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न्यौता मिला पर आमंत्रण पत्र के लिए करनी पड़ी मारा-मारी

Posted on 31 October 2022 by admin

’पुराने रिश्तों को यूं संभाले हुए दूर से भागता चला आया था मैं
अपनी महफिल में बुला कर यूं रूठ जाना तेरा न संभाला गया मुझसे’
कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के शपथ ग्रहण समारोह में किंचित अफरा-तफरी का माहौल रहा, इसकी शुरूआत आमंत्रण कार्ड के वितरण में हुई गड़बड़ी के साथ हो गई थी। यह तय हुआ था कि शपथ-ग्रहण का न्यौता पूर्व केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, पूर्व मुख्यमंत्री गण, प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, पार्टी के प्रदेश और कार्यकारी अध्यक्ष, विधानमंडल नेता गण आदि को भेजा जाएगा। इस कार्ययोजना को अमल में लाया गया, पर पार्टी के कई महत्वपूर्ण नेताओं को आमंत्रण कार्ड की तलाश में कांग्रेस दफ्तर में हैरां-परेशां देखा गया। कईयों के नाम लिस्ट में थे पर उन्हें कार्ड नहीं मिल पा रहा था, सो पहले उन्हें कैंटीन के साथ लगे कंट्रोल रुम में भेजा गया, वहां उन्हें निराशा हाथ लगी तो उनसे कहा गया कि वे 17 नंबर कमरे में जाएं, 17 नंबर वालों ने उन्हें 15 गुरूद्वारा रकाबगंज स्थित वॉर रुम में भेज दिया। आमंत्रण कार्ड का जिम्मा मनीष चतरथ संभाल रहे थे, जो स्वर्गीय अहमद पटेल के बेहद करीबियों में शुमार होते थे, वे पटेल ही थे जिन्होंने चतरथ को वर्किंग कमेटी तक पहुंचा दिया। भले ही आमंत्रण कार्ड के लिए इतनी मारा-मारी थी, पर शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पीछे कुर्सियां खाली दिख रही थीं। कई बड़े नेताओं ने तो आने की जहमत ही नहीं उठाई, जैसे मध्य प्रदेश के तीन बड़े नेता गण यानी कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह की गैर मौजूदगी से भी कई सवाल उठे। प्रेस दीर्घा के पीछे की काफी कुर्सियां खाली थीं, इसे देखते हुए बाहर खड़े लोगों को धीरे-धीरे अंदर बुलाया गया ताकि समारोह में भीड़ दिख सके।

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क्यों आनंद से नहीं हैं शर्मा जी

Posted on 31 October 2022 by admin

खड़गे के शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर कुर्सियां लगाई गई थी और सामने की पंक्ति में अति विशिष्ट लोगों के लिए सोफे लगे थे। खड़गे ने अपने दाएं-बाएं की कुर्सियां सोनिया और राहुल के लिए रिजर्व रखी थीं। पर राहुल एकदम से खड़गे के साथ नहीं बैठे, उन्होंने अपनी कुर्सी मधुसूदन मिस्त्री के लिए छोड़ दी, मिस्त्री के बाद वे बैठे। सामने का एक सोफा प्रियंका गांधी के लिए रिजर्व था। उस सोफे की निगरानी के लिए दिल्ली पुलिस के दो जवान भी मुस्तैद थे। इसके साथ वाले सोफे पर पवन बंसल, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अशोक गहलोत विराजमान थे। तब तक वायरलेस पर प्रियंका के आने का मैसेज आ गया। इसी बीच आनंद शर्मा कहीं से टहलते-घूमते वहां पहुंचे और धम्म से प्रियंका के लिए आरक्षित सोफे पर घंस गए। पुलिस वाले उनसे चिरौरी करते नज़र आए, पर शर्मा जी उस सोफे से उठे नहीं। तब तक प्रियंका की एंट्री वहां हो जाती है, पवन बंसल हड़बड़ा कर उठते हैं और हाथ पकड़ कर आनंद शर्मा को अपने सोफे पर साथ बिठा लेते हैं। लगता है प्रियंका को इस सारे मंजर का इल्म हो चुका था, सो वे अपने लिए निर्धारित सोफे पर न बैठ कर उसके पीछे वाली पंक्ति में जाकर बैठ गईं। वो मुस्कुराती हुईं पार्टी के तमाम बड़े नेताओं से मिली पर आनंद शर्मा की ओर नहीं फटकीं। प्रियंका अशोक गहलोत से भी गर्म जोशी से मिलीं पर राहुल ने गहलोत को ठंडा रिस्पांस दिया। हुड्डा और आनंद शर्मा को तो राहुल ने इग्नोर ही कर दिया।

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गहलोत के पीछे सचिन

Posted on 31 October 2022 by admin

राजस्थान में हुई इतनी भारी सियासी उठा पटक की भीनी खुशबू शपथ ग्रहण समारोह में बिखरी नज़र आई। इतना कुछ होने के बाद भी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सबसे चहक कर मिल रहे थे, उनसे मिलने आने वाले नेताओं का तांता लगा था, जयराम रमेश जैसे नेता भले ही गहलोत से मिलने नहीं आए पर अपनी जगह बैठे-बैठे ही उन्होंने गहलोत को ’थम्स अप’ दे दिया। वहीं गहलोत के पीछे की पांत में बैठे सचिन पायलट एकदम तन्हा और खामोश नज़र आए। शुरू में उन्होंने अपने चेहरे पर मास्क लगा रखा था, पर जब मीडिया के कैमरे उन्हें अपनी जद में लेने लगे तो उन्होंने अपना मास्क उतार दिया। सचिन के साथ मोहन प्रकाश उनके बगलगीर थे। पर पार्टी के तमाम नेता बिलावजह सचिन से कन्नी काट रहे थे, उनसे कोई मिलने नहीं आ रहा था। मिलने तो शशि थरूर से भी कोई नहीं आ रहा था, जिन्होंने खड़गे से अध्यक्षीय मुकाबले में 1072 वोट जुटा लिए थे। पर थरूर आत्मविश्वास से लबरेज नज़र आ रहे थे।

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पर प्रियंका नहीं आईं

Posted on 31 October 2022 by admin

हालिया गुजरात चुनाव पर गांधी परिवार की नज़रे इनायत बेहद कम हैं, इसकी वजह भी अब कोई नामालूम नहीं रह गई है। पिछले दिनों जब गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाने वाले के.सी.वेणुगोपाल अहमदाबाद पहुंचे थे तो पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद वेणुगोपाल ने पार्टी के वरिष्ठ विधायकों के साथ एक मीटिंग की, मीटिंग में कमोबेश कांग्रेस के तमाम विधायकों की यही राय थी कि ’राहुल गांधी को अपनी भारत जोड़ो यात्रा में गुजरात को भी शामिल करना चाहिए, इससे कांग्रेस के लिए यहां माहौल बन सकता है,’ पर वेणुगोपाल इस पर विधायकों को अपनी ओर से कोई आश्वासन नहीं दे पाए। इतने में दो टर्म के एक विधायक ने वेणुगोपाल से आग्रह किया किया कि ’वे अपने भव्य गरबा कार्यक्रम में प्रियंका गांधी को बुलाना चाहते हैं, उनकी थोड़ी सी भागीदारी से यहां बड़ा माहौल बन सकता है।’ इस बात पर वेणुगोपाल ने हामी भर दी, उनकी क्लीयरेंस मिलने के बाद विधायक महोदय ने उत्साह में भरकर प्रियंका के गरबा के लिए 45 हजार रुपयों का एक भारी-भरकम गरबा का लंहगा खरीद लिया, पर कार्यक्रम के कुछ रोज पूर्व ही प्रियंका के आने की मनाही हो गई, गरबा हुआ पर कांग्रेसियों में वह जोश नहीं दिखा।

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गुजरात में फुलप्रूफ जीत चाहती है भाजपा

Posted on 31 October 2022 by admin

गुजरात विधानसभा की 182 सीटों पर चुनाव होने हैं, सनद रहे कि 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने यहां 77 सीटें जीती थी, पर उसके कोई दर्जन भर विधायक जीत के बाद रंग बदल कर भगवा हो गए, सो कांग्रेस की गिनती घट कर अब मात्र 65 रह गई है। सो, भाजपा रणनीतिकारों का सारा फोकस अब इन 65 सीटों पर सिमट आया है, भाजपा ने चुनाव से पहले ’गुजरात गौरव यात्रा’ का आह्वान किया है। इस यात्रा में भाजपाध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री लगातार इसमें शामिल हो रहे हैं। गौरव यात्रा का सारा फोकस ही कांग्रेस के दबदबे वाली सीटों पर केंद्रित है, पर वहीं कांग्रेस के पास पलटवार का कोई ठोस कार्यक्रम नहीं दिखता है। कांग्रेस हाईकमान ने भी लगता है गुजरात चुनाव को उसके हाल पर छोड़ दिया है, राहुल गांधी भी गुजरात आने को तैयार नहीं दिख रहे। न ही सोनिया या प्रियंका ही गुजरात आने में कोई उत्साह दिखा रही हैं।

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नया ’पॉवर सेंटर’ कौन

Posted on 31 October 2022 by admin

खड़गे की शपथ ग्रहण समारोह में चतुर सुजान कांग्रेसी भली-भांति समझ चुके थे कि आने वाले दिनों में कांग्रेस का नया ’पॉवर सेंटर’ कौन होगा? सो, मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियंक खड़गे शो के हीरो बने हुए थे, प्रियंक के पीछे कांग्रेसी नेताओं की भीड़ चल रही थी, कांग्रेस के नए पुराने नेता उनसे अपनी पहचान कराने को बेताब दिख रहे थे, उनके साथ ’सेल्फी’ लेने वालों की तो होड़ मची हुई थी।

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खड़गे की असली चुनौती राहुल वफादारों से पार पाना है

Posted on 31 October 2022 by admin

’ये शजर में चिड़ियों का चहचहाना हंगामों की हद तक
कौन खुश होता है जंगल में नए मेहमां के आने पर’
कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अग्नि परीक्षा की घड़ी बस आ पहुंची है, पांच दशकों के उनके सियासी अनुभव को तब पंख लग जाएंगे जब वे दीपावली बाद इस 26 अक्टूबर को कांग्रेस के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का जिम्मा संभालेंगे, सबसे खास बात तो यह कि कांग्रेस मुख्यालय में आहूत होने वाले इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए राहुल गांधी अपनी ’भारत जोड़ो यात्रा’ अधबीच छोड़ दिल्ली आने वाले हैं। सूत्रों की मानें तो खड़गे ने अपने अध्यक्षीय रोड मैप को अंतिम रूप देने के लिए अपने कुछ खास वफादारों से सलाह मशविरा किया है। उनकी योजना कांग्रेस के तमाम अहम संगठनों में व्यापक फेरबदल की है। इस फेरबदल की गाज मुकुल वासनिक, के. राजू जैसे दिग्गजों पर भी गिर सकती है। पर खड़गे के समक्ष असली चुनौती तुगलक लेन में विराजमान टीम राहुल के तुगलकी फरमानों से निपटने की होगी। मुमकिन है कि टीम राहुल की इन सिफारिशी चिट्ठियों पर रोक लग जाए क्योंकि यहां से निकली ज्यादातर चिट्ठियां कांग्रेस के संगठन और कमेटियों की पोस्टिंग में कारगर हथियार साबित होती रही हैं। कहते हैं खड़गे अपने पारिवारिक ज्योतिष के संपर्क में हैं, खड़गे का लकी नंबर 8 है सो उनके ज्योतिषियों ने उन्हें राज तिलक के लिए 26 तारीख का दिन सुझाया है।

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राहुल के ’सुपर सिक्स’

Posted on 31 October 2022 by admin

राहुल गांधी की अपने खास वफादारों की एक कोर टीम है, जो अब तक पार्टी के तमाम अहम फैसले लेती आई है। इस टीम के सबसे अहम सदस्य हैं केबी बायजू, जो कभी एसपीजी में हुआ करते थे। अपनी जमी-जमाई नौकरी छोड़ वे राहुल की कोर टीम में शामिल हो गए। कहते हैं यह बायजू ही हैं जिनकी राहुल दरबार में सबसे ज्यादा तूती बोलती है। कांग्रेसी गलियारे में यह भी कहा जाता है कि ’किसी नेता या कार्यकर्ता का राहुल से मिल पाना तब तक असंभव है जब तक बायजू उसे हरी झंडी न दे।’ यानी पार्टी में बिना पद के वे सबसे ताकतवर शख्स हैं, जो इन दिनों राहुल की भारत जोड़ो यात्रा में भी साये की तरह उनके साथ हैं। राहुल के सुपर सिक्स के दूसरे सबसे ताकवर शख्स हैं बिहार के सुपौल जिले से ताल्लुक रखने वाले कौशल किशोर विद्यार्थी, विदेश से पढ़े-लिखे हैं, यंग हैं, डायनामिक हैं और सोशल-डिजिटल मीडिया में खासी दक्षता रखते हैं, राहुल के संसदीय कार्यों को निपटाने का जिम्मा भी इन्हीं के पास है। राहुल के सुपर सिक्स के तीसरे अहम सदस्य हैं केसी वेणुगोपाल जो राजनैतिक फैसलों में राहुल की मदद करते हैं। राहुल के पुराने विश्वस्त सहयोगी कनिष्क सिंह फंड जुटाने का जिम्मा संभालते हैं। राहुल के सुपर सिक्स के पांचवें सदस्य हैं अलंकार सवई और छठे सचिन राव। खड़गे की असली चुनौती राहुल के इस सुपर सिक्स से पार पाने की है।

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रतन टाटा की बॉयोग्राफी पर बनेगी फिल्म

Posted on 31 October 2022 by admin

टाटा संस के एमिरेट्स चेयरमैन रतन टाटा की अधिकृत बॉयोग्राफी-’रतन एन टाटाः द ऑथराइज्ड बॉयोग्राफी’ अगले माह नवंबर में बाजार में आने को तैयार है। इसको लिखा है केरल कैडर के एक पूर्व आईएएस अफसर थॉमस मैथ्यू ने। इस पुस्तक के प्रकाशक हैं हार्पर कॉलिन्स। माना जा रहा है कि इस पुस्तक की रॉयल्टी के तौर पर प्रकाशक ने लेखक मैथ्यू को दो करोड़ रुपयों की भारी भरकम राशि अदा की है। मैथ्यू पहले भी दो पुस्तक लिख चुके हैं। थॉमस का जलवा कांग्रेसी नेता के.करूणाकरन के जमाने में सबके सिर चढ़ कर बोलता था। प्रणब मुखर्जी जब देश के राष्ट्रपति थे तो सन् 2016 में थॉमस उनके अतिरिक्त सचिव के पद से रिटायर हुए थे। प्रकाशक को उम्मीद है कि रतन टाटा की बॉयोग्राफी मार्केट में आते ही बिक्री के तमाम रिकार्ड तोड़ देगी। रतन टाटा की जिंदगी पर फिल्म और शोज़ बनाने के लिए तमाम बड़े निर्माता और प्रोडक्शन कंपनी थॉमस को इसके राइट्स के लिए मुंह मांगे दाम देने को तैयार हैं, पर थॉमस अभी थोड़ा इंतजार करना चाहते हैं, एक बार वे मार्केट में अपनी इस पुस्तक का पहले रिस्पांस देखना चाहते हैं।

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खड़गे का अगला मूव

Posted on 31 October 2022 by admin

खड़गे नई अध्यक्षीय जिम्मेदारी के लिए अभी से खुद को तराशने में लग गए हैं, वे सोशल मीडिया खास कर ट्विटर पर एक्टिव दिखने लगे हैं। वे अपने साथ ऐसे किसी पुराने व्यक्ति को जोड़ना चाहते हैं जिन्हें कांग्रेस के छोटे से छोटे कार्यकर्ता की भी पहचान हो, सूत्रों की मानें तो इस काम के लिए उन्होंने सीताराम केसरी के सहयोगी रह चुके नन्हकी ठाकुर का चयन किया है। ठाकुर इन दिनों अजय माकन के दफ्तर में कार्यरत हैं। भले ही खड़गे ने औपचारिक रूप से पार्टी अध्यक्ष पद का जिम्मा न संभाला हो पर उनके पास बड़े नेताओं के खिलाफ षिकायतों की बाढ़ आ गई है। मुकुल वासनिक के खिलाफ शिकायत है कि वे पार्टी विरोधी गतिविधियों में शरीक दिखते हैं। के.राजू के खिलाफ भी लगातार शिकायतें आ रही है। शिकायत तो हिमाचल के प्रभारी राजीव शुक्ला के खिलाफ भी आ रही हैं और भाजपा नेता अनुराग ठाकुर से उनकी गहरी दोस्ती को निशाना बनाया जा रहा है। माना जा रहा है कि हिमाचल के चुनाव के बाद ही खड़गे पार्टी संगठन में व्यापक फेरबदल करेंगे, और अतीत में जी-23 ग्रुप से जुड़े सदस्यों को भी पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपेंगे।

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