| अपर्णा ना माने किसी का कहना |
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August 22 2016 |
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इन दिनों प्रदेष के जो नेता या ब्यूरोक्रेट अखिलेष की षिकायत लेकर नेताजी के पास आ रहे हैं, मुलायम उनकी बातों को बहुत ही मनोयोग से सुनते हैं और उस पर उचित कार्यवाही का भरोसा भी देते हैं। हालांकि मुलायम अपनी पुत्रवधु अपर्णा यादव के इस फैसले से खुष नहीं बताए जाते हैं कि अपर्णा 2017 का विधानसभा चुनाव लखनऊ षहर से लड़ने की घोशणा कर चुकी हैं। षुरूआत में अखिलेष अपर्णा के इस फैसले के खिलाफ थे पर सूत्र बताते हैं कि प्रोफेसर रामगोपाल ने उन्हें धीरे से समझाया कि लखनऊ षहर से अपर्णा का जीतना मुष्किल है, क्योंकि अपर्णा जिन पहाड़ के वोटरों पर दांव चल रही है, इस वोट का बंटवारा उनके और कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोषी के बीच हो जाएगा, ऐसे में दो बिल्लियों की लड़ाई में भाजपा उम्मीदवार यहां से बाजी मार ले जाएगा, क्योंकि षहरी क्षेत्रों में भाजपा का कैडर वोट बहुत ही मजबूत है। षिवपाल कई बार इस बाबत अपर्णा को सचेत कर चुके हैं कि विरोधी गुट उन्हें यहां से टिकट देकर उन्हें निपटाना चाहता है, अब यह बात नेताजी के समझ में भी आ गई है, चुनांचे अखिलेष को लेकर उनका गुस्सा और बढ़ गया है। |
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