| और अंत में |
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February 12 2017 |
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क्या बिल्ली के भाग्य से छींका टूटेगा? कम से कम अन्नाद्रमुक के सीनियर नेता थंबी दुरै तो ऐसा ही सोचते हैं। पिछले दिनों सेंट्रल हॉल में दुरै से उनके एक साथी सांसद ने पूछा कि आखिरकार वे षषिकला का साथ इस हद तक क्यों दे रहे हैं, षषिकला का तो मुख्यमंत्री बन पाना भी संदिग्ध है, सारा कुछ सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर करता है। थंबी दुरै ने षांत भाव से कहा-’जानता हूं, पर इसके बाद चिन्नम्मा अपने किसी खास विष्वासपात्र को ही तो मुख्यमंत्री बनवाएंगी न? साथी सांसद के भी ज्ञानचक्षु खुल गए। |
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