Posted on 27 November 2011 by admin
ताजा मामला एचएसबीसी बैंक जिनेवा का बताया जा रहा है। इस बैंक से खाताधारियों की जो सवबसे ताजा लिस्ट की चोरी हुई उसमें 50 हजार खाताधारियों के नाम शामिल हैं। यह लिस्ट चोरी होकर सबसे पहले इजराइल पहुंची जहां इजराइल सरकार ने इसमें से यहुदियों के नाम निकाल लिए और इस लिस्ट को खरीदने से मना कर दिया। लिस्ट लाने वाले संबंधित व्यक्ति को धमकाया भी गया कि अगर उसने ज्यादा चूं-चपड़ की तो उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है। वह व्यक्ति वहां से भागकर फ्रांस पहुंचा, जहां फ्रांसीसी सरकार से उसकी बात बन गई। हालांकि इस लिस्ट में न ही किसी व्यक्ति का नाम है और न ही इसमें खाताधारियों का कोई अता-पता वर्णित है, इसमें सिर्फ खाताधारियों के पासपोर्ट नंबर का जिक्र है। फ्रांसीसी सरकार ने जब इस लिस्ट को खंगाला तो पासपोर्ट नंबर के आधार पर 792 भारतीयों के नाम सामने आए, इन नामों की लिस्ट फ्रेंच सरकार ने भारत को सौंप दी, जो कि विदेशों में जमा काले धन का अब तक का सबसे बड़ा खुलासा था।
Posted on 27 November 2011 by admin
काले धन के मुद्दे पर केंद्रनीत यूपीए सरकार का रवैया इतना सुरक्षात्मक क्यों है? विश्वस्त सूत्रों के दावों पर यकीन करें तो कम से कम 5 केंद्रीय मंत्रियों पर भी शक की सुई गहरा रही है, इसमें से कम से कम दो मंत्री मध्यप्रदेश के बताए जाते हैं, एक पंजाब से हैं, एक दिल्ली से लगे साथी राज्य से। जो कथित लिस्ट भारत सरकार के कब्जे में बताई जाती है उसमें 792 भारतीयों के नाम शामिल हैं। 10 करोड़ रुपयों से लेकर 8 हजार करोड़ रुपए तक खाताधारियों के अकाऊंट में बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा पैसा देश के एक कॉरपोरेट घराने के अधीनस्थ चलने वाले एक ट्रस्ट का बताया जा रहा है। स्विट्जरलैंड के विभिन्न बैंकों से पहले भी कई बार खाताधारियों के नाम लीक हुए हैं, लिस्ट चोरी भी हुई है, एक बार ऐसी ही लिस्ट को जर्मन सरकार ने मुंहमांगे दामों पर खरीद लिया था।
Posted on 19 November 2011 by admin
सीबीआई भंवरी केस के नए पेचों-खम को सुलझाना चाहती है। सीबीआई चाहती है कि भंवरी की बेटी का डीएनए टेस्ट हो। सूत्रों की मानें तो लगातार यह आवाजें उठ रही हैं कि उसका पिता कोई और नहीं बल्कि स्वयं मलखान हैं।
Posted on 19 November 2011 by admin
राहुल के हेलीपैड तक पहुंचने के लिए एसपीजी ने जिन नेताओं को इजाजत दे रखी थी उसमें रीता बहुगुणा, जितिन प्रसाद, प्रमोद तिवारी, राजीव शुक्ला और आरपीएन सिंह शामिल थे। बैरीकेड के दूसरी ओर से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्टूडेंट यूनियन नहीं बनने दिए जाने से नाराज कुछ लड़कों का समूह हाथ में काले झंडे लेकर राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी कर रहा था।उसमें से एक लड़का भागकर बैरीकेड पार कर हेलीपैड की ओर लपका। वहां जब तक पुलिस वाले पहुंच पाते उससे पहले जितिन, प्रमोद तिवारी, आरपीएन सिंह पहुंचे और उस छात्र को पीटना शुरू कर दिया। उसको पीटे जाने से राहुल भी खुश नहीं थे। बाद में मुलायम और अखिलेश ने साफ कर दिया कि वह सपा का कार्र्यकत्ता नहीं था। यानी सपा कांग्रेस की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाए रखना चाहती है।
Posted on 19 November 2011 by admin
मदेरणा मुद्दे पर वसुंधरा की सुविचारित चुप्पी से भाजपा हाईकमान सकते में है, पर वसुंधरा को इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता। वह तो राज्य की राजनीति देख रही हैं। मदेरणा के खिलाफ बोलकर वह जाटों को नाराज नहीं करना चाहतीं।
Posted on 19 November 2011 by admin
पर क्या विजय माल्या की हालत सचमुच इतनी खस्ता है या वो एक गरीब कंपनी के अमीर मालिक हैं? कागजों पर कंपनी को कोई 7800 करोड़ का घाटा है, पर असल में घाटा इससे भी कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है। इनको तो कंपनी के लिए जहाज खरीदने में भी फायदे हैं तभी तो वो एक पल की देर किए बगैर 641 करोड़ में एफ1 की टीम खरीद लेते हैं। क्या अब उनके मैनेजमेंट पर वित्तीय संस्थानों का इतना भी भरोसा नहीं रहा जो अब उनकी कंपनी के अकाऊंट का देखभाल बैंक करेंगे।
Posted on 19 November 2011 by admin
किंगफिशर के विजय माल्या पर केंद्रनीत यूपीए सरकार की मेहरबानियों की कई खास वजहें हैं। नहीं तो व्यालार रवि से लेकर स्वयं प्रधानमंत्री तक डूबते किंगफिशर को बचाने के लिए बेलआऊट पैकेज की वकालत करते दिखे। समझा जाता है कि कर्नाटक की राजनीति में अब भी माल्या का सिक्का चलता है और कहा जाता है कि राज्य के कम से कम 13 विधायकों पर माल्या का इतना प्रभाव है कि माल्या जिधर चाहें वे उधर जा सकते हैं। माल्या की शरद पवार से भी गहरी छनती है यह बात कांग्रेस बखूबी जानती है।
Posted on 19 November 2011 by admin
भारतीय उद्योग जगत की समस्याओं को लेकर प्रणब दा किंचित गंभीर जान पड़ते हैं। उन्होंने उद्योग जगत के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को अभी हाल ही में सुझाव दिया है कि उद्योग जगत सरकार के साथ-साथ विपक्षी पार्टियों को भी भरोसे में लें। प्रणब दा की योजना फिक्की और सीआईआई के सदस्यों की एक बैठक बुलाने की है जिसमें सरकार व विपक्षी दलों के नेता भी शामिल होंगे। सरकार व विपक्ष दोनों मिलकर उद्योग जगत की समस्याओं को सुनेंगे तब कहीं जाकर सरकार संकट में फंसे उद्योग घरानों के लिए एक पुनर्वास पैकेज का ऐलान कर सकती है।
Posted on 19 November 2011 by admin
मुकेश अंबानी को केजी बेसिन मामले में पीएसी तलब कर सकती है। उन्हें जवाब देने के लिए पार्लियामेंटरी एकाऊंट कमेटी सम्मन भी कर सकती है। अगर पीएसी ने अपना निर्णय दे दिया तो मामला बहस के लिए सदन में आ सकता है। कोई भी राजनैतिक दल उन्हें बख्शने के मूड में नहीं है। हां, वित्त मंत्रालय जरूर उनके पक्ष में है पर कमेटी के बाकी मेंबर भी उनसे खार खाए लगते हैं।
Posted on 19 November 2011 by admin
जिस प्रकार जगन के खिलाफ कांग्रेस के दो विधायकों ने हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल कर उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में सीबीआई जांच की मांग की थी, बाद में कोर्ट ने सीबीआई जांच की अनुमति दे दी। ठीक उसी प्रकार दिवंगत वाईएसआर रेड्डी की पत्नी व जगन की मां ने भी चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की हुई थी। इस पर कोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने चंद्रबाबू के खिलाफ सीबीआई, ईडी और इंकम टैक्स जांच को हरी झंडी दिखा दी है। यानी बैठे-बिठाए कांग्रेस को एक बड़ा मुद्दा हाथ लग गया है। अब चंद्रबाबू भी मायावती, मुलायम, बादल, चौटाला, जयललिता, लालू, जगन, मधू कौड़ा जैसे विपक्षी नेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं, जिन पर सीबीआई जांच चल रही है।