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उत्तर-पूर्व के दो सीएम बदले जा सकते हैं

Posted on 24 September 2022 by admin

भाजपा का शीर्ष नेतृत्व उत्तर-पूर्व के दो राज्यों का सीएम बदलना चाहता है, इसमें से एक हैं पी संगमा के पुत्र कॉनरेड संगमा और दूसरे हैं अरूणाचल के सीएम पेमा खांडू। स्वर्गीय संगमा के पुत्र कॉनरेड को भाजपा की ओर से कहा गया है कि ’क्यों नहीं वे अपनी क्षेत्रीय पार्टी एनपीपी का विलय भाजपा में कर देते हैं।’ इस प्रस्ताव को कॉनरेड ने यह कहते हुए ठुकरा दिया है कि ’ऐसा कर पाना उनके लिए संभव नहीं होगा क्योंकि उनकी पार्टी को क्रिश्चियन समुदाय का ही सबसे बड़ा समर्थन हासिल है और भाजपा एक हिंदूवादी पार्टी के तौर पर जानी जाती है।’ अरूणाचल की पेमा खांडू सरकार पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। इन बातों से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व परेशान हैं। वहीं केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू जो भाजपा के नंबर दो के बेहद करीबियों में शुमार होते हैं, उनकी एक पुरानी इच्छा है अरूणाचल का सीएम बनना। सो, पेमा खांडू के खिलाफ चल रहे तमाम खबरों को वे सीधे भाजपा शीर्ष तक पहुंचाते हैं, क्योंकि जब खांडू गद्दी खाली करेंगे तब ही तो उनका नंबर लग पाएगा।

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भाजपा के जाल में ऐसे फंस गई कांग्रेस

Posted on 19 June 2022 by admin

हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में आखिरकार राहुल करीबी अजय माकन कैसे महज़ आधा वोट से मात खा गए? इसकी पटकथा उसी वक्त लिखी जा चुकी थी जब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने हरियाणा की पूरी बागडोर एक तरह से भूपिंदर सिंह हुड्डा के हवाले कर दी थी। सूत्रों की मानें तो इस बात से तिलमिलाए हुड्डा विरोधियों का किरण चौधरी के फॉर्म हाऊस पर जमावड़ा हुआ। सूत्रों की मानें तो इस गुप्त मीटिंग में कुलदीप बिश्नोई, कुमारी सैलजा और किरण चौधरी की भी उपस्थिति थी। कहते हैं इसी बैठक में तय हो गया था कि विरोध का बिगुल सबसे पहले कुलदीप बिश्नोई फूंकेंगे। उनके इस विरोध को अपरोक्ष तौर पर किरण चौधरी का समर्थन रहेगा। सो, जब इस दफे के राज्यसभा चुनाव में किरण चौधरी का वोट रद्द हुआ तो सीनियर कांग्रेसियों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं, क्योंकि किरण चौधरी के लिए वोट में गलती की कोई गुंजाइश बचती नहीं थी, क्योंकि अब से पहले वह छह ऐसे चुनावों में सफलतापूर्वक वोट कर चुकी थीं।

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एक अनार सौ, बीमार

Posted on 03 January 2022 by admin

कांग्रेस की जयपुर रैली की कामयाबी का सेहरा अजय माकन खुद ही अपने सिर बांध रहे हैं, वे इस बात का क्रेडिट लेने का भी प्रयास कर रहे हैं कि दिल्ली की इस ‘महंगाई विरोधी रैली’ को जयपुर ले जाने का आइडिया भी उनका ही था। दरअसल, माकन की नज़र राजस्थान से आने वाली राज्यसभा की सीट पर टिकी है। अप्रैल माह में यह सीट आने वाली है, जहां से आनंद शर्मा रिटायर होने वाले हैं। जी-23 में उनकी यानी शर्मा जी की संलिप्तता को देखते हुए इस बात की उम्मीद बेहद क्षीण है कि उन्हें दुबारा से राज्यसभा मिलेगी। सो, अजय माकन इस सीट को लेकर अभी से कदमताल कर रहे हैं। वहीं सोनिया गांधी के करीबियों में शुमार होने वाले ए के एंटोनी और सुशील कुमार शिंदे की नज़र भी इसी इकलौती सीट पर टिकी है। पर इन दिनों पार्टी में वही हो रहा है जो राहुल चाहते हैं, अजय माकन से बेहतर इस बात को कौन और समझ सकता है, क्योंकि इन दिनों वे राहुल के नंबर वन झंडाबरदार में शुमार होते हैं।

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…और अंत में

Posted on 28 August 2021 by admin

जाति आधारित जनगणना की मांग लेकर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष लल्लन सिंह, अपना दल (सोनेवाल) की अनुप्रिया पटेल, आरपीआई के रामदास अठावले सरकार के नंबर दो अमित शाह से मिले और उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा, बाहर निकल कर इन नेताओं ने मीडिया से भी बात की, लल्लन ने कहा कि ‘ज्ञापन के साथ हमने बिहार विधानसभा का ‘रेज्यूलेशन बिल’ भी अटैच्ड कर दिया है इस बिल को राज्य के भाजपा विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है।’ लल्लन का तल्खी से पूछना था कि अगर भाजपा बिहार में जाति आधारित जनगणना के लिए राजी है तो फिर दिल्ली-यूपी में क्या प्रॉब्लम है? ऐसे तल्ख सवाल सरकार के नंबर दो से कोई पहले पूछने की हिम्मत कर सकता था क्या? सरकार का इकबाल कम हुआ है या सहयोगी दलों के हौसले ज्यादा बढ़ गए हैं?

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…और अंत में

Posted on 06 June 2021 by admin

इन दिनों भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष का सितारा सातवें आसमान पर है, भाजपा में भी वे हर मर्ज की एक ही दवा बने हुए हैं। जब से दत्तात्रेय होसाबोले संघ के नए सर कार्यवाह बने हैं संतोष की तो लॉटरी निकल आई है, क्योंकि वे न सिर्फ होसाबोले के सजातीय ब्राह्मण हैं, बल्कि वे भी कर्नाटक के उसी गांव से आते हैं, जो कि होसाबोले का भी अपना पुश्तैनी गांव हैं। इन दोनों की दोस्ती भी काफी पुरानी है, कहा जाता है कि बीएल संतोष की दिली तमन्ना है कि एक दिन वे भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनें, शायद यही वजह है कि बीएस येदुरप्पा उन्हें फूटी आंखों नहीं सुहाते हैं, जब से भाजपा में संतोष मजबूत हुए हैं, येदुरप्पा के खिलाफ मंत्रियों और विधायकों का असंतोष रोज नए गुल खिला रहा है, पर देखना दिलचस्प रहेगा कि क्या बिल्ली के भाग्य से छींका टूटता है?

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क्या हिंदुत्व का कार्ड फिर से चलेगा?

Posted on 06 June 2021 by admin

संघ इस बात को लेकर खम्म ठोंक रहा है कि यूपी में स्थितियां चाहे कितनी भी विकट हों, राज्य का अगला चुनाव हिंदुत्व के मुद्दे पर ही लड़ा जाएगा। कई हिंदुवादी संगठन तथ्यों से अनजान अभी से इस बात को मुद्दा बना रहे हैं कि ’ममता बनर्जी ने भगवान महादेव की आस्था स्थली तारकेश्वर मंदिर का अध्यक्ष एक मुस्लिम नेता फिरहाद हाकिम को बना दिया है जो हिंदू भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।’ पर सच तो यह है फिरहाद हाकिम पश्चिम बंगाल के शहरी विकास मंत्री होने के नाते ‘तारकेश्वर मंदिर डेवलपमेंट बोर्ड’ के अध्यक्ष नियुक्त हुए थे, उनका तारकेश्वर मंदिर ट्रस्ट से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं यूपी में भाजपा को अब संत समाज की भारी नाराज़गी झेलनी पड़ रही है, जब काशी के सौंदर्यीकरण अभियान के तहत बाबा विश्वनाथ मंदिर के आश्रय में खड़ा सैंकड़ों वर्ष पुराना अक्षय वट वृक्ष कट कर नीचे गिर गया, पहले इस वृक्ष को संरक्षित करने की बात कही गई थी, इस वृक्ष के साथ हिंदुओं की कई धार्मिक आस्थाएं जुड़ी हुई हैं। पूरे राष्ट्र में केवल तीन नगरों में ही यह अक्षय वट वृक्ष अवस्थित हैं, काशी, प्रयाग और बिहार के गया में, अपना अक्षय वट वृक्ष गंवा कर काशी के लोग हतप्रभ हैं, यह प्रकृति की लीला है या आने वाले किसी बुरे वक्त का अंदेशा।

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टीएमसी में भगदड़, बीजेपी में गड़बड़

Posted on 04 January 2021 by admin

जिस रफ्तार से दीदी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में भगदड़ मची हुई है और पार्टी के कई बड़े नेता टीएमसी को अलविदा कह बीजेपी ज्वॉइन कर रहे हैं, उससे पश्चिम बंगाल के भाजपा नेताओं की धुकधुकी बढ़ा दी है, क्या पता कब किसका टिकट कट जाए। कभी ममता के बेहद करीबियों में शुमार होने वाले टीएमसी सरकार के मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया तो उनके समर्थक विधायकों का भी भगवा पार्टी में आने का सिलसिला शुरू हो गया। जैसे आसनसोल के एक बाहुबली नेता और टीएमसी विधायक जितेंद्र तिवारी भी भाजपा के पाले में आ गए। यह बात आसनसोल से भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो को बेहद नागवार गुजरी है और उन्होंने आनन-फानन में अपनी भावनाओं का इजहार अपने फेसबुक वॉल पर किया है, बाबुल ने जितेंद्र तिवारी की ओर इशारा करते हुए लिखा है कि ’जिन लोगों ने मेरे कार्यकर्ताओं की पिटाई की, उन्हें मारा, पीटा उनका मैं बीजेपी में आने का विरोध करता हूं।’ सुना यह भी जा रहा है कि बाबुल सुप्रियो के समर्थक जितेंद्र तिवारी के भाजपा में आने का ऐलान करते बैनर-पोस्टर फाड़ रहे हैं। सच पूछिए तो इस मामले में बाबुल अकेले नहीं हैं, पश्चिम बंगाल के भाजपा नेताओं की एक बड़ी तादाद है जो मानते हैं कि टीएमसी और अन्य पार्टियों से ऐन चुनाव के पहले भाजपा में आने वाले नेता उनकी और उनके
समर्थकों की टिकट पाने की संभावनाओं को धूमिल कर रहे हैं।

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गडकरी के लिए क्यों दिल्ली दूर है?

Posted on 20 May 2020 by admin

प्रधानमंत्री के आदेश पर उनके तमाम मातहत मंत्रियों ने दिल्ली में अपने-अपने दफ्तरों में काम करने शुरू कर दिए हैं, पर जाने क्यों सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी अभी भी नागपुर में ही जमे हैं और वहां घर में रह कर लॉकडाउन का संजीदगी से पालन कर रहे हैं। जबकि स्वयं पीएम ने अपने आदेश में कहा था कि डिप्टी सेक्रेटरी से ऊपर के अधिकारियों और मंत्रियों का अपने कार्यालय आना जरूरी है। अब चूंकि गडकरी अभी भी नागपुर में जमे हुए हैं, सो दिल्ली में उनकी खड़ाऊं रखकर उनके पीएस संकेत एस भोंडवे और उनके ओएसडी उनका मंत्रालय चला रहे हैं। गडकरी वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए वहीं नागपुर से जरूरी मीटिंग निपटा लिया करते हैं। गडकरी अगर चाहते तो कोई चार्टर्ड प्लेन पकड़ कर दिल्ली आ सकते थे, पर क्या वजह है कि वे लगातार संघ की धरती नागपुर में ही जमे हुए हैं?

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मोदी की मंत्रियों को नसीहत

Posted on 13 December 2014 by admin

प्रधानमंत्री को अपने कैबिनेट साथियों के लंबे-लंबे भाषण रास नहीं आते, सो उनकी ओर से मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश गए हैं कि कैबिनेट मीटिंग के दौरान में मंत्रिगण शब्दों में मितव्यत्ता करें, मोदी को अपने मंत्रियों का शादी-ब्याह जैसे समारोहों में शरीक होना भी पसंद नहीं, उनका अपने मंत्रियों से कहना है कि वे सार्वजनिक समारोहों में जाने के बजाए अपने मंत्रालय के काम-काज में मन लगाएं।

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और अंत में

Posted on 01 June 2014 by admin

चंद्रशेखर राव का जितना भरोसा अपने ज्योतिषी व वास्तुशास्त्री पर है उतना ही उनका यकीन अपने अंक ज्योतिषी पर भी है। 119 सदस्यीय तेलांगना विधानसभा की गिनती को देखते हुए राव 18 मंत्री बना सकते हैं लेकिन वे बनाएंगे महज 14 और स्वयं उनकी गिनती मिलाकर यह संख्या 15 बैठती है। इसका योग 6 आता है जो राव के लिए बेहद शुभ है।

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