Posted on 17 April 2011 by admin
‘… कितनी सदियों का कत्ल होता है एक लम्हे की बदगुमानी से’क्या अमरीका मान चुका है कि मनमोहन सिंह अब नहीं चलाए जा सकते, सो मुशर्रफ की तर्ज पर उन्हें भी बदलने की जरूरत आन पड़ी है, क्या यह महज इत्तफाक है कि अन्ना हजारे के समर्थन में जुटे ज्यादातर एनजीओ पश्चिम से मदद प्राप्त हैं। टीवी चैनल जो खूब मुहिम चला रहे हैं सब में कहीं न कहीं अमरीकी पुच्छल्ला जुड़ा है… कहीं सीएनएन, कहीं फॉक्स तो कहीं रायटर… क्या इसके बाद कश्मीर के लाल चौक पर भी कोई रैली करने की योजना है? क्या अमरीका का कश्मीर के प्रति वही नजरिया है जैसा उसने सर्बिया में किया… एक आजाद कश्मीर का प्रादुर्भाव चाहे अमरीकी हितों का कितना भी पोषण करे, इससे भारत का अखंड राष्ट्रवाद तो आहत होता ही है। सोनिया कहीं से भी अमेरिकी निशाने पर नहीं हैं, क्या सिर्फ प्रधानमंत्री बदल जाने भर से हमारी समस्याओं की इतिश्री हो जाएगी?
Posted on 10 April 2011 by admin
तमिलनाडु की सोनिया की एक चुनावी रैली में पी. चिदंबरम, जी. के. वासन और जयंती नटराजन तीनों को पहुंचना था, पर ऐन वक्त पर ये तीनों नेता वहां नहीं पहुंचे, दरअसल ये तीनों अपनी नाराजगी से सोनिया को वाकिफ कराना चाहते थे।
Posted on 10 April 2011 by admin
शुक्रवार की शाम नई दिल्ली में जश्न-ए-बहार मुशायरे का आयोजन था, जिसमें शहरयार से लेकर जावेद अख्तर तथा विदेशों के भी कई नामचीन शायर तशरीफ लाए थे। मुशयरा की रवायत बरकरार रखने की गरज से कई बड़ी हस्तियां भी वहां मौजूद थीं। मुशायरा शुरू हो इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मार्कंडेय काटजू बोलने को आए और अपने इलाहाबादी लहजे से जैसे उन्होंने समां ही बांध दिया। जस्टिस काटजू ने वहीं मंच से अपील की कि अगला भारत रत्न जब भी दिया जाए सबसे पहले मिर्जा गालिब को मिले। इसके बाद लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार की बोलने की बारी आई तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि ‘जस्टिस को जजमेंट देते हुए तो बहुत बार सुना है, आज अपील करते हुए भी देख लिया।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘मैं जस्टिस काटजू की अपील में आवाज मिलाना चाहती हूं कि मिर्जा गालिब को भारत रत्न जरूर मिले।’
Posted on 10 April 2011 by admin
नीता अंबानी देश के सबसे अमीर आदमी की बीबी हैं। चुनांचे उन्हें खबरें खरीदना व खबरों में बने रहना बकायदा आता है। वैसे भी जमाना ‘पेड न्यूज’ का है। मैच सेट हो या न हो पर टीवी कैमरे जरूर इस कदर सेट थे कि वे घूम फिर कर बस नीता के बॉक्स में ही जा टिकते थे। जहां वे अपने पति, बच्चों, आमिर, किरण राव, रजनीकांत के साथ मिल कर भारतीय टीम के लिए सबसे ज्यादा चीयर्स कर रही थीं। बाकी वीआईपी लोगों पर कैमरों की नजरें इनायत न के बराबर थी, सो मजबूरी में कपिल सिब्बल, अरूण जेटली सरीखे राजनेता प्रेसिडिंशयल बाक्स से निकल कर नीता के बॉक्स में चले गए, उन्हें मालूम था कि यही बॉक्स आफिस सुपर-डुपर हिट है।
Posted on 10 April 2011 by admin
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के लोग फाइनल मैच के दिन प्रेसिडेंशिएल बॉक्स में जगह बनाते-बनाते आजिज आ चुके थे। पहले तो भारत व श्रीलंका के राष्ट्राध्यक्षों के लिए सोफा लगाया गया, पर बॉक्स में कुर्सियों की संख्या निरंतर बढ़ानी पड़ रही थी। कपिल सिब्बल, सुबोधकांत सहाय, अडवानी, गडकरी, अजय माकन, ज्योतिरादित्य सिंधिया, शाहनवाज हुसैन कुर्सियों की संख्या बढ़ते-बढ़ते 200 का आंकड़ा भी पार कर गयी थी। राहुल गांधी के लिए वहां भी जगह रखी गई थी, पर वे अपने दोस्तों के साथ आम जनता में ही जाकर बैठे, राहुल को बखूबी मालूम था कि उन्हें सियासत भी इन्हीं आम अवाम से करनी है।
Posted on 10 April 2011 by admin
राहुल गांधी भारत-श्रीलंका का फाइनल मैच देखने के लिए दिल्ली से अपने आठ दोस्तों के साथ मुंबई पहुंचे थे, वह भी एक नियमित एयरलाइंस के वाई क्लास में सफर करके। भारत की जीत के बाद राहुल व दोस्तों ने पूरी रात पार्टी की। पहले तो जीत का जश्न युवराज ने अपने दोस्तों के साथ वर्ली इलाके में मनाया। फिर राहुल के ही एक दोस्त उन्हें सलमान खान के घर पर ले गए जहां सुबह 6 बजे तक पार्टी चली।
Posted on 10 April 2011 by admin
भारत क्रिकेट का विश्व कप तो जीत गया, कप के असली होने को लेकर भ्रांतियां अब भी कायम हैं। दरअसल मुंबई कस्टम में फंसी जिस ‘शील्ड’ को लेकर तमाम विवाद था, वह एक ‘रोविंग शील्ड’ है जो आईसीसी के वर्तमान मुख्यालय दुबई में रहती है, विजेता टीम के कप्तान को असल में यही शील्ड दी जानी थी। पर आईसीसी के चंद फिरंगी अधिकारी जो शील्ड को लेकर भारत आए थे उनसे कथित तौर पर मुबई कस्टम के अधिकारियों ने ढाई सौ फ्री-पास की मांग की थी, जब इन्होंने पास देने में असमर्थता जताई तब ही सारा बखेड़ा खड़ा हुआ है। वैसे भी रोविंग शील्ड तो महज मीडिया के समक्ष फोटो खिंचवाने के लिए होती है, असली शील्ड तो वही है जो भारत के पास है।
Posted on 10 April 2011 by admin
आईपीएल का नया हंगामा शुरू हो चुका है। पर इसके पूर्व कमिश्नर ललित मोदी मुश्किलों से बाहर निकलते नजर नहीं आते। फिलहाल मोदी परिवार सहित लंदन में हैं। उन पर पहले से ही कई मुकदमे चल रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों ललित ने वसुंधरा राजे को फोन कर बताया कि उन्हें भारत का एक कारोबारी जो खुद को एक केंद्रीय मंत्री का करीबी बताता है, उनसे फोन कर 50 करोड़ रूपयों की मांग कर रहा है। मोदी को वह कारोबारी, कथित तौर पर धमकी दे रहा है कि अगर उन्होंने पैसों का भुगतान नहीं किया तो केंद्रीय मंत्री विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर उनके ऊपर कई नए मुकदमे चलाने की हरी झंडी दे सकते हैं, सनद रहे कि ज्यादातर मामले ईडी से जुड़े हुए हैं।
Posted on 10 April 2011 by admin
कृपाशंकर सिंह ने जब से महाराष्ट्र कांग्रेस की बागडोर संभाली है उनके सितारे गर्दिश में आ गए हैं। मधु कौड़ा मामले में भले ही उन्हें क्लीन चिट मिल गई हो, पर उनके ऊपर आय से अधिक संपत्ति का नया मामला बनता है और इस बाबत महाराष्ट्र का एंटी करप्शन ब्यूरो उनके ऊपर एक बड़ा केस बनाने की तमाम तैयारियां कर चुका है।
Posted on 10 April 2011 by admin
सोनिया गांधी चुनाव प्रचार के लिए केरल में थीं, जहां उन्हें कांग्रेसी गठबंधन (यूडीएफ के उम्मीदवारों के पक्ष) के लिए प्रचार करना था। एक सभा में जिसमें व्यालार रवि और रमेश चेन्नीथला भी मौजूद थे। सोनिया जोश ही जोश में अपील कर गईं कि ‘आप एलडीएफ (वाम गठबंधन) को वोट दें,’ मंच पर मौजूद कांग्रेसी नेताओं ने इसे मैडम का ‘स्लीप ऑफ टंग समझा’ सो बस मुस्करा दिए। लेकिन जब सोनिया ने दुबारा यही बात दुहराई कि ‘मैं आपसे अपील करती हूं कि आप एलडीएफ को वोट दें’ तब तक मंच पर मौजूद कांग्रेसी नेताओं के चेहरे सफेद पड़ने लगे।