| भूल नंबर-दो |
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September 06 2015 |
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महाराष्ट्र कांग्रेस के सीनियर नेता अशोक चव्हाण ने अपना काफी वक्त लगाकर महाराष्ट्र में कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए एक ’रोड मैप’ तैयार किया, और इसको लेकर वे राहुल से मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच कोई 45 मिनट तक बात हुई, राहुल को चव्हाण का यह आइडिया भी बेतरह पसंद आया कि अगर प्रदेश में कांग्रेस इन तरीकों को आजमाए तो उसकी महाराष्ट्र में पुनर्वापसी हो सकती है। फिर चव्हाण ने राहुल को धीरे से कहा, पर इस पूरी कार्य योजना में हमें नारायण राणे को विश्वास में लेना होगा, क्योंकि राज्य में वे अब भी ओबीसी के बड़े नेता हैं। राहुल ने किंचित आश्चर्य से पूछा-’उनकी तो पार्टी छोड़ने की अटकलें थीं, क्या वे अब भी कांग्रेस में हैं?’ हैरान- परेशान चव्हाण ने धीरे से कहा-’बिल्कुल पार्टी में है और उनका बेटा तो कांग्रेस का ही एमएलए है।’ कुछ पलों की चुप्पी साध राहुल ने कहा-’छोडि़ए राणे को, आप तो राजीव सतव को अपने साथ लेकर चलिए, बहुत डायनामिक लीडर है और मैंने सुना है कि इन दिनों आपकी उनसे बन नहीं रही है। चव्हाण ने थोड़ा खीज कर कहा-’कैसी बातें करते हैं, उनको इस लोकसभा में टिकट भी मैंने दिलवाया था, वरना वे आज क्या एमपी होते?’ जाहिर है इस मुलाकात के बात जब चव्हाण बाहर निकले तो उनके चहेरे पर खिन्नता के भाव झलक रहे थे। |
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