| दिल्ली पुलिस में हावी पंजाबी लाबी |
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September 13 2015 |
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दिल्ली पुलिस में कभी जिन बिहारी अफसरों की तूती बोलती थी, आज वे नेपथ्य में चले गए हैं और पंजाबी लाबी की हर तरफ बल्ले-बल्ले है। चुनांचे दिल्ली के नए पुलिस कमिष्नर की रेस में 84 बैच के धर्मेंद्र कुमार का नाम सबसे आगे चल रहा है, इन्हें दिल्ली के मौजूदा पुलिस कमिष्नर बस्सी के बेहद करीबी माना जाता है। वैसे भी केंद्र में जो नए नवेले गृह सचिव राजीव महर्शि आए हैं उन्हें मोदी सरकार के सर्वषक्तिमान अरूण जेटली का वरदहस्त प्राप्त बताया जाता है। पूर्व गृह सचिव एल सी गोयल से एनएसए नाखुष बताए जाते थे चूंकि तीस्ता सीतलवाड़ मामले में उनकी भूमिका काफी लचर रही थी। वैसे भी इन दिनों यूनी-बिहार के ज्यादातर अफसर गैर महत्वपूर्ण पदों पर आसीन है। सिर्फ दिल्ली पुलिस की बात करें तो बिहार के एसबीएस त्यागी, बी के सिंह, परवेज़, अमित राय, अजय तिवारी जैसे तेज-तर्रार अफसरों को स्पेषल सिक्यूरिटी में भेज दिया गया है। जहां उनका काम अति विषिश्ट लोगों की सुरक्षा और उनके रूट बनाने तक ही सीमित रह गई है। बिहार के कई हाई-प्रोफाइल अफसरों को भी कम मलाईदार विभागों में खपा दिया गया है। मसलन 81 बैच के अरूण झा को ट्राइबल अफेयर्स, 82 बैच के गिरिष षंकर को राजभाशा विभाग में भेजा गया है। बस, 81 बैच के भानू प्रताप षर्मा हेल्थ सेक्रेट्री बनने में कामयाब रहे हैं, चूंकि उनकी रिष्तेदारी पीएमओ के एक षक्तिषाली अफसर ए के षर्मा से बतायी जाती है, ये दोनों ही जाति से भूमिहार हैं। |
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