Posted on 03 April 2011 by admin
ऐसे में जबकि पूरा देश क्रिकेट के उन्माद में बेतरह डूबा था, सो भाजपा जानती थी कि ऐन वक्त सियासी तराने छेड़ना शायद ही किसी को रास आए। पर अब चूंकि विश्व कप का बुखार उतार पर है। सो अब आने वाले दिनों में यह मामला गर्मा सकता है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी के सम्मान में दिए गए रात्रि भोज में सरकार व बीसीसीआई लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा को आमंत्रित करना कैसे भूल गई? यह तो मामूली से प्रोटोकॉल का तकाजा है कि जब कोई भी विदेशी प्रधानमंत्री भारत आता है तो उनके सम्मान में दिए गए लंच या डिनर में नेता प्रतिपक्ष को जरूर बुलाया जाता है। अब यह क्रिकेट की डिनर डिप्लोमेसी थी, या देश की या फिर शायद कांग्रेस की। सो वहां सोनिया, राहुल के अलावा रॉबर्ट तक आमंत्रित थे। शशांक मनोहर और राजीव शुक्ला हर तरफ रंग में थे, क्या यह लोकसभा में विपक्ष के रवैए का कांग्रेसी जवाब है? सवाल यही तो लाख टके का है।
Posted on 03 April 2011 by admin
चिदंबरम बेतरह नाराज हैं पाक पर पीएमओ की पहल से। इसीलिए वे बुधवार को मोहाली आने के बजाए चैन्नई चले गए, चुनाव प्रचार की आड़ में। प्रणब मुखर्जी भी इस पहल से नाखुश बताए जा रहे हैं इसीलिए उन्होंने भी मोहाली जाने के बजाए सीधे गुवाहाटी की फ्लाइट पकड़ ली। चूंकि गिलानी के मंत्रियों के जत्थे में वहां के गृह मंत्री भी शामिल थे, सो प्रोटोकॉल के लिहाज से चिदंबरम का वहां मौजूद रहना और भी जरूरी था, पर पीसी अपनी नाराजगी को सार्वजनिक रूप देना चाहते थे, इसीलिए उन्होंने चैन्नई की फ्लाइट पकड़ ली। जबकि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री गिलानी के साथ जो सात मंत्रियों का दल आया था, वे सभी अलग-अलग पार्टियों से थे। चिदंबरम से उलट प्रधानमंत्री की राय थी कि ‘हम एक विशाल राष्ट्र है चुनांचे हमें छोटी-छोटी बातों को भुलाकर फराख दिली का परिचय देते हुए पड़ोसियों से मिलना चाहिए।’ इस पूरे मामले में विदेश मंत्रालय को अंधेरे में रखा गया था, गिलानी को आमंत्रण भी प्रधानमंत्री की ओर से मिला था, और मामले में सारी पहल भी पीएमओ ही कर रहा था, ऐसे में एस.एम.कृष्णा का नाराज होना भी बनता है। पर मनमोहन को इन बातों की फिक्र नहीं, पाकिस्तान से उनकी यादें जुड़ी हैं, वे इसीलिए भी खुश थे कि गिलानी ने अपने प्रतिनिधिमंडल में केवल मंत्रियों को शामिल किया था, किसी नौकरशाह को साथ लाए ही नहीं थे, सो बातचीत का ब्यौरा या नोट तैयार करने वाला भी कोई नहीं था, चुनांचे गिलानी ने भी मन व दिल खोल कर बातें की और मनमोहन का दिल तो पहले से ही खुला हुआ था।
Posted on 03 April 2011 by admin
अभी भारत व पाक में डिनर डिप्लोमेसी परवान चढ़ती इससे पहले ही इस्लामाबाद के भारतीय दूतावास में एक अप्रिय घटना घट गई। उसी दिन इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिबंधित क्षेत्र में एक कार घुस आई, कार के ड्राइवर को उस रात वहीं दूतावास में ही पूछताछ के लिए रोक लिया गया। बदले की कार्यवाई करते हुए पाकिस्तान ने तुरंत ही भारतीय दूतावास के एक सीनियर काऊंसलर को बगैर किसी तय कारण के उसी रात अरेस्ट कर लिया। अब जाकर बीच-बचाव हो रहा है, भारत सरकार कह रही है कि हमने आपके ड्राईवर को छोड़ दिया है, आप भी हमारे बंदे को छोड़ दो। बंदा दीगर आप भी देख लो किस जमीन पर हो रही है एक नए रिश्ते की शुरुआत।
Posted on 01 April 2011 by admin
सिक्किम के चीफ जस्टिस दिनाकरण के खिलाफ संसदीय जांच कमेटी ने काफी साक्ष्य इकट्ठे कर लिए हैं, साक्ष्य इतने भरपूर मात्रा में है कि इसके आधार पर उन्हें दोषी भी ठहराया जा सकता है। इन साक्ष्यों में 12 से 15 तो अहम गवाहियां हैं। यह गवाहियां उन लोगों की है जिन्हें नकद पैसा देकर उनसे उतने ही अमाऊंट का चेक ले लिया गया। सबसे मजेदार तो यह कि एक गवाही तो एक सब्जी वाले की भी है, जिसने कहा है-‘साहब मुझे कैश देते थे, बदले में चेक ले लेते थे।’
Posted on 01 April 2011 by admin
2जी स्पेक्ट्रम मामले पर जल्द ही एक और चार्जशीट दायर होने वाली है, उसमें- लूप टेलिकॉम और डीबी रियलिटी की घेरेबंदी हो सकती है। कई अन्य का भी नंबर लगने वाला है, पर इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है।
Posted on 01 April 2011 by admin
2जी पर गठित जेपीसी यानी संयुक्त संसदीय कमेटी और पीएसी यानी पब्लिक अकाऊंट कमेटी में बकायदा ठन गई है। पीएसी ने पिछले दिनों दो पत्रकारों को तलब किया, ‘आऊट लुक’ अंग्रेजी साप्ताहिक के विनोद मेहता और ‘ओपन’ अंग्रेजी साप्ताहिक के संपादक मनु जोसेफ को। इसके बाद वीर सांघवी और बरखा दत्त का नंबर था। अभी यह नंबर लगने ही वाला था कि ये चंद पत्रकार भागे-भागे जेपीसी चेयरमैन पीसी चाको के पास जा पहुंचे और वहां जाकर अपना दुखड़ा रोया, साथ ही चाको को यह भी समझाया कि भाजपा-कांग्रेस के आपसी झगड़े में उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है। चूंकि पीएसी के चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी एक भाजपाई है। इन पत्रकारों का यह भी तर्क था कि पीएसी सीएजी रिपोर्ट की पड़ताल करने के लिए गठिन हुई है, और सीएजी रिपोर्ट में राडिया टेप्स का कहीं कोई जिक्र नहीं है। यह अगर आता भी है तो वह जेपीसी के दायरे में आता है। अब राडिया टेप्स में तो सुहेल सेठ और रंजन भट्टाचार्य के भी नाम हैं, क्या पीएसी उन्हें भी तलब करेगी? पत्रकारों की दलीलें सुनने के बाद चाको जोशी को उनका दायरा बताने में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में पीएसी बनाम जेपीसी का मुद्दा खासा तूल पकड़ सकता है।
Posted on 01 April 2011 by admin
इस दफे के असम चुनाव में किसका पलड़ा भारी रहेगा, यह अतिवादी संगठन उल्फा के रुख पर निर्भर है। एक परेश बरुआ का अंडर ग्राउंड उल्फा है, वह कांग्रेस के खिलाफ है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक बरुआ अभी आईएएस के पे-रोल पर हैं और वे फिलहाल चीन में रहते हुए वहीं से भारत में आतंकवादी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। दूसरी उल्फा अरविंद राजखोवा की है जो ओवर ग्राउंड रहकर कांग्रेस की मददगार है। सो अभी यह भविष्यवाणी जल्दबाजी होगी कि असम में कौन जीतेगा?
Posted on 01 April 2011 by admin
कांतिलाल भूरिया मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अगले अध्यक्ष हो सकते हैं।
Posted on 01 April 2011 by admin
संघ ने यूपी विधानसभा चुनावों को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है, सो भाजपा भी वहां अपनी सुप्तप्राय: भगवा कैडर को जगाने में जुट गई है और इसके लिए पार्टी की संघ के कार्र्यकत्ताओं पर पूरी तरह निर्भरता बढ़ती जा रही है। यूपी के हर जिले में 35 ऐसे समर्पित कार्र्यकत्ताओं को चिन्हित किया जा रहा है, चुनाव में जिनकी अहम भूमिका रहने वाली है। पार्टी अध्यक्ष गडकरी पहले ही कह चुके हैं कि यूपी उनके लिए कितना महत्त्वपूर्ण है। चुनांचे राहुल के मिशन 2012 के जवाब में भाजपा अपने फायर ब्रांड नेता वरुण गांधी को आगे कर रही है। पहले वरुण व पार्टी में एक असहज सी दूरी दिखती थी, गडकरी अपने निजी प्रयासों से इसे पाटने में जुटे हैं, दरअसल भाजपा इस सत्य से दो-चार हो चुकी है कि प्रदेश में जहां पार्टी आयोजित रैलियां फ्लॉप साबित हुई हैं, वहां वरुण की रैलियों में जबर्दस्त भीड़ व उत्साह नजर आया है। आगामी 3 अप्रैल को गोरखपुर व बस्ती से लगे सिध्दार्थ नगर जिले के बांसी में वरुण एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं, जिसमें नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज बतौर मुख्य अतिथि जा रही हैं। राजा बांसी, जय प्रताप सिंह जो वरुण के खासमखास हैं, वे इस रैली को सफल बनाने में दिन-रात एक कर रहे हैं। वरुण फिलहाल अपनी शादी के बाद पहली बार विदेश में हैं, 31 मार्च की रात वे ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट से दिल्ली लौटने वाले हैं, तब तक उनके लोग उनकी उड़ान को नया आसमां मुहैया कराने की होड़ में जुटे हैं।
Posted on 01 April 2011 by admin
बिहार के प्रहार से आहत लालू यादव एक बार फिर से सोनिया की शरण में जाने की जुगत भिड़ाने में लगे हैं। लालू के खास वफादार उद्योगपति, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद प्रेमचंद्र गुप्ता का दस जनपथ वैसे भी काफी आना-जाना है। सो यह महज संयोग नहीं है कि लालू संसद में, संसद के गलियारों में यूं सोनिया से बतकही करते रहे। कहते हैं वे अपने लिए एक नया सियासी रास्ता तलाशने की मुहिम में जुटे हैं, पर दूध की जली सोनिया इस दफे छाछ भी फूंक-फूंक कर पी रही हैं, उसने लालू से साफ कर दिया है कि उनसे दोस्ती तो बनी रह सकती है, पर 4 सांसदों वाली उनकी पार्टी को कैबिनेट में जगह मिल पानी मुश्किल है, पर इन बातों से बेखबर लालू फिलवक्त तो सोनिया के दिल में अपने लिए जगह बनाने में जुटे हैं।