Archive | विशेष

…और अंत में

Posted on 08 March 2015 by admin

अमित शाह को बंगाल और बाबुल सुप्रियो से बहुत उम्मीदें हैं, सुप्रियो इन दिनों पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाकों में घूम-घूमकर भगवा अलख जगाने की कोशिश कर रहे हैं, अपनी तारीफ भी वे अजीबो गरीब अंदाज में करते हैं और मुस्लिम बहुल इलाकों में लोगों से कहते हैं कि उनके लिए वे बाबुल नहीं, अब्दुल सुप्रियो हैं।

Comments Off on …और अंत में

आप तो ऐसे ही थे

Posted on 03 March 2015 by admin

अगर बात पचौरी साहब के अतीत की करें तो कहीं न कहीं उनके एक उपन्यास में इनकी रंगीन मिजाजी की साफ झलक साफ दिखाई देती है। पेशे से एक औद्योगिक इंजीनियर, आर के पचौरी अब तक 27 पुस्तकें लिख चुके हैं, जिसमें उनका एक चर्चित उपन्यास ‘रिटर्न टू अल्मोड़ा’ भी शामिल है। इस उपन्यास का नायक संजय नाथ, पचौरी की ही तरह इंजीनियर होता है और उसके आंदोलनकर्मी स्वभाव से वशीभूत होकर लड़कियां उनकी ओर खींची चली आती हैं, पचौरी का नायक मेडिटेशन में होता है, पर उससे वशीभूत औरतें अपने ऊपर काबू नहीं रख पाती हैं, और अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देने को तत्पर रहती हैं। पचौरी ने एक उपन्यासकार के रूप में भी इन दृश्यों के परिवेश चित्रण और वृत्तांत प्रस्तुत करने में जितना रस लिया है उससे कहीं न कहीं उनके इस रागात्मक प्रवृत्ति की झलक मिलती है।

Comments Off on आप तो ऐसे ही थे

हार की तीन वजहें

Posted on 23 February 2015 by admin

दिल्ली की हार की टीस से भाजपा उबर नहीं पा रही है। आत्म मंथन, आत्म विवेचन के दौर में आत्म प्रवंचना की राजनीति पीछे छूट गई है, आत्म मंथन से जो अमृत निकल रहा है, उसे मोदी को चखाया जा रहा है। मसलन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को ताजा-ताजा ज्ञान प्राप्त हुआ है कि दिल्ली की हार में तीन लोगों की सबसे ज्यादा भूमिका रही है, दिल्ली के उप राज्यपाल का बड़बोलापन और केंद्रीय गृह व शहरी विकास मंत्रालय की नीतियां। सूत्र यह भी बताते हैं कि ये बातें कोई ‘यूरेका’ की खोज नहीं है, इस बात का इल्म भाजपा को पहले ही हो चुका था, यही वजह है कि पार्टी के कुछ शीर्ष नेताओं ने प्रधानमंत्री से मिलकर उनसे दिल्ली के उप राज्यपाल को बदलने की गुहार लगाई थी, पर देश के एक शीर्ष उद्योगपति के वरदहस्त की वजह से ‘माननीय’ की गद्दी को कोई भगवा नेता डिगा नहीं पाया।

Comments Off on हार की तीन वजहें

डीडीटी के दीवाने

Posted on 23 February 2015 by admin

भारत में अब भी बड़े पैमाने पर मच्छड़ व कीड़े मारने के लिए कीटनाशक डीडीटी पाउडर का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है, जबकि तमाम विकसित देशों में डीडीटी का इस्तेमाल वर्जित है, क्योंकि मानव स्वास्थ्य पर इसका काफी प्रतिकूल असर पड़ता है। स्वास्थ्य मंत्रालय की संसदीय समिति की बैठक में कई सदस्यों ने डीडीटी के इस्तेमाल पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई, तब कहीं जाकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा की ओर से उन्हें बताया गया कि स्वास्थ्य मंत्रालय अब भी कोई 6 हजार टन से ज्यादा डीडीटी पाउडर की खरीद करता है, ऐसे में यह सवाल अहम हो जाता है कि यह खरीद वक्त की जरूरत है या मंत्रालय के अपने लोगों की?

Comments Off on डीडीटी के दीवाने

…और अंत में

Posted on 23 February 2015 by admin

दिल्ली में भगवा सफाए के बाद भी पार्टी के बड़े नेताओं का दिल्ली की राजनीति में हस्तक्षेप कम नहीं हुआ है, एक सर्व शक्तिमान केंद्रीय नेता अपने मुंहलगे सरदार आर.पी.सिंह को दिल्ली भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त करवाना चाहते हैं, सूत्र बताते हैं कि इस प्रस्ताव पर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मौजूदा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बेतरह उखड़ गए, उन्होंने किंचित तल्खी से उस सर्व शक्तिमान से कहा- ‘अब तो आप यहां अपना हस्तक्षेप बंद करिए, मेरे वक्त तो दिल्ली में 32 सीटें आ गई थीं, आप के वक्त घटकर यह तीन रह गई है,’ देर से ही सही, कम से कम भाजपा में असहमति के स्वर उभरने तो लगे हैं।

Comments Off on …और अंत में

कौन है यह महिला नेत्री?

Posted on 15 February 2015 by admin

पिछले सप्ताह देष के एक प्रमुख उद्योगपति की पेज थ््राी पत्नी ने मुंबई के अपने आलीषान घर में एक जबरदस्त पार्टी दी। इस पार्टी में मोदी सरकार की एक प्रमुख मंत्री षाम की उड़ान पकड़ कर मुंबई पहुंची। जब पार्टी अपने षबाब पर थी तो होस्ट ने इस महिला नेत्री से कहा कि ‘मैं देख रही हूं कि आपका वजन इन दिनों बहुत बढ़ गया है, मेरे पास करीना कपूर की डायटीषियन है जिसके पास वजन कम करने का पूरा चार्ट है। और जो वह डाइट सप्लीमेंट देती है उससे बएक महीने में 4-5 किलो वजन कम हो जाता है।’ इस पर उस महिला नेत्री ने हंस कर कहा,‘ वेन माई मेन वांट्स मी प्लम देन व्हाई षुड आइ वरी फाॅर?’ यानी ‘जब मेरे आदमी को मैं इसी रूप में सुदर दिखती हूं तो मैं वजन घटाने की चिंता क्यों करूं?’

Comments Off on कौन है यह महिला नेत्री?

… और अंत में

Posted on 15 February 2015 by admin

हालांकि अभी दिल्ली कोटे से राज्यसभा आने में तीन-चार वर्शों की देरी है, फिर भी प्रशांत भूषण केजरीवाल से अपने लिए पहले से ही राज्यसभा मांगने में जुट गए हैं। इस पर केजरीवाल ने कहा कि आपने दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया। आपके पिता शांति भूषण आम आदमी पार्टी के खिलाफ लगातार बयान देते रहे, ऐसे में पार्टी के लिए आपको राज्यसभा देने में काफी मुश्किल आ सकती है। वहीं योगेंद्र यादव व आशुतोष का भी राज्यसभा के लिए दावा मजबूत है। दिल्ली में आप कोटे से राज्यसभा की 3 सीटें आ सकती हैं।

Comments Off on … और अंत में

नीतीष की टीस

Posted on 15 February 2015 by admin

मुलायम के नजदीकी रिष्तेदार और सपा सांसद तेजप्रताप की लालू पुत्री के साथ 21 को सैफई में तिलक है और 26 फरवरी को नई दिल्ली के अषोका होटल में षादी। यही वजह है कि पूरा मुलायम और लालू परिवार इन दिनों षादी की तैयारियों में उलझा है और दोनों ही परिवार इन दिनों कार्ड बांटने में व्यस्त हैं। वहीं मांझी फ्रंट पर अकेले पड़ गए नीतीष बेदम हैं। नीतीष लालू से कई बार कह चुके हैं कि भाजपा लालटेन पार्टी राजद में दो-फाड़ करने में जुटी है पर लालू हैं कि इन दिनों सियासी कामों के लिए फुरसत ही नहीं निकाल पा रहे हैं।

Comments Off on नीतीष की टीस

भाजपा से नाराज वैश्य समुदाय

Posted on 08 February 2015 by admin

भगवा पार्टी के बड़े नेताओं के बडेबोलों से दिल्ली में भाजपा का परंपरागत वैश्य वोटर नाराज रहा, नाराज इस बात से भी कि पार्टी हाईकमान ने हर्षवर्द्धन, विजय गोयल, विजेंद्र गुप्ता जैसे वैश्य नेताओं को दरकिनार कर छतरी वाले नेताओं को प्रश्रय दी, विजय गोयल के बंगाली मार्किट स्थित उनके दफ्तर पर दिल्ली चुनाव से ऐन पहले वैश्य समुदाय के स्थानीय नेताओं की एक बड़ी भीड़ जुटी, इस बैठक की नुमांइदगी विजय गोयल के एक करीबी नेता अशोक गोयल कर रहे थे, इस बैठक में ज्यादातर मार्किट एसोसिएशन के अध्यक्ष शामिल थे, बैठक में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के फैसलों पर आपत्ति उठाई गई। सूत्र बताते हैं कि विजय गोयल की मौजूदगी में यह तय हुआ कि अगर पूरा वैश्य समुदाय केजरीवाल की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है तो हम अपनी अलग मशाल लेकर क्यों चले?

Comments Off on भाजपा से नाराज वैश्य समुदाय

10 करोड़ का सर्वेक्षण

Posted on 08 February 2015 by admin

2014 के लोकसभा चुनावों को लेकर जिस सर्वेक्षण कंपनी ने सबसे सटीक आकलन पेश किए थे, दिल्ली विधानसभा चुनावों के परिप्रेक्ष्य में उक्त कंपनी का जनमत सर्वेक्षण टीवी पर आने से चूक गया, या ऐन वक्त कंपनी के कर्णधारों ने भाजपा के मुकाबले ‘आप’ की बढ़त दिखाने वाले अपने सर्वे से हाथ पीछे खींच लिए। अब दिल्ली विधानसभा चुनावों के परिप्रेक्ष्य में इस कंपनी ने ओपिनियन पोल की जगह बस खुद को एक्जिट पोल की परिधि में ही कैद कर लिया। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली विधानसभा चुनावों के आलोक में भगवा पार्टी ने इस कंपनी को सलाना 10 करोड़ रुपयों का काम दे दिया है, अब यह कंपनी भाजपा के लिए सर्वे किया करेगी, जनता के नजरिए से।

Comments Off on 10 करोड़ का सर्वेक्षण

Download
GossipGuru App
Now!!