Posted on 04 September 2011 by admin
यह पहली दफा है जब लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल के मसले पर स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष में ठन गई है। भाजपा की अपनी सवाल और शंकाएं हैं, और वह सेक्रेटरी जनरल की नियुक्ति में भी देश के सबसे बड़े कॉरपोरेट घराने की सक्रियता पर अचंभित है, हर प्रश्न महत्त्वपूर्ण है, चाहे वह आम में पूछा जाए या प्रश्नकाल में, प्रश्न प्रायोजित हो सकते हैं पर मंशाओं का क्या? और आम तौर पर ऐसे ही विरोधाभासों से उभर कर सामने आता है हमारे लोकतंत्र का असली चेहरा।
Posted on 04 September 2011 by admin
शायला मसूद की हत्या की जांच भले ही सीबीआई को सौंप दी गई हो पर इस युवा आरटीआई एक्टिविस्ट के नजदीकी दोस्तों की लिस्ट को जब खंगाला जाएगा तो कई चौंकाने वाले नाम निकलकर सामने आएंगे। मनमोहन सरकार के दो प्रमुख कैबिनेट मंत्री, राहुल गांधी के एक सबसे करीबी कांग्रेस महासचिव, जामिया के एक पूर्व उपकुलपति, मध्य प्रदेश सरकार के एक मंत्री, एक विधायक, मुख्यमंत्री का एक करीबी रिश्तेदार, दो बड़े अखबार समूहों के स्वामी, एक टूरिज्म कॉरपोरेशन के चैयरमैन, 3 आईएएस व 2 आईपीएस अधिकारी। अभी सिर्फ तरुण विजय का नाम ही जगजाहिर हुआ है, वह भी इस वजह से कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी न्यास का प्रधान रहते तरुण ने शायला को स्वर्गीय मुखर्जी पर एक फिल्म बनाने का काम सौंपा था। इसके बाद ही शायला से उनकी नजदीकियां बढ़ीं। अपने ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ अभियान के तहत वह कमलनाथ और जयराम रमेश से मिलीं। शायला अन्ना कैंपेन की मध्य प्रदेश की इंचार्ज भी थीं, जांच एजेंसियों को प्रथम दृष्टया इस बात का शक है कि उनकी हत्या में माइनिंग लॉबी या प्रदेश के एक बड़े पुलिस अधिकारी (आईपीएस) का हाथ हो सकता है। ‘क्या इससे यह समझा जाए कि…वो शोख इंतकाम का खंगर नहीं रहा शीशागरों के शहर में पत्थर नहीं रहा…’
Posted on 04 September 2011 by admin
मनमोहन सरकार के एक सबसे ताकतवर मंत्री के पुत्र जो देश के सबसे बड़े कॉरपोरेट के लिए काम करते हैं, वे सुबह की फ्लाइट में चंडीगढ़ पहुंचते हैं और शाम होते-होते उनका काम हो जाता है, जिस बिल्डर की सिफारिश लेकर वे मुख्यमंत्री हुड्डा के पास पहुंचे थे उन्हें लाईसेंस मिल जाता है और इस काम को सरंजाम देते हैं 82 बैच के एक आईएएस अफसर जो इन दिनों मुख्यमंत्री की नाक के बाल बने हुए हैं। राजीव गांधी फाऊंडेशन को भी जमीन देने में इसी अफसर की महती भूमिका थी। अफसर खुद तो चंडीगढ़ में रहते हैं पर इनका परिवार दिल्ली में राज्य सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में रहता है, इनके बच्चे दिल्ली के स्कूल में पढ़ते हैं सो अब इन्हें भी अपने लिए दिल्ली दूर नहीं लगती।
Posted on 04 September 2011 by admin
‘कैश फॉर वोट’ मसले पर कांग्रेस के सर्वशक्तिमान अहमद पटेल को दिल्ली पुलिस से क्लीन चिट मिल गई है। सूत्रों का दावा है कि जब न्यूक्लीयर डील मसले पर सरकार बचाने की कवायद करते पटेल कुछ सांसदों से मिलने नई दिल्ली स्थित मेरिडियन होटल जा रहे थे तो खुफिया एजेंसी के एक अहम अधिकारी के फोन के बाद वे बीच रास्ते से लौट आए, पर अपने इरादों को मुकाम तक पहुंचाना नहीं भूले। यह भी क्लीन चिट मिल गई है कि पटेल की कभी सुहेल हिंदुस्तानी से बात भी नहीं हुई। इस बात से नाराज अमर सिंह अब गुहार लगा रहे हैं कि इस पूरे उपक्रम का लाभार्थी कौन हैं? उस पर शिकंजा क्यों नहीं कस रहा? बस एक सवाल-‘नादिर तू क्यों संभल कर कदम रखता है यहां जौके बिसाल क्या तेरे अंदर नहीं रहा’
Posted on 04 September 2011 by admin
कांग्रेसी राजमाता की तबियत नासाज है, खुद कांग्रेस की हालत डावांडोल, चंद वकील राजनेताओं के हाथों में इसकी दशा-दिशा का स्टीयरिंग हैं, सो दिशाहीन होती जा रही पार्टी व सरकार को नवजीवन देने के लिए सोनिया विश्वासियों का अहम कोर ग्रुप युवराज के राजतिलक का आगाज कर रहा है। अक्तूबर में यह शुभ घड़ी आ सकती है, इससे ठीक पहले डा.मनमोहन सिंह भी आधिकारिक रूप से बीमार पड़ सकते हैं और राज-काज चलाने में अपनी असमर्थता जाहिर कर सकते हैं, पर युवराज के राजतिलक में सबसे बड़ा पेंचोखम शरद पवार व बूढ़े करुणानिधि डाल रहे हैं, वे युवा राहुल के नेतृत्व में काम करने में आनाकानी कर रहे हैं, पर यह कांग्रेस है भैया, यहां हर मर्ज की दवा है, यहां रहबर भी यही हैं और रहजन भी, यह बात पवार व करुणानिधि को समझा दी गई है। ममता दीदी तो यह पहले ही मान चुकी हैं।