क्या ऐसे खिलेगा कमल?

January 03 2022


किसान बिल वापसी के बाद भी पश्चिमी यूपी में भगवा ग्राफ ऊपर नहीं चढ़ पा रहा। खुद पार्टी के अंदरूनी जनमत सर्वेक्षण के परिणाम इस बात की चुगली खा रहे हैं। रालोद नेता जयंत चौधरी की चुनावी रैलियों में झमाझम भीड़ को देखते हुए भाजपा अब उन पर डोरे डालना चाहती है जिससे कि चुनाव के उपरांत अखिलेश को एक हाई वोल्टेज का झटका दिया जा सके। जयंत को साधने के लिए पार्टी ने अपने युवा चेहरे और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को लगा दिया है। अनुराग और जयंत में पुरानी व प्रगाढ़ मित्रता है। वहीं ब्रिटिश राज्य की सिद्ध नीति ’फूट डालो व शासन करो’ की नीति को आत्मसात करते भाजपा ने यादव परिवार में भी सेंध लगाने के भी प्रयास किए हैं। इस नीति के तहत चाचा-भतीजा यानी शिवपाल और अखिलेश पर निशाना साधा गया है। इस बात के घोषित परिणाम यादवों के गढ़ मैनपुरी में देखने को मिला, जब विजय यात्रा के होर्डिंग्स-पोस्टर-बैनर में तो अखिलेश-शिवपाल साथ-साथ चस्पां थे, पर विजय यात्रा के रथ पर अकेले अखिलेश नज़र आए, शिवपाल ने इससे दूरी बना ली। यात्रा में शिवपाल के शामिल नहीं रहने पर अखिलेश की सफाई किसी के पल्ले नहीं पड़ी, जब उन्होंने कहा-’पार्टी का गठबंधन जरूर हुआ है, पर कार्यक्रम अभी तय नहीं हुए हैं।’

 
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