| जाके राखो चाको ! बोल सके न कोए ! |
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August 22 2010 |
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भारतीय संसद के इतिहास में शायद यह पहला मौका होगा जब प्रमुख विपक्षी दल सदन के किसी पीठासीन अधिकारी का बहिष्कार कर दे। लोकसभा के ‘पैनल ऑफ चैयरपर्सन’ में वरिष्ठ नेता पी.सी.चाको भी शुमार हैं, पर पिछले रोज भाजपा चाको के रवैए से इस कदर व्यथित हुई है कि उसने तय कर लिया है कि जब भी सदन की कमान चाको के पास आएगी भाजपा सांसद सदन का बॉयकाट करेंगे। मामला कुछ यूं है कि जब दो रोज पूर्व सदन में अवैध खनन पर बहस चल रही थी, तो कांग्रेस के लिए निर्धारित कोटे का समय समाप्त हो चुका था, बावजूद इसके चाको ने (जो तब सदन की अध्यक्षता कर रहे थे)कांग्रेस के लाल सिंह को बोलने का मौका दे दिया। इससे पहले सदन में अप्रत्याशित तौर पर तीन सांसदों वाली पार्टी जेडी(एस)के देवेगौड़ा को भी एक घंटे बोलने का वक्त मिल गया। इसी मुद्दे पर जब भाजपा के अनंत कुमार बोल रहे थे तो तत्कालीन चैयरपर्सन थम्बीदुराई ने उनसे साफ कर दिया था कि वे अपनी बहस में किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं ले सकते और न ही उस पर आरोप मढ़ सकते हैं, तब अनंत मान गए थे। लेकिन जैसे ही लाल सिंह बोलने के लिए खड़े हुए उन्होंने कर्नाटक के येदुरप्पा सरकार में मंत्री रेड्डी बंधुओं पर सीधा हल्ला बोल दिया। लाल सिंह का कहना है कि जब सोनिया गांधी बेल्लारी से चुनाव लड़ रही थी तो उनकी मुखालफत के लिए रेड्डी बंधुओं को अकूत धन किसने दिया था? जब लाल सिंह सदन में गुस्से से यूं लाल-पीले हो रहे थे तो बेल्लारी से भाजपा सांसद शांता ने खड़े होकर विरोध दर्ज कराया और कहा कि माननीय सांसद को कोई अधिकार नहीं है कि वे बगैर सबूत किसी को ‘चोर’ कहें, इस पर लाल सिंह भड़क गए, बोले-‘तुम चुप रहो, तुम्हें भी माल चढ़ा हुआ है’ इस पर एकबारगी पूरा सदन भौच्चक रह गया, इसके बाद शांता सीधे स्पीकर के चैंबर में चली गई और उन्होंने मीरा कुमार की समक्ष अपनी बातें रखीं, भाजपा इस बात से व्यथित थी कि चाको ने लाल सिंह को ऐसे अपशब्द बोलने से रोका क्यों नहीं? जबकि वे चेयर पर थे, (इसमें से कई बातें तो संसद के रिकार्ड में भी दर्ज है) सो भाजपा ने चाको के बहिष्कार का निर्णय ले लिया। |
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August 22nd, 2010
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