Posted on 08 May 2011 by admin
राज्य की खुफिया विभाग से मिल रही रिपोर्टों ने मायावती की पेशानी पर बल ला दिए हैं, कोई चार महीने पहले राज्य खुफिया विभाग ने एक राज्यव्यापी सर्वेक्षण करवाया था। सूत्र बताते हैं कि उस रिपोर्ट के मुताबिक माया की बसपा को 164 सीटें मिलने की बात कही गई थी, उस वक्त तक माया 2011 के अक्तूबर-नवंबर तक राज्य में चुनाव करवाना चाहती थीं, माया का इरादा जुलाई में विधानसभा भंग करने का था। उन्होंने अपने खुफिया अफसरों से दो महीने ठहर कर फिर ऐसा ही सर्वेक्षण करवाने को कहा, दो महीने बाद हुए सर्वेक्षण में माया की 18 सीटें और कम हो गईं। मुख्यमंत्री माया ने फैसला किया कि यूपी में चुनाव अपने तयशुदा समय पर ही होंगे, माया अगले साल मई-जून का समय माकूल मान रही है, तब यूपी की झुलसा देने वाली गर्मी में बसपा का कैडर वोटर तो वोट डालने की खातिर बाहर आएगा, पर बाबू लोग इस झुलसाती गर्मी में कैसे निकलेंगे घर से बाहर। माया की असली चिंता राज्य में सपा के बढ़ते ग्राफ को लेकर है। और अंदर खाने में जिस तरह कांग्रेसी व सपा की बीच दोस्ती के नए अंकुर फूट रहे हैं, माया इस गठजोड़ को भी खतरनाक मान रही हैं।
Posted on 01 May 2011 by admin
सवाल यही लाख टके का है कि क्या कानीमोझी की गिरफ्तारी होगी? मौजूदा हालात तो ‘हां’ की चुगली खाते हैं, वैसे भी तिहाड़ में कैद राजा को जाने कब से अपनी ‘रानी’ का इंतजार है। पर लोग यह सोचकर गलती कर रहे हैं कि कानी दयालु अम्मा की बेटी हैं, दरअसल वर्षों पहले यही सवाल तमिलनाडु विधानसभा में करुणानिधि से भी पूछा गया था कि ‘रजथी अम्मा कौन है?’ जवाब में कालेचश्मे वाले बाबा ने निर्भीकता से कहा था-‘रजथी अम्मा कानीमोझी की मां हैं और कानी मेरी बेटी है।’ यानी अब तो यह बात छुपाने की नहीं कि तीन पत्नियां है करुणानिधि की, बड़ी की मृत्यु हो चुकी है, दूसरी से अझागिरी, स्टालिन और एक बेटी है, और तीसरी से कानीमोझी। इसीलिए कानी करुणा की इतनी लाडली हैं।
Posted on 01 May 2011 by admin
एक ओर जहां यह कयास लगाए जा रहे हैं कि जैसे ही अगले हफ्ते उमा भारती की भाजपा वापसी सुनिश्चित होगी… उसके बाद गोविंदाचार्य की भी भगवा पार्टी में वापसी हो सकती है, बावजूद इसके गोविंदाचार्य इन दिनों अपने सामाजिक आंदोलनों के माध्यम से भाजपानीत राज्य सरकारों को आड़े हाथों ले रहे हैं, उनकी कैजुअल्टी लिस्ट में ताजातरीन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री निशंक शुमार हुए हैं, पिछले दिनों गोंविदाचार्य दिल्ली में थे उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश से मिलकर गोमुख से लेकर उत्तरकाशी तक के 135 किलोमीटर के क्षेत्र को ‘इको सेंसेटिव जोन’ घोषित करने की अपनी पुरानी मांग दुहराई। उन्होंने जयराम से निशंक को एक करारी चिट्ठी भी लिखवाई, सनद रहे कि पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ एक मीटिंग में निशंक इस 135 किलोमीटर क्षेत्र को ‘ईएस जोन’ घोषित करने पर तैयार हो गए थे, बाद में वे जैसे ही देहरादून पहुंचे अपनी पार्टी के केंद्रीय नेताओं के दबाव में पीएम के समक्ष किए गए वायदे से मुकर गए।
Posted on 01 May 2011 by admin
पीएसी के प्रति कांग्रेसी रवैए को लेकर भाजपा चिंता में है,लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने स्पीकर मीरा कुमार को एक पत्र लिखा है कि अब तलक संसद की यह परंपरा रही है कि लोकसभा समिति (पीएसी) का चैयरमैन हमेशा विपक्ष का होता है, सो इसी परंपरा को कायम रखते हुए आगे के टर्म के लिए भी मुरली मनोहर जोशी को अध्यक्ष मान लिया जाए, जबकि कुछ उत्साही कांग्रेसी अब भी सैफुद्दीन सोज को ही पीएसी का चैयरमैन बनाए रखने के पक्षधर हैं।
Posted on 01 May 2011 by admin
यूनिटेक के संजय चंद्रा 2जी मामले में फिलवक्त सलाखों के पीछे हैं, उनकी जमानत में आ रही मुश्किलों को देखते हुए उन्होंने अपने वकील के.टी.एस तुलसी को राम जेठमलानी से बदल लिया है, बदल तो उन्होंने नीरा राडिया को भी दिया है, नीरा की जगह अब यूनिटेक का पीआर एक्सरसाइज दिलीप चेरियन के जिम्मे आ गया है, चेरियन इस फील्ड के पुराने खिलाड़ी हैं, चुनांचे उन्हें एक और नए अकाऊंट से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता।
Posted on 23 April 2011 by admin
राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेतली की पार्टी की लोकप्रियता का चाहे जो भी आलम हो, उनकी शोहरत सात समंदर लांघ कर अमरीका जा पहुंची है, यूएस स्टेट डिपार्टमेंट से उन्हें अमरीका आने का बुलावा आया है। जेतली 21 जून से 27 जून तक अमरीका में रहेंगे, उनकी यह यात्रा नेता विपक्ष की हैसियत से नहीं अपितु पर्सनल कैपिसिटी में होगी। यूं भी जेतली के अमरीका में खूब नाते-रिश्तेदार हैं, वहां ईस्टकोट से लेकर वेस्टकोट तक में उनके आधा दर्जन से ज्यादा नजदीकी रिश्तेदार रहते हैं।
Posted on 23 April 2011 by admin
पृथ्वीराज चव्हाण ने जब से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली है वह विपक्षी पार्टियों के बजाए आरटीआई यानी सूचना के अधिकार से कहीं ज्यादा डरे हुए हैं। और इतनी फूंक-फूंक कर फाइलों पर साइन कर रहे हैं कि प्रदेश में विकास की रफ्तार लगभग थम सी गई है। दरअसल भाजपा के किरीट सोमैया मुख्यमंत्री के पास एक ऐसी फाइल लेकर पहुंच गए जो स्पेस (अंतरिक्ष)डील से संबंधित एक गोपनीय फाइल थी, हैरान चव्हाण ने किरीट से पूछा कि ‘यह फाइल आपको कहां से मिल गई, मैंने तो पीएमओ में राज्य मंत्री रहते इसे नजर भर ही देखा था?’ ‘पर साइन तो आपके हैं…’ किरीट ने कहा…परेशान मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि हां इस सौदे पर तो उन्होंने ही हस्ताक्षर किए थे पर पीएमओ के अधिकारियों के कहने पर, तब सोमैया ने उन्हें बताया कि ये सारे कागजात उन्हें आरटीआई के माध्यम से मिले हैं। तब से ही महाराष्ट्र में सूचना का अधिकार काम के अधिकार पर भारी पड़ रहा है।
Posted on 17 April 2011 by admin
संघ यह तो काफी समय से चाहता आया है कि अडवानी अब पूरी तरह एक मेंटर की भूमिका में अवतरित हो जाएं और खुद को सक्रिय राजनीति में झोंकने की बजाए बैक सीट से भाजपा को देश की मुख्यधारा में लाने का प्रयास करें। पर इस बार अष्टमी के मौके पर अडवानी के घर हाई-टी पर क्या नेताओं व पत्रकारों का जमावड़ा जुटा कि बहुत से लोगों की शिकायत रह गई कि उन्हें तो बुलाया ही नहीं गया। सो, अगले दिन रामनवमी के मौके पर अडवानी के घर फिर से पार्टी आयोजित हुई और उसमें बचे-खुचे लोगों को भी बुला लिया गया। पहले दिन की पार्टी में अडवानी की प्रतिभा संपन्न पुत्री प्रतिभा अडवानी की एक आधे घंटे की फिल्म भी दिखायी गई जिसमें भगवान राम से संबंधित फिल्मी गीतों व भजनों को एक सूत्र में पिरोया गया था और उसमें स्वयं प्रतिभा सूत्रधार की भूमिका में थीं। प्रतिभा ने ऐसी ही एक फिल्म अडवानी के जन्मदिन के मौके पर भी दिखायी थी जिसमें पिता व पुत्री के संबंधों का मार्मिक खुलासा था।
Posted on 17 April 2011 by admin
गुलाम नबी ने जब हेल्थ का महकमा संभाला तो वी.एस.रामाचंद्रन व राव यहां भी विराजमान हैं। कहते हैं राव की मर्जी के बगैर क्या मजाल जो स्वास्थ्य मंत्रालय में कोई फाइल सरक जाए। जब से एस.के.राव की ख्याति पीएमओ में पहुंची है, पीएमओ के सर्वशक्तिमान कुट्टीनायर ने गुलाम नबी से राव की छुट्टी करने को कहा है। अब राव की जगह यूटी कैडर का नया अफसर आजाद को बतौर पीएस मिल रहा है। सनद रहे कि यह राव वहीं हैं जिनका मेडिकल काऊंसिल के चर्चित-कुचर्चित केतन देसाई के साथ नाम जुड़ा था।
Posted on 10 April 2011 by admin
नीता अंबानी देश के सबसे अमीर आदमी की बीबी हैं। चुनांचे उन्हें खबरें खरीदना व खबरों में बने रहना बकायदा आता है। वैसे भी जमाना ‘पेड न्यूज’ का है। मैच सेट हो या न हो पर टीवी कैमरे जरूर इस कदर सेट थे कि वे घूम फिर कर बस नीता के बॉक्स में ही जा टिकते थे। जहां वे अपने पति, बच्चों, आमिर, किरण राव, रजनीकांत के साथ मिल कर भारतीय टीम के लिए सबसे ज्यादा चीयर्स कर रही थीं। बाकी वीआईपी लोगों पर कैमरों की नजरें इनायत न के बराबर थी, सो मजबूरी में कपिल सिब्बल, अरूण जेटली सरीखे राजनेता प्रेसिडिंशयल बाक्स से निकल कर नीता के बॉक्स में चले गए, उन्हें मालूम था कि यही बॉक्स आफिस सुपर-डुपर हिट है।