| …और अंत में |
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June 19 2015 |
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मोदी अपने दो बेहद करीबी मंत्रियों से खासे दुखी हैं, उनमें से एक हैं रेल मंत्री सुरेश प्रभु और दूसरे हैं रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिक्कर। प्रभु से मोदी को उम्मीद थी कि वे रेलवे में काफी विदेशी निवेश लेकर आएंगे, निवेश आने की बात तो दूर, प्रभु की रेल पटरी पर सुचारू रूप से दौड़ नहीं पा रही। वहीं पर्रिक्कर पाकिस्तान को लेकर कुछ ऐसा बयान दे देते हैं जिससे कूटनीतिक मोर्च पर भारत की परेशानी बढ़ जाती है। सूत्र बताते हैं कि मोदी इन दोनों के विकल्पों की तलाश में है। मंत्रिमंडल के अगले फेरबदल में वे इन दोनों मंत्रालयों की किस्मत को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। |
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