पुराने संजय वफादारों को एक कर रहे हैं आजाद |
September 04 2022 |
गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को जो 5 पेज का लेटर भेज कर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है, इस पत्र में सीधे-सीधे उन्होंने कांग्रेस की इस दुर्दशा के लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया है। दिलचस्प तो यह कि गुलाम नबी के इस पत्र में राजीव गांधी से कहीं ज्यादा संजय गांधी का जिक्र हुआ है। पहले दो पन्नों के अलावा पत्र के आखिरी पन्ने पर भी संजय के नायकत्व का बखान हुआ है। पत्र के मजमून को देख कर ऐसा लगता है कि गुलाम नबी की नई पार्टी में पुराने संजय वफादारों को भी अहम जगह मिल सकती है। इस पत्र में गुलाम नबी ने अपने राजनैतिक कैरियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए संजय के साथ अपने नजदीकी संबंधों का जिक्र किया है, बकौल गुलाम नबी-’छात्र जीवन से ही मैं आजादी की अलख जगाने वाले गांधी, नेहरू, पटेल, बोस और अबुल कलाम आजाद के विचारों से प्रभावित था। संजय गांधी के कहने पर मैंने 1975-76 में जम्मू-कश्मीर यूथ कांग्रेस की अध्यक्षता संभाली। संजय गांधी की दुखद मृत्यु के बाद 1980 में मैं यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष बना।’ आजाद ने कांग्रेस लीडरषिप पर ऐसे समय सवाल उठाए हैं जब कांग्रेस ’भारत जोड़ो यात्रा’ की तैयारियों में जुटी है, क्या यह इस बात की ओर इशारा है कि गुलाम नबी की उद्दात महत्वाकांक्षाओं की डोर का रंग निहायत भगवा हो गया है। |
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