वॉलमार्ट ने पिछले तीन वर्षों में भारत में लॉबिंग के नाम पर 69 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अब यह जानना दिलचस्प रहेगा कि भारत में इस रकम के लाभार्थियों की सूची क्या है? (एनटीआई)
Posted on 11 December 2011 by admin
वॉलमार्ट ने पिछले तीन वर्षों में भारत में लॉबिंग के नाम पर 69 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अब यह जानना दिलचस्प रहेगा कि भारत में इस रकम के लाभार्थियों की सूची क्या है? (एनटीआई)
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Posted on 11 December 2011 by admin
संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में अभी तक राहुल गांधी नहीं दिखे हैं। मैडम सोनिया की उपस्थिति भी बेहद कम रही है। जिनके दम पर देश की सत्ता बरकरार है वे संसद को कितनी गंभीरता से लेते हैं इसका पता तो चल ही चुका है।
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Posted on 11 December 2011 by admin
जब लगातार 7 दिनों तक संसद नहीं चली तो प्रणब मुखर्जी ने मान लिया कि अब टूटकर कोई नहीं आएगा। विपक्ष तो वोटिंग के बगैर मानेगा नहीं। ऐसे में रही-सही कसर ‘बंद’ ने पूरी कर दी। कांग्रेस के अंदर ही विद्रोह सुलगने लगा था। 5 राज्यों में अभी विधानसभा चुनाव होने हैं और हर राज्य में 15 फीसदी वोट व्यापारियों के हैं जो खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के विरोध में राग अलाप रहे थे। सो, सरकार ने तय किया कि तब तक एफडीआई के मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाए जब तक कि इस मुद्दे पर स्टेक होल्डर्स में सहमति नहीं बन जाती है। स्टेक होल्डर्स यानी ट्रेड यूनियनें, राज्य सरकारें और राजनीतिक पार्टियां।
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Posted on 11 December 2011 by admin
आनंद शर्मा की गिनती चाहे कितनी भी अकड़ू मंत्रियों में होती हो वे दस जनपथ के अब भी दुलारे बने हुए हैं। अब जबकि विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा के सिर खनन मामलों की तलवार लटक रही है, स्वयं कांग्रेसी युवराज राहुल गांधी को इस बात की वकालत करते सुना गया कि कृष्णा की जगह आनंद शर्मा को विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। अब जब स्वयं चाहेंगे युवराज तो क्यों नहीं होगा शर्मा के सिर ताज?
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Posted on 11 December 2011 by admin
दिल्ली के निगम पार्षदों का का स्टिंग तो जून में ही हो चुका था, उसके बाद से लगातार सौदे-मसौदों का बाजार गर्म था। जयश्री पंवार का स्टिंग कराने में दिल्ली के एक सांसद व सियासी खेल में माहिर एक केंद्रीय कांग्रेसी मंत्री की प्रमुख भूमिका थी, तो मंजू गुप्ता के स्टिंग के जरूरी क्लू तो भाजपा के ही एक स्थानीय नेता पर उपलब्ध कराने के कयास लगाए जा रहे हैं। यह नेताजी भाजपा के एक केंद्रीय नेता के दाएं हाथ समझे जाते हैं।
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Posted on 11 December 2011 by admin
यह जरदारी को बचाने की अमरीकी कवायद का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है कि पहले उन्हें दुबई और फिर उन्हें वहां से लंदन भेजा जाएगा। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को पुख्ता जानकारी थी कि जरदारी को आईएसआई से जान का खतरा है। वैसे भी अमेरिका की नीति पाक राष्ट्रपति को लंदन और पाक प्रधानमंत्री को सऊदी अरब में पुनर्वासित करने की है। और जरदारी मामले में भी अमेरिका ने यह साबित कर दिया है कि अपने खैरख्वाहों को लेकर कितना फिक्रमंद है वह।
Posted on 11 December 2011 by admin
कांग्रेस का एक खेमा अपने नेता सतपाल महाराज पर भाजपा से सांठ-गांठ करने का आरोप लगा रहा है। इस खेमे का दावा है कि महाराज ने अपनी पत्नी अमृता रावत को जिताने के लिए रूद्र प्रयाग, केदारनाथ, यमकेश्वर, बद्रीनाथ और कोटद्वार सीटों पर भाजपा के साथ अंदरखाने का समझौता कर लिया है। महाराज की पत्नी अमृता नए परिसीमन में गठित चौबट्टाखाल (पहले यह सीट बिरोखाल थी) से चुनाव लड सकती हैं। अमृता की नजर रामनगर सीट पर भी है।
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Posted on 11 December 2011 by admin
कर्नाटक के भगवा मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा की यह अब तक की सबसे बड़ी अग्नि परीक्षा है। गौड़ा भाजपा के एक कमजोर मोहरे हैं। इसीलिए भाजपा उन्हें विधानसभा का चुनाव लड़वाने की बजाए विधान परिषद के पिछले द्वार से सदन में लेकर आई। मौजूदा विधानसभा में श्रीरामलू को 7 विधायकों का समर्थन हासिल है जो किसी भी कीमत पर भाजपा के साथ जाने को तैयार नहीं। येदुरप्पा के साथ तो भाजपा के आधे से ज्यादा विधायक हैं। अब गौड़ा के समक्ष सर्वप्रमुख चुनौती येदुरप्पा और श्रीरामलू को पटाने की है। इस बार वैसे भी गुप्त मतदान होना है, वैसे गौड़ा देवेगौड़ा के संपर्क में भी हैं। येदुरप्पा के समक्ष सबसे महती चुनौती यह है कि अगर इस दफे सदानंद यह बाधा पार कर गए तो फिर वे पूरे टर्म तक सीएम बने रह सकते हैं जो येदु को नागवार गुजर रहा है।
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Posted on 11 December 2011 by admin
कांग्रेस ने उत्तराखंड में एक ताजा जनमत सर्वेक्षण करवाया है इसके नतीजे चौंकाने वाले हैं। नतीजे कहते हैं कि इस दफे उत्तराखंड में ‘हंग असेंबली’ हो सकती है। यह सर्वे कांग्रेस को मौजूदा 20 सीटों की जगह 28-30 सीटें दे रहा है। वर्तमान में भाजपा के 35 विधायक हैं। कांग्रेसी सर्वे भाजपा की सीटें घटने का दावा कर रहा है। सर्वे कहता है कि ताजा चुनाव में भाजपा की सीटें घटकर 20-24 रह सकती हैं। सर्वे बसपा की सीटें घटने का दावा कर रहा है। सर्वे के मुताबिक बसपा सिमटकर 4 सीटों पर रह सकती है। 3 सीटों वाला उत्तराखंड क्रांति दल अपना खाता खोलने में भी नाकाम रह सकता है। वहीं नवगठित भूतपूर्व सैनिकों का मोर्चा उत्तराखंड रक्षा मोर्चा 2-3 सीटें जीत सकता है। पवार की एनसीपी बड़े पैमाने पर कांग्रेस असंतुष्टों को टिकट दे रही है। सर्वे कहता है कि एनसीपी का भी उत्तराखंड में खाता खुल सकता है और वह 2 सीट जीत सकती है।
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Posted on 11 December 2011 by admin
सुषमा स्वराज ने अपने सियासी चातुर्य कौशल से विपक्षी दलों, यहां तक की वामपंथियों का दिल जीतने में भी कामयाबी पा ली। यह नेता प्रतिपक्ष का ही खालिस उपक्रम था कि उन्होंने विपक्षी एका की तान को बरकरार रखा। वामपंथी दल महंगाई पर चर्चा पहले चाहते थे और एफडीआई पर बाद में, सुषमा मान गईं। उन्होंने महंगाई पर डिबेट के लिए गुरूवार का दिन चुना और एफडीआई पर संसद में सोमवार का दिन बहस के लिए रखा। नेता प्रतिपक्ष ने लगभग तय कर रखा था कि किसी भी कीमत पर सदन में अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाना है, चाहे सरकार अल्पमत में ही क्यों न हो। सुषमा को बखूबी इस बात का इल्म था कि अगर एफडीआई पर वोटिंग की नौबत भी आई तो ममता विपक्ष का साथ नहीं देंगी। बसपा-सपा सौदा कर लेंगे, और वामपंथियों की राजनीतिक मजबूरी है कि वे भाजपा के ‘मोशन’ पर वोट नहीं करेंगे। सो, मैडम स्वराज ने तय कर रखा था कि अगर बात शक्ति परीक्षण पर ही आती है तो तस्वीर तो स्थगन प्रस्ताव पर भी साफ हो सकती है।
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