| बारूद के ढेर पर बरूआ |
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February 01 2014 |
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बांग्लादेश की एक अदालत द्वारा उल्फा अलगाववादी संगठन के शीर्ष नेता परेश बरूआ को फांसी की सजा सुनाई गई है, कोर्ट के इस फैसले के बाद उल्फा कैडर का अब बांग्लादेश जाना व शरण पाना थोड़ा मुश्किल हो गया है। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि परेश बरूआ अभी चीन और म्यांमार के बीच अवस्थित कुनमिंग में टिके हुए हैं, वैसे भी उल्फा व बरूआ का भूटान से सबसे पुराना रिश्ता रहा है, जब उल्फा की गतिविधियां अपने चरम पर थी तब भी इसका मुख्य केंद्र भूटान ही हुआ करता था, जब भारत व भूटान के रिश्ते बेहतर हुए तो भारत के चाहने और कहने पर भूटान सरकार ने अपनी सरज़मीं से बरूआ को खदेड़ दिया, तब उसने पाकिस्तान की मदद से बांग्लादेश को अपना नया ठिकाना बना लिया, और उसे खालिदा जिया का संरक्षण भी प्राप्त हो गया, उसी दौर में बरूआ खूब फला-फूला और उसका साम्राज्य कोई 10 हजार करोड़ रुपयों का हो गया जिसमें होटल, जूट इंडस्ट्री, शिपिंग व ट्रांसपोर्ट जैसे व्यवसाय शामिल हैं। अगर परेश बरूआ पर आरोप साबित हो जाता है तो उनकी सारी संपत्ति जब्त हो सकती है, वहीं अब बांग्लादेश सरकार ने अनूप चेटिया को भारत को सौंपने का $फैसला कर लिया है। खूफिया सूत्र बताते हैं कि आज भी नार्थ ईस्ट में करीब 200-250 के बीच उल्फा के खतरनाक आतंकवादी मौजूद हैं, यह कहीं न कहीं भारतीयों की संप्रभुता के लिए एक बड़ा खतरा है। |
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