सुलह का मैन्यू, लंच पर करात व येचुरी
माकपा की घटती ताकत और पार्टी के बड़े नेताओं के बढ़ते अहं व टकराव को दूर करने के लिए केरल के एक बड़े अखबार समूह मातृभूमि के स्वामी संपादक वीरेंद्र कुमार ने पहल की है। सनद रहे कि कुमार पूर्व में सांसद रह चुके हैं। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि कुमार की पहल पर इस दिवाली को पार्टी के दोनों बड़े नेता यानी महासचिव सीताराम येचुरी अपनी पत्नी सीमा चिश्ती के साथ तो प्रकाश करात अपनी पत्नी वृंदा करात के साथ दोपहर के भोजन में शामिल हुए। सूत्रों की मानें तो यह लंच पॉश साउथ दिल्ली के एक मशहूर राजस्थानी रेस्तरां ’कठपुतली’ में रखा गया था। इस लंच पर करात और येचुरी के बीच समझौते की एक नई इबारत लिखी गई और यह तय हुआ कि अगर येचुरी अपना महासचिव पद छोड़ते हैं तो वे अपनी ओर से इसके लिए वृंदा करात का नाम प्रस्तावित करेंगे। इसके पहले तक करात यह खटराग अलाप रहे थे कि पार्टी महासचिव को राज्यसभा नहीं दी जानी चाहिए। यानी एक तरह से इस बात पर सहमति बन गई है कि अगर येचुरी को राज्यसभा में निरंतर बने रहना है तो उन्हें पार्टी की सिरपरस्ती छोड़नी होगी। कहते हैं भावुक करात ने यह कहते हुए वृंदा का नाम आगे किया कि ’उन्हें मेरी पत्नी के नाते नहीं, बल्कि पार्टी को समर्पित एक कॉमरेड के नाते आगे बढ़ाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने अपना सारा जीवन पार्टी को समर्पित कर दिया है, इसके लिए उन्होंने अपना परिवार भी नहीं बढ़ाया।’ अगर इस राजस्थानी खाने की तासीर अपना काम कर गई तो आने वाले दिनों में करात व येचुरी के अंतर्संबंधों को एक नई दिशा मिल सकती है।