Posted on 19 June 2022 by admin
उदयपुर चिंतन शिविर खत्म होने के तुरंत बाद कांग्रेस के देदीप्यमान नक्षत्र राहुल गांधी ने लंदन की ठौर पकड़ ली है। वे यूके स्थित थिंकटैंक ’ब्रिज इंडिया’ के आमंत्रण पर लंदन गए हैं, जहां वे ’आइडियाज फॉर इंडिया’ कांफ्रेंस में हिस्सा लेने वाले हैं, इसके साथ राहुल ने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में भी अपना उद्बोधन दिया है। पर हैरत की बात यह कि पहले ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राहुल को एकल वक्ता के तौर पर बुलाया जाता है, पर इस बार ’आइडियाज फॉर इंडिया’ में बोलने वाले वक्ताओं की सूची काफी लंबी है। कांग्रेस से सलमान खुर्शीद, सैम पित्रौदा, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, राजद के अध्यक्ष तेजस्वी यादव और इसी पार्टी के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा, टीएमसी की तेजतर्रार सांसद महुआ मोइत्रा तथा टीआरएस के केटी रामाराव भी इस कांफ्रेंस में बोलने वाले हैं। वहीं कैंब्रिज में बोलने वाले राहुल भारत से इस बार इकलौते वक्ता थे।
Posted on 17 May 2022 by admin
योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के डीजीपी मुकुल गोयल को विभागीय और शासकीय कार्यों की अवहेलना का दोषी ठहराते हुए उन्हें उनके पद से हटा दिया है, उनकी जगह डीएस चौहान को राज्य का नया डीजीपी बनाया गया है। आज से ग्यारह महीने पहले योगी के प्रथम शासन काल में गोयल जब डीजीपी बन कर लखनऊ आए तो उन्हें संघ और भाजपा के बड़े नेताओं की पसंद बताया गया। योगी ने भी अपनी फौरन नाराज़गी जाहिर कर दी नतीजन जब वे बतौर सीएम विभाग की मीटिंग लेते थे तो उसमें डीजीपी को बुलाया ही नहीं जाता था, पर गोयल अपने काम में जुटे रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक गुप्त रिपोर्ट सौंपी, जिसमें राज्य के पुलिस विभाग के कई वैसे अधिकारियों के नाम थे जो भ्रष्टाचार में संलिप्त थे, कहते हैं इस लिस्ट में योगी के कई भरोसेमंद और मुंहलगे अधिकारियों के नाम भी शामिल थे। इसमें योगी के उस मुंहलगे अफसर का नाम भी शामिल था जिसने नोएडा में करीब 30 करोड़ की लागत से अपनी एक कोठी बनवा ली है। सूत्र बताते हैं कि तिलमिलाए सीएम ने अवनीश अवस्थी को बुला कर उनसे कहा कि वे गोयल को तुरंत सस्पेंड करना चाहते हैं, तब अवस्थी ने सलाह दी कि यह डीओपीटी को मंजूर नहीं होगा, सो इनका ट्रांसफर कर दिया जाए। अब सुना जा रहा है कि मुकुल गोयल को केंद्र में कोई महत्वपूर्ण पोस्टिंग मिल सकती है।
Posted on 17 May 2022 by admin
एक) सोशल मीडिया पर उस गुटखा व्यापारी के नाम की बहुत चर्चा है जिन्होंने राज्यसभा की अदद सीट के लिए तमिलनाडु के सीएम को 75 करोड़ रुपयों की पेशकश कर दी थी, इनका काम बन ही जाता पर सोनिया गांधी ने उसी सीट के लिए स्टालीन से पी.चिदंबरम के नाम की जोरदार पैरवी कर दी।
दो) केंद्र सरकार के एक महत्वपूर्ण मंत्री के पुत्र को देहरादून के एक नामी स्कूल में बोर्ड एक्जाम में नकल करते धर लिया गया। यह खबर इसीलिए भी रफ्तार पकड़ती गई क्योंकि स्वयं पीएम अपने मन की बात में ’परीक्षा पर चर्चा’ कर रहे थे और छात्रों से परीक्षा के दौरान संयमित रहने की सलाह दे रहे थे।
Posted on 17 May 2022 by admin
राष्ट्रपति चुनाव भले जुलाई में होने वाले हों पर भाजपा ने अभी से इसके लिए कमर कस ली है। पिछले दिनों हाईकमान के कहने पर जीवीएल नरसिंहा राव आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी से मिलने पहुंचे, राव से जगन के बेहद पुराने ताल्लुकात हैं, राव ने जगन को भाजपा उम्मीदवार का साथ देने के लिए मनाया। वहीं केंद्रीय रेल और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक से बात करने भुवनेश्वर पहुंचे। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से बिहार भाजपा के संगठन मंत्री निरंतर संपर्क में हैं। वहीं असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने पूर्वोतर के सभी मुख्यमंत्रियों के लिए अरूणाचल प्रदेश के एटानगर में एक दावत रखी थी, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार के लिए उनका समर्थन मांगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव डी पुरंदेश्वरी को चैन्ने भेजा गया है, जहां वह गैर द्रुमुक नेताओं से बातचीत कर रही हैं।
Posted on 17 May 2022 by admin
राहुल गांधी की हालिया नेपाल यात्रा खासी विवादित रही है। वैसे तो राहुल के तयशुदा कार्यक्रम के मुताबिक उन्हें इंटक के अमृत महोत्सव (स्थापना के 75वें साल) में हिस्सा लेने केरल जाना था। सनद रहे कि इंटक कांग्रेस समर्थित एक प्रमुख मजदूर संगठन है। पर 3 मई के रोज राहुल सीधे पहुंच गए काठमांडो अपनी एक दोस्त और सीएनएन की पूर्व संवाददाता सुमनिमा उदास के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए। जहां काठमांडू के एक पब ’लॉर्ड ऑफ ड्रिंक्स’ से उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सनद रहे कि सुमनिमा के पिता भीम उदास म्यांमार में नेपाल के राजदूत रह चुके हैं, और दो वर्ष पहले नेपाल द्वारा जारी किए गए विवादित नक्शे के पक्षधर रहे हैं, जिस नक्शे का भारत द्वारा तीव्र विरोध किया गया था। कहा तो यह भी जाता है कि राहुल की ये दोस्त सुमनिमा जब तक सीएनएन के लिए रिर्पोटिंग करती थीं तो वे अपने भारत विरोधी रुख के लिए जानी जाती थीं।
Posted on 17 May 2022 by admin
सचिन पायलट पिछले दिनों दुबारा सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे और उनसे दो टूक कहा कि ’अगर प्रदेश में सब ऐसे ही चलता रहा तो आने वाले चुनाव में राजस्थान से कांग्रेस साफ हो जाएगी।’ इस पर सोनिया ने उनसे पूछा कि ’अगर अशोक जी को हटा कर उन्हें वहां का सीएम बनाते हैं तो इस बात के पक्षधर कितने विधायक उनके साथ हैं।’ तो पायलट ने पार्टी अध्यक्ष को बताया कि अशोक गहलोत के डर और दबदबे की वजह से ज्यादातर पार्टी विधायक खुल कर सामने नहीं आ पा रहे हैं, सो अगर पार्टी ’क्लोजड वोटिंग’ करा ले तो बहुमत विधायकों का फैसला पायलट के हक में होगा। सोनिया ने कहा कि ’कांग्रेस में बंद कमरे में गुप्त मतदान की परिपाटी नहीं है। इससे अच्छा होगा कि वे अपने समर्थक विधायकों का दस्तखत लेकर अजय माकन से मिल लें।’ जब इस बात की खबर गहलोत को लगी तो उन्होंने कांग्रेसी विधायकों पर और चाकचौबंद पहरा बिठा दिया है, उल्टे उन्होंने पायलट तक यह संदेशा भी भिजवा दिया है कि ’वे चाहे जितनी भी उछल-कूद मचा लें पर उन्हें सीएम की कुर्सी से कोई हटा नहीं सकते,’ सूत्रों की मानें तो गहलोत ने पायलट को यह भी धमका दिया है कि अगली बार पायलट अपनी विधानसभा सीट से जीत कर दिखा दें। अब बारी पायलट के पलटवार की है।
Posted on 24 April 2022 by admin
सूत्रों के दावों पर अगर यकीन किया जाए तो शायद यह पहली बार है कि विदेश स्थित भारतीय दूतावासों में भारतीय राजनयिकों की नियुक्तियों के लिए संघ की ओर से कोई लिस्ट ऊपर भेजी गई है। वैसे तो संघ के इरादे अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों में अपनी पसंद के राजनयिक भेजने का है, पर सूत्रों की मानें तो संघ नेतृत्व से कहा गया है कि वह शुरूआत छोटे राष्ट्रों से करें और वहां अपनी पसंद के राजनयिकों की लिस्ट दें। कई दूतावासों में सीधे राजनैतिक नियुक्तियां होती है, संघ को कहीं शिद्दत से इस बात का इल्म है। संघ चाहता है कि भारतीयता, राष्ट्र प्रेम जैसी भावनाओं को विदेशों में भारी संख्या में बसे अप्रवासी भारतीयों के मन में अंकुरित किया जा सके। हालांकि विदेशों में संघ की मान्यताओं के प्रचार-प्रसार के लिए पहले से संघ का एक अनुशांगिक संगठन सक्रिय है। पर अब संघ खुल कर अपनी भावनाओं का विस्तार चाहता है, सो मुमकिन है कि आने वाले दिनों में इस आशय के नए बीज पल्लवित पुष्पित हों।
Posted on 24 April 2022 by admin
राहुल के विदेश यात्रा पर रवाना होने से पूर्व उनसे मिलने सचिन पायलट पहुंचे, राहुल के साथ प्रियंका भी इस मीटिंग में मौजूद थीं। सचिन ने राहुल से उनका वादा याद कराते हुए कहा कि ’अब वक्त आ गया है कि आप अशोक गहलोत जी को दिल्ली बुलाएं और मुझे राजस्थान सौंप कर अपना वादा पूरा करें।’ राहुल ने कहा कि ’वे सचिन को फिर से राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहते हैं और चाहते हैं कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस राजस्थान में फिर से सत्ता में वापसी करें।’ सचिन ने दो टूक कहा-’चमत्कार बार-बार नहीं होते।’ इस पर राहुल ने छूटते ही सचिन ने पूछ लिया-’अगर आप बीजेपी में चले गए होते तो क्या वे आपको सीएम बना देते?’ सचिन ने भी किंचित तल्खी से कहा-’अगर मुझे बीजेपी में ही जाना होता तो मैं आज यहां नहीं बैठा होता।’ जब यह खबर सोनिया को लगी तो उन्होंने मामले की नजाकत को भांपते फौरन सचिन को मिलने अपने पास बुला लिया, सचिन ने दिल खोल कर सोनिया के समक्ष अपनी बात रखी। अब अगली कॉल सोनिया की है।
Posted on 24 April 2022 by admin
योगी अपने 2.0 के इस नए अवतार में बड़े सुलझे राजनेता के तौर पर सामने आ रहे हैं। जहां योगी एक भरोसेमंद अफसर डीएस चैहान को राज्य का नया डीजीपी नियुक्त करना चाहते हैं, वहीं दिल्ली का इशारा पाकर अवनीश अवस्थी लगातार आरपी सिंह का नाम आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं राज्य के चीफ सेक्रेटरी दया शंकर मिश्र चाहते हैं कि अहम नियुक्तियों की हर फाइल उनके टेबल से होकर गुजरे, संकेत तो यह भी मिल रहे हैं राज्य के मौजूदा डीजीपी मुकुल गोयल ही अपने पद पर बने रहें, वैसे भी उनका कार्यकाल फरवरी 2024 तक है। वहीं योगी के कई भरोसेमंद और मुंहलगे अधिकारी इन दो महीनों में रिटायर होने वाले हैं। मुमकिन है कि ऐसे में केंद्र यूपी कैडर के कई अधिकारियों को लखनऊ भेजने की तैयारी करे।
Posted on 24 April 2022 by admin
झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार गिराने की पूर्व में भी कई कोशिशें हो चुकी है। भाजपा वहां अब भी कांग्रेस को अपना सबसे आसान शिकार मानती है। पूर्व में कांग्रेस के 10 विधायक दिल्ली आकर अमित शाह और ओम माथुर से मिल चुके हैं। झारखंड में कांग्रेस के 16 विधायकों में से तो चार तो मंत्री हैं, उनके टूटने का सवाल पैदा नहीं होता, 3-4 विधायक ऐसे हैं जो विशुद्ध रूप से ईसाई अधिपत्य वाली सीटों से जीते हैं, जिनमें खिजरी, कोलिबीरा और जगन्नाथपुर के विधायक शामिल हैं। इन कांग्रेसी विधायकों का कहना है कि ’वे कांग्रेस से टूट कर अलग पार्टी बनाने को तैयार हैं पर भाजपा में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में क्रिश्चियन वोटर ही निर्णायक हैं।’ कांग्रेस के ये विधायक भाजपा के सीएम फेस को लेकर भी सशंकित हैं, वे न तो अर्जुन मुंडा को बतौर सीएम चाहते हैं और न ही बाबूलाल मरांडी को। इस वजह से भी यह पेंच फंसा है। वैसे भी झारखंड के कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे की अपने विधायकों पर कोई पकड़ नहीं, सो कांग्रेस के विधायकों को स्वयं राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन डायरेक्ट हेंडल कर रहे हैं और वक्त-वक्त पर उनसे डील भी, ताकि उनकी सत्ता सलामत रहे।