यूपी में भाजपा लड़ाई से बाहर |
January 19 2016 |
बसपा ने अभी तीन रोज पूर्व अपने 14 कोऑर्डिनेटर की अहम बैठक बुलाई और इन सभी कोऑर्डिनेटर ने अपने-अपने संबंधित जोन की रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंपी है। सबसे हैरत की बात तो यह कि एक स्वर में ये सारे कोऑर्डिनेटर अपने-अपने संबंधित जोन में बसपा की सीधी लड़ाई सपा से बता रहे हैं, भाजपा और कांग्रेस को यह मुख्य लड़ाई में शामिल नहीं मान रहे। हैरत की बात है कि आज से छह महीने पूर्व जब इन सभी कोऑर्डिनेटर ने पार्टी हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी तो इनमें से 10 कोऑर्डिनेटर ने अपनी सीधी लड़ाई भाजपा के साथ बताई थी और 4 ने अपनी सीधी लड़ाई सपा के साथ। बसपा रणनीतिकार खुद हैरत में हैं कि क्या वाकई इन छह महीनों में यूपी में भाजपा का ग्राफ इतनी तेजी से गिरा है कि वह मुख्य चुनावी लड़ाई से ही बाहर होती जा रही है? बसपा की रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि भाजपा का जनाधार अब सिर्फ शहरों तक में ही सिमट कर रह गया है, ग्रामीण मतदाताओं में इसका असर तेजी से घटा है। |
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