चक्कर 5-25 का |
January 11 2012 |
कभी बहिनजी के दायां हाथ रहे बाबू सिंह कुशवाहा ने जब से भगवा राजनीति में अपना हाथ आजमाया है, भाजपा में तूफान मच गया है। यूपी चुनाव में अन्ना इफैक्ट के हिंडोलों पर सवार होने की भाजपा की मंशा पर घड़ों पानी फिर गया है। पार्टी के अंदर गडकरी व राजनाथ की विश्वसनीयता पर सवाल किए जा रहे हैं, पार्टी जन इसे खुल्लम-खुल्ला 5-25 का चक्कर बता रहे हैं। राजनीति में नैतिकता व शुचिता की दुहाई देने वाले संघ की चुप्पी सबसे हैरान करने वाली है, दबी जुबान से भगवा हलकों में चिंता जताई जा रही है कि कहीं संघ भी तो 5-25 के लाभार्थियों में शामिल नहीं है? चिंतित अडवानी ने जब गडकरी को फोन किया कि ‘वे कुशवाहा को पार्टी में लेने की कैसे सोच सकते हैं?’ तो गडकरी ने फौरन जवाब दिया कि ‘अगर हमने इन्हें नहीं लिया होता तो सपा-कांग्रेस इन्हें कब से अपनी पार्टी में शामिल करने को तैयार बैठी थी’, गडकरी का भरोसा है कि कुशवाहा के भाजपा में आने से पिछड़े वोट भाजपा के साथ जुड़ेंगे और जो भी गडकरी के साथ जुड़ा है वह तो बोनस है ही। |
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