Posted on 26 July 2011 by admin
एक राजा और रानी (कनिमोझी) को छोड़ दें तो 2जी मामले में तिहाड़ की हवा खा रहे हर शख्स की बस यही दिली तमन्ना है कि सीबीआई उसे अपना अप्रूवर बना ले। तिहाड़ की बंद दीवारें, उमस, गर्मी, कैद जिंदगी, बंधक सांसे, रोज-बरोज कोर्ट में हाजिरी का झंझट, बिजनेस लॉबी पर तो जैसे अप्रूवर बनने की ललक सवार है, पर सीबीआई बहुत पहले से ही ठोक-बजाकर अपना अप्रूवर चुनना चाहती थी। बिजनेस लॉबी पर उसे भरोसा नहीं था, सो सीबीआई की नजर टेलिकॉम अधिकारिायों पर टिकी थी, यानी चंदोलिया या बेहुरा, पर फिलवक्त तो यही लगता है कि इस खेल में बेहुरा ने बाजी मार ली है, वे सीबीआई वालों को ज्यादा रास आ रहे हैं।
Posted on 26 July 2011 by admin
कर्नाटक के लोकायुक्त संतोष हेगड़े की दिली इच्छा है राष्ट्रपति या उप राष्ट्रपति बनने की। वैसे भी इनके पिता के.एस.हेगड़े लोकसभा स्पीकर रह चुके हैं।
Posted on 26 July 2011 by admin
इस दफे अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन भारत आईं तो यूपीए के 3 मंत्री व सोनिया गांधी के अलावा नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता से मिलीं। इसका संदेश साफ है कि अमरीका यूपीए से इतर भारत में वैकल्पिक राजनीति की संभावनाओं को भी टटोल रहा है। हिलेरी ने अपना भाषण दिल्ली में न देकर चैन्ने में दिया। हिलेरी ने कहा कि इस रीजन में दो सुपर पॉवर है रूस और चीन, भारत का अभ्युदय एक नए सुपर पॉवर के तौर पर हो रहा है, इसीलिए अमरीका भारत से व्यापार का पक्षधर है और वह चाहता है कि भारत अब अपना ट्रेड ईस्ट (सिंगापुर, मालदीय, श्रीलंका, म्यांमार, मलेशिया, बांग्लादेश) से मध्य एशिया की ओर ले जाए, इसीलिए हिलेरी ने चैन्ने के किसानों से आह्वान किया कि अब वे अपना तैयार माल ईस्ट के बजाए कजाकिस्तान को बेचें, कमाल है अमरीकी सोच के, एक तीर से दो निशाने।
Posted on 26 July 2011 by admin
सवाल अहम है आखिरकार सीबीआई की जांच की आंच में सिर्फ विपक्षी नेता ही क्यों तपते हैं, इसकी तपिश कांग्रेसी नेताओं तक क्यों नहीं पहुंचती? जैसे हवाला मामले में अडवानी, खुराना, यशवंत सिन्हा, शरद यादव आदि तो आय से अधिक संपत्ति मामले में मायावती, मुलायम, लालू, प्रकाश सिंह बादल, चौटाला, जयललिता और सीपीएम के पिन्नराई। अब जगनमोहन रेड्डी भी जब तक कांग्रेसी थे, सात खून माफ थे, जैसे ही कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बनाई, आ गए सीबीआई जांच के दायरे में।
Posted on 26 July 2011 by admin
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के पुत्र निखिल गडकरी की कंपनी पर आयकर के छापे सांकेतिक हैं, गडकरी ने लंदन जाने से पूर्व एक इंटरव्यू में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी पर सीधा-सीधा हल्ला बोल दिया था, उस इंटरव्यू में बड़बोले गडकरी यहां तक कह बैठे थे कि काले धन मामले पर सरकार इसीलिए चुप बैठी है कि कांग्रेस के कई बड़े नेताओं का काला धन विदेशी बैंकों में जमा है, इसमें सोनिया गांधी भी शामिल हैं। सो गडकरी की मुंहजुबानी पर यह कांग्रेस की बदगुमानी है।
Posted on 26 July 2011 by admin
एनआईए की चार्जशीट में संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार का नाम नहीं है, सरकार ने अपने इरादे जाहिर कर दिए, वह नहीं चाहती थी कि अपनी ओर से इंद्रेश का नाम चार्जशीट में दे। यदि कोर्ट गवाहियों के आधार पर स्वयं सम्मन करता है, फिर ठीक है, सरकार बिलावजह मामले को तूल दिए जाने की पक्षधर नहीं।
Posted on 26 July 2011 by admin
अमरीका में डा.गुलाम नबी फई का जैसे ही आईएसआई से संबंधों का खुलासा हुआ, भारत में भी कोहराम मच गया। प्रधानमंत्री के करीबी माने जाने वाले एक अखबार के पूर्व संपादक की अगुवाई में गठित तीन सदस्यीय पैनल की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। सनद रहे यह वही पैनल है जो मनमोहन सिंह को लगातार यह सुझाव दे रहा था कि कश्मीर में 1953 से पूर्व की स्थिति बहाल कर दी जाए, अब इस बात का खुलासा हो गया है कि इस पैनल के सदस्यगण फई के खर्चे पर कई दफे अमरीका घूम आए थे, इसीलिए वे जो कह रहे थे अब उसकी पड़ताल में हमारी जांच एजेंसियां जुट गई है, क्या है उन बेनाम चेहरों की हकीकत, क्यों बिक जाते हैं वे हाथों हाथ? वैसे भी फई के बारे में अमरीका कहीं पहले से जानता था, खुलासा अब करने के पीछे उसकी मंशा भी जगजाहिर है।
Posted on 26 July 2011 by admin
एक ओर जहां मुलायम और कांग्रेस में खिचड़ी पक रही है, स्वयं राहुल बाबा मुलायम के प्रति साफ्ट नजरिया अपना रहे हैं, वहीं कुछ कांग्रेसी मंत्री मुलायम विरोधियों को ‘स्पांसर’ कर रहे हैं। वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी जिसने आय से अधिक संपत्ति मामले में मुलायम के खिलाफ जनहित याचिका दाखिल की थी, जो फिलवक्त दिल्ली के राजेंद्र नगर इलाके में रहते हैं, उनके बच्चों का दाखिला आर्मी पब्लिक स्कूल में करवाया गया है और इनके बच्चों के गार्जियन बने हुए हैं कपिल सिब्बल, जो पहले से ही केंद्र में दोहरी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
Posted on 26 July 2011 by admin
उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी का झगड़ा सड़कों पर उतर आया है, यहां 31 लोगों की कार्यकारिणी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल आर्य और राज्य प्रभारी वीरेंद्र सिंह में ठन गई है, दोनों अपने-अपने लोगों को कार्यकारिणी में जगह दिलवाना चाहते हैं, बात बढ़ गई है और अब यह मामला 10 जनपथ में जाने वाला है।
Posted on 26 July 2011 by admin
ग्रेटर नोएडा जमीन मामले में कोर्ट में जो पीआईएल दाखिल करवाई गई है उसमें कांग्रेस के अलावा एक बिल्डर समूह भी शामिल है, जिन्हें मुख्यमंत्री का करीबी समझा जाता है। यूपी चुनाव से ऐन पहले बिल्डरों के ऊपर कोर्ट का बुल्डोजर चलने से सत्ता के कंगूरे पर बड़ी हलचल मची है। कोर्ट के आदेश के बाद एक लाख फ्लैट कैंसिल हो गए हैं और 5 हजार एकड़ से कहीं ज्यादा भूमि मुक्त हो गई है। किसान बम-बम हैं, बिल्डरों से कह रहे हैं कि सीधी हमसे जमीन खरीद लो पर ये रेट आसमान छू रहे हैं, बिल्डरों के खाते खाली हैं, बिचारे क्या करें, कहां से जमीन खरीदें और कैसे निवेशकों का पैसा वापिस करे।