Posted on 17 April 2011 by admin
शांतिभूषण को कांग्रेस हलके में नहीं छोड़ने वाली है, अमर सिंह से उनकी बातचीत का टेप तो इसका आगाज मात्र है, असली खेल तो अभी बाकी है। उनसे जुड़े कई और मसले भी प्रकाश में आने वाले हैं। वैसे भी कांग्रेस उन्हें गैर राजनीतिक व्यक्ति नहीं मानती, क्योंकि सन् 1980 में भाजपा के स्थापना वर्ष में वे भगवा पार्टी के उपाध्यक्ष थे, फिर वे जनता सरकार में कानून मंत्री भी बने। इसके अलावा इनके पुत्र प्रशांत भूषण का हिमाचल प्रदेश के पालनपुर में अपना एक मकान है। अब इस मामले की जांच चल रही है कि कैसे एक गैर हिमाचली व्यक्ति ने हिमाचल में संपत्ति खरीद ली। वैसे तो जो टेप लीक हुई है उसमें महज 1 मिनट 55 सेकंड की बातचीत दर्ज है। पर कहते हैं कि सरकार के पास बातचीत के कुछ और भी टेप्स हैं जिन्हें समय-काल के साथ रिलीज किया जा सकता है। सूत्रों की माने तो सरकार ने बकायदा शांतिभूषण का पूरा डासियर तैयार कर रखा है।
Posted on 17 April 2011 by admin
‘… कितनी सदियों का कत्ल होता है एक लम्हे की बदगुमानी से’क्या अमरीका मान चुका है कि मनमोहन सिंह अब नहीं चलाए जा सकते, सो मुशर्रफ की तर्ज पर उन्हें भी बदलने की जरूरत आन पड़ी है, क्या यह महज इत्तफाक है कि अन्ना हजारे के समर्थन में जुटे ज्यादातर एनजीओ पश्चिम से मदद प्राप्त हैं। टीवी चैनल जो खूब मुहिम चला रहे हैं सब में कहीं न कहीं अमरीकी पुच्छल्ला जुड़ा है… कहीं सीएनएन, कहीं फॉक्स तो कहीं रायटर… क्या इसके बाद कश्मीर के लाल चौक पर भी कोई रैली करने की योजना है? क्या अमरीका का कश्मीर के प्रति वही नजरिया है जैसा उसने सर्बिया में किया… एक आजाद कश्मीर का प्रादुर्भाव चाहे अमरीकी हितों का कितना भी पोषण करे, इससे भारत का अखंड राष्ट्रवाद तो आहत होता ही है। सोनिया कहीं से भी अमेरिकी निशाने पर नहीं हैं, क्या सिर्फ प्रधानमंत्री बदल जाने भर से हमारी समस्याओं की इतिश्री हो जाएगी?
Posted on 10 April 2011 by admin
सोनिया गांधी चुनाव प्रचार के लिए केरल में थीं, जहां उन्हें कांग्रेसी गठबंधन (यूडीएफ के उम्मीदवारों के पक्ष) के लिए प्रचार करना था। एक सभा में जिसमें व्यालार रवि और रमेश चेन्नीथला भी मौजूद थे। सोनिया जोश ही जोश में अपील कर गईं कि ‘आप एलडीएफ (वाम गठबंधन) को वोट दें,’ मंच पर मौजूद कांग्रेसी नेताओं ने इसे मैडम का ‘स्लीप ऑफ टंग समझा’ सो बस मुस्करा दिए। लेकिन जब सोनिया ने दुबारा यही बात दुहराई कि ‘मैं आपसे अपील करती हूं कि आप एलडीएफ को वोट दें’ तब तक मंच पर मौजूद कांग्रेसी नेताओं के चेहरे सफेद पड़ने लगे।
Posted on 10 April 2011 by admin
पीएसी अध्यक्ष होने के नाते मुरली मनोहर जोशी अपने अधिकार क्षेत्र से भली-भांति वाकिफ थे, सो रतन टाटा, अनिल अंबानी, नीरा राडिया सरीखों को पूछताछ के लिए बुलाने का उनका इरादा बिल्कुल नहीं था। पर चोर की दाढ़ी में तिनका, वह तो इन तीनों ने और कई अन्य व्यक्तियों ने स्वयं चिट्ठी लिखकर जोशी से आग्रह किया कि वे अपना पक्ष रखने के लिए पीएसी के समक्ष उपस्थित होना चाहते हैं, ‘अंधा क्या चाहे दो आंखें’ सो जोशी ने फौरन पूछताछ के लिए इन्हें तलब कर लिया यह सत्य जानते हुए कि पीएसी का अधिकार क्षेत्र सिर्फ सीएजी रिपोर्ट में लगाए गए (2जी स्पेक्ट्रम मामले) आरोंपो की जांच भर है।
Posted on 10 April 2011 by admin
प्रफुल्ल पटेल ने जाते-जाते एयर इंडिया का भट्ठा बिठाने का पुख्ता इंतजाम कर दिया है। अब वर्तमान नागरिक उड्डयन मंत्री व्यालार रवि इन तमाम तरह के मामलों को झाड़-पोंछकर बाहर निकाल रहे हैं। यूं भी सवाल अहम है कि एमिरेट्स, एयर एशिया व गल्फ एयर को भारत में इतने महत्त्वपूर्ण गोल्डन रूट्स आखिरकार कैसे मिल गए? सूत्रों के अनुसार पूर्र्ववत्ती मंत्री का एक खास बंदा है जिसने इन सारी डील को अंजाम तक पहुंचाया है, इसी व्यक्ति के दफ्तर में एयर एशिया का ऑफिस चलता है, एमिरेट्स के विपणन अधिकार भी इसी व्यक्ति के पास हैं। एमिरेट्स की लो फेयर ‘फ्लाई दुबई’ की उड़ान चंडीगढ़ से शुरू हो गई है। कई और नए रूट्स दिए जा रहे हैं। कहा जाता है कि यह हजारों करोड़ का खेल है, 20 डॉलर प्रति सीट के हिसाब से भुगतान होने की बात कही जा रही है। इसी व्यक्ति के आईजीआई एयरपोर्ट पर कई डयूटी-फ्री शॉपस भी हैँ। अब नाम में क्या रखा है , इस व्यक्ति का नाम भाजपा के प्रकाश जावड़ेकर पहले ही राज्यसभा में ले चुके हैं।
Posted on 03 April 2011 by admin
ऐसे में जबकि पूरा देश क्रिकेट के उन्माद में बेतरह डूबा था, सो भाजपा जानती थी कि ऐन वक्त सियासी तराने छेड़ना शायद ही किसी को रास आए। पर अब चूंकि विश्व कप का बुखार उतार पर है। सो अब आने वाले दिनों में यह मामला गर्मा सकता है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी के सम्मान में दिए गए रात्रि भोज में सरकार व बीसीसीआई लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा को आमंत्रित करना कैसे भूल गई? यह तो मामूली से प्रोटोकॉल का तकाजा है कि जब कोई भी विदेशी प्रधानमंत्री भारत आता है तो उनके सम्मान में दिए गए लंच या डिनर में नेता प्रतिपक्ष को जरूर बुलाया जाता है। अब यह क्रिकेट की डिनर डिप्लोमेसी थी, या देश की या फिर शायद कांग्रेस की। सो वहां सोनिया, राहुल के अलावा रॉबर्ट तक आमंत्रित थे। शशांक मनोहर और राजीव शुक्ला हर तरफ रंग में थे, क्या यह लोकसभा में विपक्ष के रवैए का कांग्रेसी जवाब है? सवाल यही तो लाख टके का है।
Posted on 03 April 2011 by admin
चिदंबरम बेतरह नाराज हैं पाक पर पीएमओ की पहल से। इसीलिए वे बुधवार को मोहाली आने के बजाए चैन्नई चले गए, चुनाव प्रचार की आड़ में। प्रणब मुखर्जी भी इस पहल से नाखुश बताए जा रहे हैं इसीलिए उन्होंने भी मोहाली जाने के बजाए सीधे गुवाहाटी की फ्लाइट पकड़ ली। चूंकि गिलानी के मंत्रियों के जत्थे में वहां के गृह मंत्री भी शामिल थे, सो प्रोटोकॉल के लिहाज से चिदंबरम का वहां मौजूद रहना और भी जरूरी था, पर पीसी अपनी नाराजगी को सार्वजनिक रूप देना चाहते थे, इसीलिए उन्होंने चैन्नई की फ्लाइट पकड़ ली। जबकि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री गिलानी के साथ जो सात मंत्रियों का दल आया था, वे सभी अलग-अलग पार्टियों से थे। चिदंबरम से उलट प्रधानमंत्री की राय थी कि ‘हम एक विशाल राष्ट्र है चुनांचे हमें छोटी-छोटी बातों को भुलाकर फराख दिली का परिचय देते हुए पड़ोसियों से मिलना चाहिए।’ इस पूरे मामले में विदेश मंत्रालय को अंधेरे में रखा गया था, गिलानी को आमंत्रण भी प्रधानमंत्री की ओर से मिला था, और मामले में सारी पहल भी पीएमओ ही कर रहा था, ऐसे में एस.एम.कृष्णा का नाराज होना भी बनता है। पर मनमोहन को इन बातों की फिक्र नहीं, पाकिस्तान से उनकी यादें जुड़ी हैं, वे इसीलिए भी खुश थे कि गिलानी ने अपने प्रतिनिधिमंडल में केवल मंत्रियों को शामिल किया था, किसी नौकरशाह को साथ लाए ही नहीं थे, सो बातचीत का ब्यौरा या नोट तैयार करने वाला भी कोई नहीं था, चुनांचे गिलानी ने भी मन व दिल खोल कर बातें की और मनमोहन का दिल तो पहले से ही खुला हुआ था।
Posted on 03 April 2011 by admin
अभी भारत व पाक में डिनर डिप्लोमेसी परवान चढ़ती इससे पहले ही इस्लामाबाद के भारतीय दूतावास में एक अप्रिय घटना घट गई। उसी दिन इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिबंधित क्षेत्र में एक कार घुस आई, कार के ड्राइवर को उस रात वहीं दूतावास में ही पूछताछ के लिए रोक लिया गया। बदले की कार्यवाई करते हुए पाकिस्तान ने तुरंत ही भारतीय दूतावास के एक सीनियर काऊंसलर को बगैर किसी तय कारण के उसी रात अरेस्ट कर लिया। अब जाकर बीच-बचाव हो रहा है, भारत सरकार कह रही है कि हमने आपके ड्राईवर को छोड़ दिया है, आप भी हमारे बंदे को छोड़ दो। बंदा दीगर आप भी देख लो किस जमीन पर हो रही है एक नए रिश्ते की शुरुआत।
Posted on 22 March 2011 by admin
यूं तो सियासत भी सांप-सीढ़ी का अनोखा खेल है, पर अब इसकी धमक संसद तक देखी जा सकती है। सत्तापक्ष ने शह-मात की बिसात पर जेपीसी का झुनझुना पकड़ा संसद चलने का उचित माहौल बनाया ही था कि सांप-सीढ़ी के खेल में सत्तापक्ष को 99 पर सांप डंस गया, पक्ष-विपक्ष के समीकरण फिर से 2 पर आ पहुंचे हैं। पर विपक्षी दलों में इस बात को लेकर आम राय बनी है कि चाहे विकीलिक्स को लेकर संसद में कितना भी गतिरोध हो, पर अगले हफ्ते बजट पास हो जाएगा और अगर बजट पास नहीं हुआ तो फिर 1 अप्रैल को सरकारी नौकरों को तनख्वाह कहां से मिलेगी? पर विकीलिक्स पर संसद में हंगामा बदस्तूर जारी रहने वाला है, और बार-बार संसद भी स्थगित होती रहेगी?
Posted on 15 March 2011 by admin
अपनी शादी से हालिया दिनों में सुर्खियों के सरताज बनने वाले वरुण गांधी असम में भगवा पार्टी के चुनाव प्रचार के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। भगवा गांधी ने अपनी भावनाओं से पार्टी हाईकमान को अवगत करा दिया है। इस दफे गडकरी ने जब अपनी नई टीम बनाई तो उन्होंने वरुण को पार्टी का राष्ट्रीय सचिव बनाने के साथ-साथ असम का चुनाव प्रभारी भी बनाया था। वरुण ने पिछले कई महीनों से असम में अपने को पार्टी कार्य में झोंक रखा था, युवा गांधी की वजह से असम में पार्टी के पक्ष में एक सकारात्मक माहौल भी बना था, लेकिन जब असम में पार्टी टिकट बंटने की बारी आई तो गडकरी करीबी हाईजैकर पार्टी एजेंडा के साथ सारी टिकटें भी लूट गए। वरुण ने अपनी ओर से कुछ उम्मीदवारों की पैरवी की थी, पर इनको पार्टी ने टिकट से वंचित कर दिया। असम की स्थानीय भाजपा का आरोप है कि भाजपा अगप के हाथों बिक गई है। सभी प्रमुख अगप नेताओं के खिलाफ भाजपा ने एकदम कमजोर उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, वहीं बदले में अगप सिर्फ तीन सीटों पर भाजपा को मदद कर रही है। असम भाजपा के उपाध्यक्ष राजन गोहांई ने भी विरोध स्वरूप अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष को भेज दिया है। वरुण अब अपना सारा ध्यान यूपी में विभिन्न रैलियां करने पर लगा रहे हैं।