| चिदंबरम पर है गर्म |
|
December 10 2010 |
|
आखिर ईडी को नीरा राडिया के फोन टेप करने की इजाजत किसने दी थी? उस वक्त चिदंबरम देश के वित्त मंत्री थे और मधुकर गुप्ता गृह सचिव, सीबीडीटी ने फोन टेपिंग के लिए गृह सचिव से इजाजत मांगी थी, बाद में इस फाइल को स्वीकृति के लिए चिदंबरम को भी भेजा गया था, जिस पर उनकी स्वीकृति के हस्ताक्षर दर्ज हुए। पहले गृह सचिव ने ‘ऑफ द रिकार्ड’ स्वीकार किया कि पूरे मामले की जांच होगी कि कैसे टेप लीक हुआ, जब टाटा कोर्ट में गए तो वीरप्पा मोइली का भी बयान आया कि ‘लीक’ की जांच होगी, पर चिदंबरम ने इस तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए कहा कि ‘किसी जांच की कोई आवश्यकता ही नहीं है।’ और यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अनिल अंबानी से चिदंबरम की दोस्ती किसी से छुपी नहीं है, और लोग कह रहे हैं कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले के लीक के सबसे बड़े लाभार्थी अनिल अंबानी ही हैं, विरोध पक्ष तो यह भी आरोप लगा रहा है कि इस टेप को लीक करने में अनिल अंबानी की भी एक अहम भूमिका है। |
| Feedback |