| भाजपा से नाराज ब्राह्मïण |
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March 30 2014 |
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पूर्वांचल से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे एक प्रमुख भगवा नेता ने पार्टी में टिकट बंटवारे से पूर्व अपने संसदीय क्षेत्र में एक जनमत सर्वेक्षण करवाया था। और उस ओपिनियन पोल में सैंपल साइज 2500 रखा गया था तब यह नेताजी 3 लाख से ज्यादा मतों से विजयी होते दिख रहे थे। यूपी में टिकट बंटवारे के तुरंत बाद इन नेताजी ने पहले से कहीं ज्यादा बड़े सैंपल साइज यानी 5,600 के साथ सर्वेक्षण करवाया तब उनकी जीत का मार्जिन घटकर दो से सवा दो लाख पर आ गया था। तब नेताजी को पता चला कि उनके कोई 50-60 हजार ब्राह्मïण वोट छिटक कर बसपा की झोली में जा रहे हैं। चूंकि सर्वेक्षण कंपनी ने उस प्रश्नावली में संबंधित व्यक्ति के फोन नंबर उद्घृत किए थे सो नेताजी ने ब्राह्मïण बहुल कई गांवों के संबंधित व्यक्तियों को फोन लगा दिए सबका एक ही रोना था कि भाजपा में इन दिनों ब्राह्मïणों का सम्मान नहीं हो रहा है। |
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