Posted on 26 December 2022 by admin
हिमाचल प्रदेश चुनाव के संभावित नतीजों को लेकर कांग्रेस बम-बम है, वहीं भाजपा का भरोसा है कि उन्हें अगर सरकार बनाने के लिए कुछ सीटों की कमी हो भी गई तो पार्टी इसे मैनेज कर लेगी, क्योंकि इस बार वहां कई निर्दलियों के जीतने के कयास लग रहे हैं। वहीं अगर कांग्रेस यहां मोर्चा फतह कर लेती है तो यहां कम से कम सीएम पद के तीन मजबूत दावेदार होंगें। एक हैं मुकेश अग्निहोत्री, माना जाता है कि इनके कहने पर 3-4 टिकट बांटे गए हैं, दूसरे हैं सुखविंदर सिंह सुक्खों जो वीरभद्र सिंह के निधन के बाद हिमाचल के सियासी पटल पर तेजी से उभरे हैं। कहते हैं इनके कहने पर 8-10 टिकट बांटे गए हैं, तीसरा है वहां का राज परिवार यानी रानी प्रतिभा सिंह, इनके कहने पर 20-25 टिकट बांटे गए हैं, यानी फिलहाल तो पलड़ा इनका ही सबसे भारी लगता है। अगर इनमें से किसी एक को भी सीएम बनने का मौका मिला तो फिर भाजपा नाराज़ गुट पर डोरे डाल सकती है।
Posted on 26 December 2022 by admin
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने जब महाराष्ट्र में प्रवेश किया था तो महाअघाड़ी सरकार में उनके गठबंधन साथी रहे आदित्य ठाकरे उनके स्वागत के लिए खड़े थे, बातों ही बातों में आदित्य ने राहुल से कह दिया कि ’हमारे प्रांत में आपका स्वागत है, फिर भी मैं कहूंगा कि इस वक्त आपकी यात्रा महाराष्ट्र के बजाए गुजरात में होनी चाहिए थी।’ राहुल ने किंचित भोलेपन से जवाब देते हुए कहा-’मेरी यह यात्रा न तो राजनीतिक है और न ही राजनैतिक लाभ के लिए है।’ इसके बाद शरद पवार की पुत्री सुप्रिया सुले इस यात्रा में शामिल हुईं, सुप्रिया ने भी दो टूक राहुल से पूछ लिया कि ’आपकी यात्रा 17 दिन केरल में रही जबकि यूपी में आप मात्र 3 दिन लगा रहे हैं?’ राहुल ने सुप्रिया को भी ज्ञान की वही घुट्टी पिला दी जैसा उन्होंने आदित्य के साथ किया था। जब इस बात की भनक जयराम रमेश को लगी तो उन्होंने आदित्य से फोन कर कहा-’आपको राहुल जी से ऐसे नहीं बोलना चाहिए था।’ बदले में आदित्य ने दो टूक कह दिया-’जो मुझे सही लगा, मैंने वही कहा।’ फिर आदित्य ने इस बात का जिक्र अपने पिता उद्धव ठाकरे से किया, उद्धव ने उन्हें समझाया कि जब तक कांग्रेस पार्टी में अहमद पटेल थे, वे हर मुद्दे को बेहद समझदारी से ‘हेंडल’ करते थे, जयराम रमेश में उतनी राजनीतिक परिपक्वता नहीं।’ फिर यह बात, आई गई हो गई।
Posted on 26 December 2022 by admin
’हम तेरी कागज की कश्ती अपनी भीगी पलकों में उतार लेंगे
वे कोई और होंगे जिन्हें बदलते मौसमों का इतना भी इल्म नहीं’
पिछले दिनों हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सीएम आवास पर अपने पुराने मित्र प्रचारकों को भोजन पर बुलाया था। भोजन का मैन्यू भी उनके एजेंडे की तरह सादगी भरा था, यानी मक्के की रोटी और सरसों के साग पर पुराने दोस्तों को न्यौता था। भोजन पर जब उनके पुराने प्रचारकों की मित्र मंडली जुटी तो मुख्यमंत्री की तारीफ होनी शुरू हुई, उनके प्रचारक मित्रों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा ’आपने तो तीनों लालों (देवीलाल, बंसीलाल व भजनलाल) के रिकार्ड को भी काफी पीछे छोड़ दिया है, हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्रित्व का आपका कार्यकाल नए कीर्तिमान स्थापित करें।’ इस पर मनोहर लाल ने शांत भाव से कहा-’10 साल पर्याप्त समय होता है, मुझे तो इतने की भी उम्मीद नहीं थी।’ फिर सीएम ने खुलासा करते हुए अपने मित्रों को बताया कि पिछले दिनों वे पीएम से मिले थे, पीएम ने उनसे छूटते ही पूछा-’मनोहर लाल जी आप खुश तो हैं?’ इस पर मैंने कहा-’मैं खुश हूं, संतुष्ट भी हूं और आपका हमेशा के लिए कृतज्ञ भी कि आपने मुझे इतना मौका दिया। मैंने तो इतना भी नहीं सोचा था कि कभी विधायक भी बनूंगा।’ फिर सीएम ने धीरे से अपने मित्रों को बताया कि ’अब अगला चुनाव लड़ने में उनकी कोई खास दिलचस्पी नहीं है।’
Posted on 26 December 2022 by admin
Leider ist der Eintrag nur auf English verfügbar.
Posted on 26 December 2022 by admin
गुजरात चुनाव के मद्देनज़र आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल का वहां एक ‘रोड शो’ चल रहा था, भीड़ भी अच्छी खासी जुटी थी, सड़कों के किनारे काफी लोग खड़े थे। केजरीवाल के साथ प्रचार ट्रक पर हरभजन सिंह, राधव चड्डा और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सवार थे। तभी भीड़ में से एक युवक अपने हाथों में लिए स्टील के गिलास को भगवंत मान की ओर लहराने लगता है, जब मान उसकी ओर पलटे तो वह ’चीयर्स’ कहने लगा। मान के चेहरे की भाव-भंगिमाएं बदल गई, केजरीवाल इस दृश्य को इग्नोर कर दूसरी ओर हाथ हिलाने लगे।