क्या है मनोज लाडवा का मोदी-कनेक्शन ? |
November 23 2015 |
याद कीजिए, इस दफे का लंदन में मोदी जी का वेम्बले स्टेडियम का ग्रांड-शो! कहीं न कहीं इस आयोजन के एक अहम सूत्रधार बनकर उभरे थे मनोज लाडवा, जिनकी मोदी के 2014 के चुनावी अभियान को मूर्त्त रूप देने में एक महती भूमिका थी। सूत्र बताते हैं कि इस दफे के ’वेम्बले-शो’ को शानदार बनाने में उस गुजराती उद्योगपति की भी एक अहम भूमिका थी, जो मोदी के बेहद करीबियों में शुमार होते हैं। इनकी कंपनी का एक दफ्तर दुबई में भी अवस्थित है, सूत्रों का दावा है कि इस ग्रैंड-शो के लिए भी एक बड़ा धन दुबई के उसी दफ्तर होकर आया था। सूत्र यह भी बताते हैं कि इस ग्रैंड- शो की समाप्ति के बाद आमद-खर्च का अकाउंट सेट्ल करने लाडवा दुबई भी गए थे। सनद रहे कि लाडवा 2003 से ही मोदी के साथ जुड़े थे और ’वायब्रेंट गुजरात’ आयोजित करवाने में भी उनकी एक अहम भूमिका थी। लाडवा का संघ कनेक्शन भी बहुत पुराना है, ये जाहिरा तौर पर संघ की ब्रिटिश इकाई, हिंदू स्वयंसेवक संघ (एचएसएस) के मेंबर भी हैं, यह भी कहा जाता है कि चैरिटी के नाम पर लाडवा लंदन के अप्रवासी भारतीयों से काफी रकम इकट्ठी करने में भी सक्षम हैं, 2001 के गुजरात भूकंप और 1999 के ओडिशा साइक्लोन के दौरान एचएसएस के माध्यम से लाडवा ने काफी पैसे जुटाए थे, ये तमाम रकम संघ के एक आनुशांगिक संगठन सेवा भारती के माध्यम से भारत भेजी गई थी। लाडवा की आय का एक प्रमुख स्रोत उनकी पीआर और लॉबिंग कंपनी ’सैफरन चेज़ है’, लाडवा ने यह कंपनी अपने मित्र विकास पोटा के साथ मिलकर खड़ी की है, सनद रहे कि पोटा भी लंदन स्थित हिंदू स्वयंसेवक संघ के एक अहम मेंबर है। सूत्र यह भी खुलासा करते हैं कि लाडवा व पोटा की कंपनी सैफरन चेज़ एपको की लंदन में काउंटर पार्ट है। सनद रहे कि एपको वही अमरीकन कंपनी है जिसने ’वायब्रेंट गुजरात’ से लेकर मोदी के तमाम चुनावी अभियानों को एक नई धार दी थी। सूत्र बताते हैं कि 2001 में भारतीय दूतावास ने भी लेबर पार्टी और टॉनी ब्लेयर को रिझाने के लिए लाडवा की कंपनी को हायर किया था और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए थे। |
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