रेसी युवराज का राजतिलक कब होगा? सूत्रों की मानें तो मम्मा यानी स्वयं सोनिया गांधी एक लंबे समय से अपने पुत्र पर दबाव बना रही हैं कि वह पूरी तरह कांग्रेस का जिम्मा संभालें और पार्टी अध्यक्ष बन जाएं। पर राहुल हैं कि वे अब भी टालमटोल कर रहे हैं। पार्टी में राहुल की महत्ता प्रतिपादित करने की नीयत से सोनिया ने पिछले कुछ दिनों से पार्टी नेताओं से मिलना-जुलना भी एक तरह से बंद कर रखा है। चूंकि वे विपक्षी राजनीति की केंद्र बनी हुई हैं सो, अन्य दलों के नेताओं से मिलते-जुलते रहना उनकी मजबूरी है। अब सवाल उठता है कि आखिरकार राहुल पार्टी की पूर्ण जिम्मेदारी उठाने से क्यों बच रहे हैं? तो एक सीनियर कांग्रेस मैन बताते हैं कि अभी भी पार्टी में सभी अहम निर्णय राहुल ही लेते हैं, यह और बात है कि वे अपने इस निर्णय में पार्टी के सीनियर नेताओं को कम ही शरीक करते हैं, उनकी एक कोटरी है, जिससे वे सदैव घिरे रहते हैं, और अपने इन्हीं चंद दोस्तों की बातों पर ही कान धरते हैं। लेकिन फिर भी कहीं कोई गड़बड़ हो जाती है वे इसका ठीकरा ’मम्मा’ के करीबियों पर फोड़ देते हैं। शायद इन्हीं बातों को मद्देनजर रखते पिछले कुछ दिनों से सोनिया ने अपने इन करीबियों से मिलना-जुलना बंद कर रखा है, अब वह चाहती हैं कि राहुल आगे आएं और अपनी जिम्मेदारियों, नाकामियों और सफलताओं को गले लगा लें। |
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