Posted on 03 July 2011 by admin
पर सिर्फ रामदेव को घेरने का उपक्रम भर नहीं साधना चाहती सरकार, वह जाहिरा तौर पर बाबा को बचाव का रास्ता भी मुहैया कराने को आतुर है, केंद्र सरकार भली-भांति इस तथ्य से वाकिफ हो चुकी है कि फिलहाल बाबा जन-आंकाक्षाओं के केंद्र बन गए हैं और उनको छेड़ना यानी कि जन भावनाओं को सरकार विरोधी बनाना है। सो, कई नए तारणहार सामने आ रहे हैं। श्री-श्री रवि शंकर की मध्यस्थता की पेशकश में चाहे दम ना भी हो पर, असल खेल तो मुकेश अंबानी खेल रहे हैं, वह इस संकट से सरकार को उबारने का हर संभव उपक्रम साध रहे हैं। इस हेतु उन्होंने अपने पारिवारिक गुरु मोरारी बापू की भी सेवाएं ली हैं, सनद रहे कि मोरारी बापू से बाबा के संबंध काफी मधुर हैं, सो बाबा को मनाने में बापू की एक महती भूमिका हो सकती है, फिलहाल तो सरकार की सारी चिंताएं इस बात को लेकर है कि बाबा अपना अनशन तोड़ें, इसके लिए सरकार कई नए-नवों को जोड़ने को भी तैयार हैं।
Posted on 03 July 2011 by admin
लगता है बाबा रामदेव व काले चश्मे वाले बाबा करुणानिधि के पचड़ों से कांग्रेस उबर गई है। तभी तो सोनिया ने बेखटके इटली की उड़ान पकड़ ली है। सो केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार भी अब 10-12 दिनों के लिए बस टला समझिए, अब जो होगा मैडम गांधी के स्वदेश वापसी के बाद होगा। फिलवक्त तो कांग्रेस का सारा ध्यान बाबा प्रकरण से निपटने में है। ईडी और सीबीडीटी अपना काम कर रहे हैं, आस्था-जागरण चैनलों के खरीद के अलावा स्कॉटलैंड में अवस्थित पीस आइलैंड के खरीद-फरोख्त के कागजों को भी खंगाला जा रहा है। यह द्वीप बाबा ने अनिवासी भारतीय पोद्दार दंपत्ति से खरीदी थी। बाबा के विदेशों में योग के जितने भी कार्यक्रम होते हैं उसका संचालन केंद्र भी यही है, इस द्वीप के बारे में खास तौर पर यह मशहूर है कि अगर समलैंगिक लोग यहां आकर रहने लगे तो यहां की आबोहवा कुछ ऐसी है कि उनकी समलैंगिक आदतें भी पल भर में छू-मंतर हो सकती है।
Posted on 03 July 2011 by admin
तपती दिल्ली में खबरें सुलग रही है, हर पल ब्रेकिंग न्यूज का…सुनते हैं 10 जनपथ और 7 रेस कोर्स की अघोषित जंग को नित्य नए बहाने मिल रहे हैं, ऐसे में निर्विकार भाव-भंगिमाओं से लैस कांग्रेस की महारानी सोनिया गांधी दबे पांव चुपके से दुबई की फ्लाइट में सवार हो जाएं तो उसे आप क्या कहेंगे, दुबई से वह इटली के लिए उड़ जाएंगी सीधे अपनी मां के पास, शायद एक दो रोज में राहुल और प्रियंका भी मां व नानी को इटली में मिलें। यह कोई नई बात नहीं है सोनिया का अपनी मां के साथ जैसे एक अघोषित-सा करार है उनकी मां क्रिसमस की छुट्टियाें में जरूर इंडिया आएंगी और गर्मी की छुट्टियों में सोनिया सपरिवार नियम से इटली जाएंगी।
Posted on 03 July 2011 by admin
भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में वकीलों का बोलबाला है कांग्रेस में चिदंबरम, कपिल सिब्बल, जयंती नटराजन, सलमान खुर्शीद आदि तो भाजपा में अरुण जेतली, रवि शंकर प्रसाद, राम जेठमलानी आदि का बोलबाला है। भाजपा ने एक ओर जहां संसद में 2जी पर हाय-तौबा मचाई हुई है, वहीं भाजपा के राज्यसभा सदस्य व अडवानी करीबी राम जेठमलानी 2जी केस में कनिमोझी का बचाव कर रहे हैं और अदालत में तर्क दे रहे हैं कि 2जी कोई घोटला है ही नहीं, जसवंत सिंह भी इसे स्कैम नहीं मान रहे, यानी दोनों पार्टियों के वकीलों को पार्टीलाइन से इतर लाइन लेने की भरपूर छूट मिल रही है। महात्मा गांधी ने भी एक वकील जवाहर लाल नेहरू को सबसे ज्यादा प्रमोट किया था, पर सनद रहे कि नेहरू एक ‘नान पैक्टिसिंग लॉयर’ थे, जमाना बदल गया है, सियासत और सियासत के दस्तूर भी बदल गए हैं सो आज की पार्टियां अपने वकील सदस्यों को अदालत में मुकदमों की पैरवी की भी भरपूर इजाजत दे रही है और पार्टी लाइन को धत्ता बताने की भी।
Posted on 03 July 2011 by admin
प्रधानमंत्री की प्रेस-कांफ्रेंस का भगवा जवाब आया पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी की ओर से। अडवानी और उनकी मंडली नाराज है, कि जब सारे मुद्दे संसद के थे तो जवाब गडकरी की ओर से क्यों? क्या गडकरी ही सही मायनों में प्रधानमंत्री के असली ‘काउंटर पार्ट’ हैं? यानी कि भाजपा के नए पीएम इन वेटिंग-मिस्टर गडकरी।
Posted on 03 July 2011 by admin
बस जरा सी बात पर गोपीनाथ मुंडे का कांग्रेस में आना टल गया, नहीं तो कांग्रेसी रणनीतिकारों ने महाराष्ट्र में भाजपा को एक जोर का झटका देने की सारी तैयारी कर ली थी। माणिक राव और पृथ्वीराज चौहान इस पूरी मुहिम के अगुआ थे, कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह मोलभाव कर रहे थे। इस पूरी मुहिम से विलासराव देशमुख को अलग रखा गया था जबकि देशमुख और मुंडे मुंबई के वर्ली के एक ही इमारत में अलग-बगल रहते हैं। दरअसल, मुंडे कांग्रेस ज्वॉइन करते ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह चाहते थे, हालांकि कांग्रेस का मानना था कि उन्हें कांग्रेस में आते ही मंत्री पद से नवाजना उचित नहीं होगा, इसके लिए उन्हें थोड़ा इंतजार करना होगा। वैसे भी बाहरी लोगों को कांग्रेस में हमेशा ही ज्यादा मिला है, मसलन बेनी प्रसाद वर्मा (नए फेरबदल में इन्हें कैबिनेट का दर्जा मिल सकता है), संजय निरूपम, मोहन प्रकाश, मधुसूदन मिस्त्री आदि-आदि।
Posted on 03 July 2011 by admin
एक प्राइवेट एयरलाइंस इंडिगो का अभ्युदय किसी चमत्कार से कम नहीं, यह कंपनी ना सिर्फ 700 करोड़ के मुनाफे में चल रही है अपितु हालिया दिनों में इसने 180 विमानों के खरीद का बड़ा ऑर्डर भी दिया है। जहां एक ओर किंगफिशर जैसी कंपनियों पर एयरपोर्ट अथॉरिटी का करोड़ों बकाया है, वहीं इंडिगो एयरपोर्ट अथॉरिटी को एडवांस में पैसे देकर 30 फीसदी की छूट भी पा रही है। यहां तक कि इसने इंडियन ऑयल को विमान के ईंधन के लिए एक साल का एडवांस पैसा दे रखा है नतीजन इसे ईंधन पर भी भारी छूट मिल रही है। यह कंपनी 2006 में एक ट्रेवल एजेंट राहुल भाटिया ने शुरू की थी, जो पहले इंटर ग्लोब इंटर प्राइजेज के नाम से अपनी ट्रेवल एजेंसी चलाते थे। भाटिया ऊंची राजनैतिक रसूखों वाले व्यक्ति हैं माना जाता है कि उन्हें मनमोहन मंत्रिमंडल के दो शक्तिशाली कैबिनेट मंत्रियों का आशीर्वाद प्राप्त है, शायद इसीलिए उनकी कंपनी इस कदर ‘कैश रिच’ है। कहते हैं अभी इंडिगो को अपनी दुबई की फ्लाइट संचालित करने की अनुमति मिल गई है, और यह अनुमति कथित तौर पर गृह मंत्रालय ने कई नियमों को ताक पर रख कर दी है। गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक जिस किसी विदेशी धरती पर प्राइवेट एयरलाइंस अपने उड़ानों को संचालित करती है, वहां कंपनी का अपना सिक्यूरिटी स्टॉफ होना चाहिए, जबकि दुबई के मामले में इंडिगो ने सुरक्षा का जिम्मा किसी प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी के हवाले कर दिया है।
Posted on 03 July 2011 by admin
एयर इंडिया की हालत डावांडोल है, कर्मचारियों को दो महीने से तनख्वाह नहीं मिली है, जबकि ज्यादातर लोग अपनी आधी तनख्वाह पर काम कर रहे हैं, इस महीने कर्मचारियों को उनकी तनख्वाह का तीस फीसदी भुगतान होना है। ज्यादातर सीनियर पायलट पहले ही नौकरी छोड़कर जा चुके हैं। अभी कोई 110 कैप्टन एयर इंडिया छोड़ कर इंडिगो में जा रहे हैं। कैबिनेट के पास प्रस्ताव आया है कि एयर इंडिया को तुरंत 800 करोड़ का राहत पैकेज दिया जाए। ऐसे में नए विमानन मंत्री व्यालार रवि क्या कर रहे हैं? सूत्र बताते हैं कि मंत्री जी का सारा ध्यान ज्यादा से ज्यादा उड़ान केरल ले जाने पर केंद्रित है, अभी मंत्री जी का नया फरमान आया है कि दिल्ली, लखनऊ, पटना की उड़ान को बंद कर कोट्टायम ले जाया जाए। जब प्रफुल्ल पटेल सिविल एविशियन मंत्री थे तो उनका ज्यादातर वक्त प्राइवेट ऑपरेटर को फायदा पहुंचाने की जुगत भिड़ाने में निकल जाता था और अब नए मंत्री जी का ज्यादातर वक्त टे्रड यूनियन के नेताओं की संगत में जाया हो रहा है।
Posted on 03 July 2011 by admin
मलयाली लॉबी का सबसे बड़ा चमत्कार तो रंजन मथाई को देश का नया विदेश सचिव बनाया जाना था। जो फिलवक्त फ्रांस में भारत के राजदूत हैं। सबसे हैरत अंगेज तो यह कि मथाई की कभी किसी पड़ोसी देश में पोस्टिंग हुई ही नहीं, और विदेश सचिव पद की अपरिहार्यता को पूरी करने वाली एक प्रमुख शर्त कभी उनकी फील्ड पोस्टिंग भी नहीं हुई, बावजूद इसके उनका विदेश सचिव के ताकतवर पद पर आसीन होना मल्लू लॉबी के लहराते परचम का ही परिचायक था। यही बात कहीं न कहीं दस जनपथ को परेशान कर रही थी। जबकि विदेश सचिव की रेस में विवेक काटजू, शरद सब्बरवाल और हरदीप पुरी के नाम भी चल रहे थे, चूंकि हरदीप पुरी कभी भाजपा की टिकट पर दिल्ली से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके थे सो उनका नाम रेस में पहले ही कट गया था। योग्यता के आधार पर काटजू का पलड़ा कहीं अधिक भारी था, क्योंकि उनका प्रदर्शन बतौर राजदूत अफगानिस्तान में शानदार रहा था।
Posted on 03 July 2011 by admin
प्रदीप कुमार का नया सीवीसी होना, मल्लू लॉबी के घटते वर्चस्व का परिचायक है। पूरी मलयाली लॉबी ने रिटायर गृह सचिव जी.के.पिल्लई के लिए सारा जोर लगाया हुआ था, हालांकि बिजॉय चटर्जी, नरेश दयाल, अलका सिरोही, आर.पी.अग्रवाल, विजयलक्ष्मी गुप्ता, आर.एस.पांडे समेत सीवीसी की रेस में कोई 28 लोग शामिल थे, जिसमें से ज्यादातर आइएएस या पूर्व आइएएस थे। हरियाणा कैडर के 1972 बैच के आइएएस और रक्षा सचिव प्रदीप कुमार और जी.के.पिल्लई में सबसे नजदीकी जंग थी, पर पिल्लई की राह में यूं अचानक प्रणब मुखर्जी और दस जनपथ आ गए। प्रणब दा को रंज था कि चिदंबरम के कहने पर पिल्लई ने ही उनकी जासूसी करवाई, वहीं दस जनपथ मलयाली लॉबी के एकछत्र साम्राज्य पर रोक लगाना चाहता था, सो पिल्लई की जगह प्रदीप कुमार का नंबर लग गया। हो सकता है इसमें सुषमा स्वराज का हरियाणा कनेक्शन भी शामिल हो।