Posted on 30 October 2012 by admin
अब कांग्रेस सरकार भी टीम केजरीवाल पर पलटवार के लिए कमर कस रही है। टीम अन्ना और टीम केजरीवाल के तमाम सदस्यों पर पैनी निगरानी रखी जा रही है। उनके अगले-पिछले रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है, उनके चिट्ठे खोलने की तैयारी है। सबसे पहला शिकंजा शाािया इल्मी और उनके शौहर साािद मलिक पर कस सकता है। सनद रहे कि ये वही मलिक हैं जो ‘वेंचुरा सिक्यूरिटीा लिमिटेड’ के मालिक हैं। और इनका नाम सिक्यूरिटी स्कैम से भी जोड़ा जा रहा है। वैसे भी यह आरोपो-प्रत्यारोपो का फेस्टिव सीान है, इसे इंडिया का ‘अरब स्प्रिंग’ भी कहा जा रहा है। और इसी के तहत रॉबर्ट वाड्रा पर स्पेशल एडिशन लाने की चर्चा भी जोरों पर है।
Posted on 17 October 2012 by admin
Leider ist der Eintrag nur auf English verfügbar.
Posted on 08 October 2012 by admin
पिदले दिनों जद (यू) के राज्यसभा सांसद एन.के.सिंह के साथ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरूण जेटली अमेरिका पहुंचे। वहां उन्हें कोलंबिया यूनिवर्सिटी में आर्थिक उदारीकरण और एफडीआई को लेकर एक बहस में हिस्सा लेना था। और अपने राजनीतिक विरोधी सलमान खुर्शीद को एफडीआई को लेकर दलीलों में परास्त करना था। जाहिर है वाक्य शैली में माहिर जेटली अपनी पूरी तैयारी के साथ कोलंबिया पहुंचे थे। पर वहां पहुंचकर उन्हें ज्ञात हुआ कि सलमान खुर्शीद तो बहस के लिए आ ही नहीं रहे हैं। यूपीए सरकार के सिरमौर ने एफडीआई पर मौजूदा संकटों को देखते हुए उन्हें दिल्ली में ही बने रहने का निर्देश दिया है। यानी जेटली के तर्कों के तमाम अकाटय तीर उनके तरकश में ही रह गए।
Posted on 25 September 2012 by admin
मौजूदा यूपीए सरकार खुद को ज्यादा पढ़े-लिखों की जमात मानती है। चुनांचे चंद प्रबुध्द मंत्रियों के मन में यह बात घर कर गई है कि देश की कम पढ़ी-लिखी नासमझ जनता को एफडीआई से होने वाले फायदे समझ में नहीं आ रहे हैं। सो, तााा-तााा एक सौ करोड़ रूपयों का फंड सूचना और प्रसारण मंत्रालय को सिर्फ इस बात के लिए आबंटित किया गया है कि मंत्रालय अपने अन्य साथी मंत्रालयों के साथ मिलकर एफडीआई से होने वाले फायदों को विज्ञापन की शक्ल में आम जनता के सम्मुख लेकर जाए। इसकी बानगी आने वाले चंद दिनों में देखने को मिल जाएगी।
Posted on 19 September 2012 by admin
आने वाले दिनों में आईबी को आलोक जोशी के रूप में एक नया मुखिया मिल सकता है। जोशी हरियाणा कैडर के हैं। वहीं रॉ के नए मुखिया बनने की राह में फिलवक्त टोनी माथर का नाम सबसे आगे नार आ रहा है।
Posted on 10 September 2012 by admin
सूत्र बताते हैं कि आंध्र प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर चंद्रशेखर राव की टीआरएस और जगनमोहन रेड्डी अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में करने को तैयार हो गए हैं। पर मुफीद वक्त का इंतजार
Posted on 10 September 2012 by admin
सनद रहे कि इस दफे के विधानसभा चुनावों में प्रियंका गांधी ने राय बरेली की 5 सीटों के लिए जिन नामों की सिफारिश की थी उनमें से एक भी व्यक्ति को कांग्रेस का टिकट नहीं मिल पाया। जबकि प्रियंका ने ये नाम रायबरेली की स्थानीय राजनीति और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए तय किए थे। इन दिनों जबसे सोनिया की तबियत नासाज हुई है और वह अमेरिका में अपना इलाज करवा रही हैं प्रियंका का ज्यादातर वक्त अपनी मां के साथ ही गाुरता है। सोनिया की देखभाल का पूरा जिम्मा प्रियंका ने उठा रखा है, वक्त पर दवाई देना, सोनिया की जरूरी बातों का ध्यान रखना और दोपहर में नियम से साथ लंच करना। सो, अब सोनिया को भी लगने लगा है कि आने वाले दिनों में प्रियंका संगठन में सक्रिय भूमिका में अवतरित हो जाएं। तथा लोकसभा का अगला चुनाव रायबरेली या अमेठी से लड़ें।
Posted on 04 September 2012 by admin
शरद पवार भी नहीं चाहते हैं कि हाऊस चले, नहीं तो एयर इंडिया के जहाज खरीद के मामले खुलेंगे और उस पर बिलावजह हंगामा होगा। बात प्रफुल्ल की होगी, पर निशाने पर होंगे वे।
Posted on 04 September 2012 by admin
कोयला मामले में कांग्रेस के दो मंत्री सीधे-सीधे फंस रहे हैं, 5 सांसद और उनके नजदीकी रिश्तेदार भी इस मामले के लाभार्थी हैं। और तो और इस मामले में दो बड़ी मीडिया कंपनियां भी फंस रही हैं, जिनमें से एक का साम्राज्य मध्य प्रदेश में फैला है तो दूसरी का महाराष्ट्र में। कांग्रेस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि जब दासारि नारायण राव और सुब्बारामी रेड्डी केंद्र में मंत्री थे तो उनके खिलाफ सोनिया गांधी के पास कई शिकायतें पहुंची थीं, तब कांग्रेस ने अघोषित तौर पर यह तय किया था कि जो भी बिजनेसमैन कांग्रेस से ‘स्लिप’ लेकर आएगा , तब ही कोल ब्लॉक्स के आबंटन के लिए उनका दावा मजबूत समझा जाएगा। शायद इसीलिए छत्तीसगढ़ के भगवा सीएम रमण सिंह बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने मोतीलाल वोरा की सिफारिशी चिट्ठी पर ही अपने यहां कोल ब्लॉक्स के आबंटन किए। यहां तक कि आज अस्फुट तौर पर सीबीआई को भी यह दावा करते सुना जा सकता है कि कम से कम 55 कंपनियों पर ‘प्राइमाफेसी’ मामला तो बनता ही है।
Posted on 28 August 2012 by admin
सियासी गलियारों में कांग्रेस ने अपनी ओर से यह ख़बर उड़ा रखी है कि इसी सोमवार को एक हाई-टी का आयोजन है जिसमें कोलगेट का मसाला निपटा लिया जाएगा, पर भाजपा के नोतागण ऐसी किसी हाईटी को कोरी बकवास बता रहे हैं,उनका साफ तौर कहना है कि अगर ऐसा कोई आयोजन है तो वे उसमें जाने वाले नहीं हैं,और भाजपा इस बात के लिए कृत संकल्प दिखती है कि संसद का यह मानसून सख् कोलगेट की भेंट चढ़ जाएगा ।