| सुझाव को भाव |
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November 14 2009 |
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पर लगता है राहुल गांधी की सलाहकार मंडल इस पूरी मीटिंग को ठीक से हेंडिल नहीं कर पाईं, पहले से तयशुदा कार्यक्रम के मुताबिक इन मालिक-संपादकों को पहले राहुल गांधी के सरकारी आवास तुगलक लेन में लंच पर न्यौता गया था, पर जब ये तुगलक लेन पहुंचने वाले थे तो इन्हें सूचित किया गया कि अब लंच का स्थान बदलकर 10 जनपथ कर दिया गया है, हर संपादक को ऐसा लग रहा था कि सिर्फ उन्हें ही कांग्रेसी युवराज से ‘वन टू वन’ संवाद स्थापित करना है क्योंकि राहुल के आवास से उन्हें लंच का न्यौता कुछ इसी अंदाज में प्राप्त हुआ था, सो जब ये संपादक दस जनपथ पहुंचे तो एक दूसरे को वहां मौजूद पाकर एकबारगी हैरत में पड़ गए। अवीक सरकार और एन.राम ने सीधे तौर पर अपनी नाराजगी से राहुल को अवगत करा दिया। इस पूरे लंच काल में अवीक सरकार ने एक शब्द भी नहीं बोला, युवराज को सलाह देना तो दूर की बात। एन.राम अफगानिस्तान से अमरीकी फौजों की बेदखली पर धाराप्रवाह बोलते रहे, शेखर गुप्ता ने भी एक से ज्यादा मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। और राहुल एक जिज्ञासु छात्र की मानिंद इन मालिक-संपादकों के विचार सुनते रहे। |
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