राष्ट्रपति पद उम्मीदवार |
July 17 2022 |
आखिरकार झारखंड मुक्ति मोर्चा सुप्रीमो और वहां के सीएम हेमंत सोरेन ने एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के समर्थन का ऐलान कर ही दिया। दरअसल, जब मुर्मू झारखंड की राज्यपाल थीं और रघुबर दास वहां के सीएम, तो 2016 में भाजपा की रघुबर दास सरकार आदिवासी हितों की अनदेखी करती दो अहम विधेयक लेकर आई थी, एक ‘छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम’ और दूसरा ‘संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम’। जब यह विधेयक दस्तखत के लिए वहां की तत्कालीन गवर्नर द्रौपदी मुर्मू के पास आए तो मुर्मू ने यह कहते हुए इन दोनों विधेयकों पर साइन करने से इंकार कर दिया, और आदिवासी हितों का ध्यान रखने के लिए पुनर्विचार हेतु इन विधेयकों को सरकार के पास वापिस भेज दिया। कहते हैं इस बात का फायदा चुनावों में झारखंड मुक्ति मोर्चा को मिला और आदिवासियों के एकमुश्त वोट सोरेन की पार्टी को मिले। सो, मुर्मू की उम्मीदवारी का समर्थन सोरेन की मजबूरी बन गई थी। |
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