Posted on 08 May 2011 by admin
विद्रोही कवि मुक्ति बोध के शब्द हैं-‘जो है उससे बेहतर चाहिए, दुनिया को साफ करने के लिए मेहतर चाहिए…।’ चुनांचे हम भी शब्दों को बाजार नहीं, विचारों का कारगर हथियार मानते हैं। वैसे भी सियासी आहटों को टटोलने, परखने व उसे संप्रेषित करने का जिम्मा ‘मिर्च मसाला’ ने एक दशक से ज्यादा समय से उठाया हुआ है। कहने को तो यह एक ‘गॉसिप’ कॉलम है, पर हम खबरों के प्रस्फुटन की आहट भांप लेते हैं। अभी पिछले ही हफ्ते ‘चक्कर सीडी व ईडी का’ शीर्षक के अंतर्गत इसी कॉलम में इसकी एक बानगी पेश हुई। इस खबर के छपने के बाद ठीक दो रोज के बाद मंगलवार को इसी को विस्तार देते हुए ‘इकॉनोमिक टाइम्स’ ने अपने पहले पेज पर इसी खबर को जगह दी। और शुक्रवार आते-आते इसी खबर के आलोक में सुप्रीम कोर्ट ने सहाराश्री व चैनल प्रमुख उपेंद्र राय को अदालत की अवमानना का नोटिस भी थमा दिया।
Posted on 01 May 2011 by admin
सोनिया गांधी इस बात को लेकर तनिक हैरानी में हैं कि पिछले कुछ समय से ऐसा क्यों हो रहा है या क्या यह महज इत्तफाक है कि जब भी वह अपनी किचेन कैबिनेट की बैठक आहूत करती है तो उनके घर के पास वाली सड़कों पर वीआईपी रूट लग जाता है और उनके खास लोग इस वजह से मीटिंग में पहुंचने में अक्ंसरा लेट हो जाते हैं, देर से ही सही, मैडम सोनिया को यह बात पते की समझ तो आई।
Posted on 01 May 2011 by admin
सोनिया गांधी की तमाम ‘गुडविल जेस्टर’ के बावजूद ममता बनर्जी ने उनसे एक अघोषित जंग ठान ली है। ममता को न जाने क्यों ऐसा लगता है कि बंगाल के बागी कांग्रेसियों को जाने-अनजाने तौर पर सोनिया का आशीर्वाद प्राप्त है, सो सोनिया के लाख चाहने के बावजूद ममता उनके साथ कोई संयुक्त रैली करने को तैयार नहीं, जबकि मनमोहन सिंह के साथ ममता न सिर्फ मंच शेयर कर रही है, अपितु साझा रैलियों को संबोधित भी कर रही है। वहीं बैनर, पोस्टर व चुनावी विज्ञापनों में मनमोहक मुस्कान वाले मनमोहन तो उपस्थित हैं, पर हर प्रचार सामग्री से सोनिया नदारद हैं।
Posted on 01 May 2011 by admin
सवाल यही लाख टके का है कि क्या कानीमोझी की गिरफ्तारी होगी? मौजूदा हालात तो ‘हां’ की चुगली खाते हैं, वैसे भी तिहाड़ में कैद राजा को जाने कब से अपनी ‘रानी’ का इंतजार है। पर लोग यह सोचकर गलती कर रहे हैं कि कानी दयालु अम्मा की बेटी हैं, दरअसल वर्षों पहले यही सवाल तमिलनाडु विधानसभा में करुणानिधि से भी पूछा गया था कि ‘रजथी अम्मा कौन है?’ जवाब में कालेचश्मे वाले बाबा ने निर्भीकता से कहा था-‘रजथी अम्मा कानीमोझी की मां हैं और कानी मेरी बेटी है।’ यानी अब तो यह बात छुपाने की नहीं कि तीन पत्नियां है करुणानिधि की, बड़ी की मृत्यु हो चुकी है, दूसरी से अझागिरी, स्टालिन और एक बेटी है, और तीसरी से कानीमोझी। इसीलिए कानी करुणा की इतनी लाडली हैं।
Posted on 01 May 2011 by admin
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी में शीला दीक्षित के प्रति असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है, अब यह चिंगारी कांग्रेस के निगम पार्षदों तक जा पहुंची है, जब से शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट आई है, चौधरी बीरेंद्र सिंह ने दिल्ली कांग्रेस का प्रभार संभाला है और कलमाड़ी अंदर गए हैं, पार्टी में शीला का मुखर विरोध शुरू हो गया है। पिछले दिनों एक मीटिंग में निगम बंटवारे की बात से नाराज कांग्रेस के निगम पार्षद जीतेंद्र कोचर ‘जीतू’ ने बीरेंद्र सिंह, जे.पी.अग्रवाल, अनीस अहमद की मौजूदगी में शीला को हटाने की मांग कर डाली, कोचर का कहना था कि कॉमन वेल्थ लूट का 60 फीसदी पैसा शीला को गया है, और इसमें से अधिकांश पैसा संदीप दीक्षित के संसदीय क्षेत्र में लगा है, कोचर के सवाल पर बैठक में मौजूद पार्टी के दिग्गज मौन रहे, क्या वे भी शीला विरोधी आग को हवा दे रहे हैं?
Posted on 01 May 2011 by admin
अपनी भाजपा वापसी की दहलीज पर खड़ी उमा भारती एकबारगी पुन: अपने पुराने तेवरों में लौट आई है, इस बुधवार को उन्होंने अपने गुरु पेजावर स्वामी के 81वें जन्मदिन के मौके पर नई दिल्ली के वसंत कुंज स्थित आश्रम में एक बड़ा कार्यक्रम किया। उमा ने अपने गुरु को 81 लाख की थैली भेंट की, उस मौके पर स्वयं अडवानी मौजूद थे। उनके अलावा बाबा रामदेव, अशोक सिंघल, साध्वी ऋतंभरा और गोविंदाचार्य भी मौजूद थे। अडवानी ने साष्टांग दंडवत होकर रामदेव से आशीर्वाद लिया, अडवानी के साथ उनकी धर्मपत्नी कमला और पुत्री प्रतिभा भी कार्यक्रम में आई थीं, जिन्हें उमा ने अपने खास अंदाज में मंच पर बुला लिया। कोई 5-6 वर्ष नेपथ्य में बिताने के बाद आखिरकार अब उमा को मंच का महत्त्व समझ में आ गया है।
Posted on 01 May 2011 by admin
एक ओर जहां यह कयास लगाए जा रहे हैं कि जैसे ही अगले हफ्ते उमा भारती की भाजपा वापसी सुनिश्चित होगी… उसके बाद गोविंदाचार्य की भी भगवा पार्टी में वापसी हो सकती है, बावजूद इसके गोविंदाचार्य इन दिनों अपने सामाजिक आंदोलनों के माध्यम से भाजपानीत राज्य सरकारों को आड़े हाथों ले रहे हैं, उनकी कैजुअल्टी लिस्ट में ताजातरीन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री निशंक शुमार हुए हैं, पिछले दिनों गोंविदाचार्य दिल्ली में थे उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश से मिलकर गोमुख से लेकर उत्तरकाशी तक के 135 किलोमीटर के क्षेत्र को ‘इको सेंसेटिव जोन’ घोषित करने की अपनी पुरानी मांग दुहराई। उन्होंने जयराम से निशंक को एक करारी चिट्ठी भी लिखवाई, सनद रहे कि पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ एक मीटिंग में निशंक इस 135 किलोमीटर क्षेत्र को ‘ईएस जोन’ घोषित करने पर तैयार हो गए थे, बाद में वे जैसे ही देहरादून पहुंचे अपनी पार्टी के केंद्रीय नेताओं के दबाव में पीएम के समक्ष किए गए वायदे से मुकर गए।
Posted on 01 May 2011 by admin
पीएसी के प्रति कांग्रेसी रवैए को लेकर भाजपा चिंता में है,लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने स्पीकर मीरा कुमार को एक पत्र लिखा है कि अब तलक संसद की यह परंपरा रही है कि लोकसभा समिति (पीएसी) का चैयरमैन हमेशा विपक्ष का होता है, सो इसी परंपरा को कायम रखते हुए आगे के टर्म के लिए भी मुरली मनोहर जोशी को अध्यक्ष मान लिया जाए, जबकि कुछ उत्साही कांग्रेसी अब भी सैफुद्दीन सोज को ही पीएसी का चैयरमैन बनाए रखने के पक्षधर हैं।
Posted on 01 May 2011 by admin
कांग्रेस भी क्या गजब की पार्टी है, प्रतिकूल सियासी झंझावातों से भी गुजरते हुए कभी विपक्षी दलों (खासकर भाजपा) के प्रति उनकी आक्रामकता की धार कभी भोथरी नहीं पड़ती, पिछले दिनों एक अहम बैठक में कांग्रेसी भाजपा के एक वरिष्ठ नेता से भिड़ गए, जब उस भगवा नेता ने कांग्रेस को आइना दिखाने की बात कही तो पलटवार करते हुए कुछ युवा कांग्रेसी सांसदों ने भगवा नेता से चुनौती उछाली-‘तस्वीर तो आप की हम आप को भी दिखा सकते हैं, कुछ धोती वाली, कुछ बिना धोती के, बताइए आप कौन-सी देखना पसंद करेंगे?’
Posted on 01 May 2011 by admin
यूनिटेक के संजय चंद्रा 2जी मामले में फिलवक्त सलाखों के पीछे हैं, उनकी जमानत में आ रही मुश्किलों को देखते हुए उन्होंने अपने वकील के.टी.एस तुलसी को राम जेठमलानी से बदल लिया है, बदल तो उन्होंने नीरा राडिया को भी दिया है, नीरा की जगह अब यूनिटेक का पीआर एक्सरसाइज दिलीप चेरियन के जिम्मे आ गया है, चेरियन इस फील्ड के पुराने खिलाड़ी हैं, चुनांचे उन्हें एक और नए अकाऊंट से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता।