| …और अंत में |
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July 24 2016 |
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अरविन्द केजरीवाल ने अपनी पार्टी में साफ कर दिया है कि एक परिवार से एक ही व्यक्ति को आप में कोई दायित्व मिल सकता है, चुनांचे केजरीवाल के जो करीबी नेता सुनीता भाभी (मिसेज केजरीवाल) के लिए राज्यसभा मांग रहे थे, केजरीवाल ने उन्हें झिड़क दिया है। सिद्धू के केस में भी केजरीवाल ने साफ कर दिया है कि अगर आप की पंजाब में सरकार बनती है तो उसमें सिद्धू की डॉक्टर पत्नी को कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है, उन्हें या तो डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है या फिर कोई सीनियर कैबिनेट मंत्री। कांग्रेस की तर्ज़ पर केजरीवाल भी सिद्धू को आप की प्रचार कमेटी का चेहरा बनाने को तैयार हैं, वे सिद्धू को अगले लोकसभा चुनाव में आप के टिकट पर चुनाव लड़वाने को भी तैयार हैं, यहां तक कि अभी जब आप के कोटे में तीन राज्यसभा सीटें आ रही हैं तो केजरीवाल उन्हें आशुतोष के साथ राज्यसभा भेजने को भी तैयार हैं, पर ऐसे में उनके उस सिद्धांत का क्या होगा कि एक परिवार से सिर्फ एक व्यक्ति को ही पार्टी दायित्व सौंपेगी। |
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