सोनिया चलीं अमेरिका |
September 04 2012 |
कोलगेट पर कोयले क ी सुलगती आंच जब सुलगने लगी तो इस पर पानी डालने का जिम्मा स्वयं सोनिया ने उठा लिया। प्रमुख विपक्षी नेताओं से संपर्क साधा और उनसे उनकी मांगे जाननी चाहीं। और बदली सियासी भाव-भंगिमाओं से लैस उन्होंने भाजपा की सभी प्रमुख मांगों को मान लेने का आश्वासन दिया यानी तमाम कंपनियों को आबंटित कोल ब्लॉक्स रद्द करने का भरोसा। सोनिया ने यह भी माना कि इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के एक सिटिंग जज से जांच करवायी जाएगी। और इन तमाम रद्द कोल ब्लॉक्स के लिए बाजार से खुली निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। आश्वासन देने के उपरांत सोनिया पीएम और राष्ट्रपति से मिलीं, जाने इसके बाद क्या बात हुई कि सोनिया अपने इस निर्णय से पलट गईं पर अपने चेकअप के लिए अमेरिका जाने से पूर्व वह विपक्षी नेताओं को यह बताना नहीं भूलीं कि इस मुद्दे पर पार्टी और पीएम की राय कुछ और है यानी कि सोमवार को फिर संसद में हंगामा बदस्तूर जारी रहने वाला है। |
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