Posted on 09 July 2012 by admin
सवाल अहम है कि किसे क्या मिलेगा? सबसे ज्यादा खींचातानी वित्त मंत्रालय को लेकर है। प्रणब दा ने इसे रीता छोड़ रायसीना हिल्स की ठौर पकड़ ली है। चुनांचे कई बडे-बड़ों की नजरें मंत्रालय पर अटकी हैं। पर अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री इस दफे वित्त मंत्रालय किसी और को देने के मूड में नहीं दिखते। डा. सिंह अपने जिन खास चंपुओं को इस मंत्रालय से उपकृत करना चाहते हैं, उन नामों पर दस जनपथ तैयार नहीं है। मसलन, मंटोक सिंह आहलूवालिया। सो, बहुत मुमकिन है वित्त मंत्रालय प्रधानमंत्री के ही पास रहेगा। वे बड़े आर्थिक सुधारों की वकालत करेंगे और अगला आम बजट स्वयं पेश करने की चेष्टा भी करेंगे।
Posted on 02 July 2012 by admin
इनकी गिनती देश के सबसे ईमानदार अफसरों में होती है। तभी तो इन्होंने एक नहीं देश के कम में कम तीन महाघोटालों का खुलासा किया है। पर पिछले दिनों एयरपोर्ट के निजीकरण और कोयला घोटाले का शोर यकबयक मंद पड़ गया तो सियासी गलियारों में इस बात के निहितार्थ ढूंढे जाने लगे। जब मामले को और खंगाला गया तो मुंबई के एक बड़े उद्योगपति की भूमिका भी सामने आई जिनका नाम बारंबार कोयला घोटाले में उछल रहा था। जैसे अंधे के हाथ लग गई हो बटेर उसी तर्ज पर इस उद्योगपति महोदय के हाथ एक बहुत पुरानी एफआईआर की कॉपी लग गई जिसके तार इस ईमानदार अफसर के बैंकर पुत्र से जुड़े थे। उद्योगपति महोदय भागे-भागे दिल्ली आए और उन्होंने यह एफआईआर की कॉपी कांग्रेसी सर्वशक्तिमान अहमद पटेल को सौंप दी। और पटेल इसे लेकर सीधे दस जनपथ जा पहुंचे यानी सच की पूंछ पर सत्ता के दानवी पैर पड़ चुके हैं।
Posted on 18 June 2012 by admin
ममता और सोनिया में छिड़ी जंग की परिणति चाहे जो भी हो, एक शख्स है जो इन बदले घटनाक्रमों से बेतरह खुश है यह शख्स कोई और नहीं कांग्रेस पार्टी के बंगाल में मुखिया प्रदीप भट्टाचार्या हैं। ममता और सोनिया की मुलाकात के ठीक चार दिन पहले जब भट्टाचार्या श्रीमती गांधी से मिलने पहुंचे तो सोनिया ने उन्हें घुड़की लगाते हुए कहा था कि तृणमूल के साथ आप संकट बढ़ाइए, नहीं संकट सुलझाइए। जबकि भट्टाचार्या इस बात को लेकर खासी चिंता जाहिर कर रहे थे कि बंगाल के 6 निकाय चुनावों में कांग्रेस महज 1 पर जीत पाई है। भट्टाचार्या की दूसरी प्रमुख शिकायत थी कि ममता एक गठबंधन साथी के तौर पर कांग्रेस का सम्मान नहीं करती हैं। तब सोनिया ने डपट कर भट्टाचार्या को दस जनपथ से विदा कर दिया था। आज एक बदले परिदृश्य में सोनिया के सलाहकार भट्टाचार्या से संपर्क कर कह रहे हैं कि वे तृणमूल के खिलाफ एक प्रदेश व्यापी मुहिम चलाने को तैयार रहें।
Posted on 18 June 2012 by admin
अगर प्रणब दा के नाम पर भाजपा और एनडीए राजी हो जाता है तो उपराष्ट्रपति का पद कांग्रेस एनडीए को देने को राजी है। और अगर उपराष्ट्रपति पद की दावेदारी एनडीए के पास आ जाती है तो प्रकाश सिंह बादल, एस.वाई.कुरैशी और जसवंत सिंह के नाम इस रेस में शामिल हो सकते हैं।
Posted on 04 June 2012 by admin
प्रणब मुखर्जी ने सोनिया गांधी से मिलकर उनसे साफ कर दिया है कि वे लोकसभा का अगला चुनाव नहीं लड़ेंगे। यानी प्रणब ने एक तरह से 10 जनपथ पर यह साफ-साफ दबाव बना दिया है कि या तो उन्हें राष्ट्रपति बनाया जाए या फिर मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति बना दिया जाए और उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी सौंप दी जाए। सोनिया गांधी फिलहाल उत्तराखंड के बागेश्वर में दिल्ली की गर्मी से निजात पाने के लिए डटी हुई हैं। एक दो रोज में उनकी दिल्ली वापसी होगी। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी दिल्ली की गर्मी से दूर यूरोप गए हुए हैं। सोनिया मनमोहन को राष्ट्रपति के तौर पर जरूर देखना चाहती हैं पर इस प्लॉन के साथ कि वैसी सूरत में युवराज राहुल प्रधानमंत्री की गद्दी संभाले। यानी अभी भी यूपीए में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर संशय का आलम बरकरार है, लिस्ट में वही पुराने नाम उमड़-घुमड़ रहे हैं, यानी प्रणब मुखर्जी, मीरा कुमार व हामिद अंसारी के।
Posted on 28 May 2012 by admin
जब से सूबे में अखिलेश की सरकार आई है माया समर्थक करीबी अधिकारियों पर नई सरकार की गाज लगातार गिर रही है। अब बारी माया समर्थक बिल्डरों की है जिन्होंने माया की माया से अपनी तिजौरियों में दोनों हाथों से माया भर ली। अखिलेश सरकार ने शराब व्यवसायी और बिल्डर पोंटी चङ्ढा के खिलाफ बकायदा मोर्चा खोला हुआ है। अब बारी मायावती के भाई आनंद के करीबी बिल्डरों की है, आनंद के फ्रंटमैन आम्रपाली गु्रप के अनिल शर्मा हुआ करते थे, अखिलेश सरकार ने उनका सारा डॉसियर तैयार करवा लिया है, कार्यवाही की घड़ी कभी भी आ सकती है।
Posted on 28 May 2012 by admin
जैसा कि पहले से अटकलें लग रही थी कि भाजपा की मुंबई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी खासी हंगामाखेज होगी, खूब उठापटक हुई, मोदी का कद बढ़ा तो कई कद वाले नेता नेत्रियों ने न सिर्फ पार्टी में अपनी किरकिरी कराई, अपितु कार्यकर्ताओं में भी अपना विश्वास खोया। तमाम अटकलों के बीच पार्टी का संविधान संशोधन गडकरी के लिए नए अध्यक्षीय मायने लेकर आया, जाहिर है इस संशोधन का फायदा पार्टी के प्रदेश व जिला अध्यक्षों को भी मिलेगा। जैसाकि सूत्र बताते हैं कि आगामी अगस्त-सितंबर माह में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाई जाएगी जिसमें इस संशोधन प्रस्ताव को औपचारिक अनुमोदन प्राप्त हो जाएगा। यानी गडकरी 2015 तक के लिए फिर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए जाएंगे।
Posted on 21 May 2012 by admin
कभी सोनिया गांधी के विदेशी मूल के सवाल पर पार्टी छोड़ने वाले पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी.एस.संगमा पिछले 3 दिनों से लगातार यह कोशिश कर रहे हैं कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी का वक्त उन्हें मिल जाए और इस कार्य में उनकी पुत्री व केंद्रीय राज्य मंत्री अगाथा संगमा भी उनकी पूरी मदद कर रही हैं पर अब तलक संगमा को सोनिया से मिलने का वक्त नहीं मिल पाया है।
Posted on 13 May 2012 by admin
अपने हालिया राजनैतिक अभ्युदय से गदगद् भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी अपने गृह क्षेत्र नागपुर के 50 कृषकों के साथ 14 मई की सुबह मुंबई से तेल अवीव की उड़ान पकड़ रहे हैं। इजराइल की राजधानी में आयोजित होने वाले इस एग्रोटेक सेमिनार प्रदर्शनी में शिरकत करने के लिए गडकरी ने काफी पहले से तैयारियां कर रखी हैं। यह प्रदर्शनी 20 मई तक चलनी है, इसके बाद ही गडकरी की स्वदेश वापसी होनी है। दरअसल, यह प्रदर्शनी कृषि उत्पादों के लिए न्यू एज टेक्नोलॉजी का लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है। दरअसल, इजराइल ने पहले ही यह साबित कर दिया है कि कम पानी में भी कैसे बेहतर खेती की जा सकती है। तेल अवीव में गडकरी वहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतानयाहू और बैंक ऑफ इजराइल के गवर्नर स्टेनले फिशर से भी मिलेंगे। दरअसल इजराइल को भारत के दक्षिण पंथी राजनीति की खासी समझ है और वह पूर्व में भी अडवानी, सुषमा जैसे वरिष्ठ भाजपा नेताओं को अपनी सरजमीं पर आमंत्रित कर चुका है। अब बारी गडकरी की है, लगता है अध्यक्ष जी के बारे में इजराइल सरीखे राष्ट्रों ने भी अपनी राय बदल ली है, अब बारी उनके ही पार्टी नेताओं की है।
Posted on 07 May 2012 by admin
पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय नेता प्रमोद महाजन की पुण्यतिथि पर जहां एक ओर उनके अनुयायी रहे भाजपा नेता सुधांशु मित्तल ने राजधानी से प्रकाशित होने वाले तमाम दैनिकों में उन्हें याद करते हुए बड़े-बड़े विज्ञापन छपवाए, तो दिवंगत महाजन की पुण्यतिथि के रोज ही जोर-शोर से खोज हुई कि उनके पुत्र राहुल महाजन कहां हैं और क्या कर रहे हैं? तो पता चला कि वे मुंबई के एक मशहूर नाइट क्लब में झूम रहे हैं।