उपराष्ट्रपति की उलझन |
October 30 2012 |
इस दफे दशहरे के दिन रावण दहन के मौके पर अति विशिष्ट लोगों का एक कभी ना दिखनेवाला जमावड़ा दिल्ली के सुभाष पार्क में जुटा था, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी बुराइयों के प्रतीक माने जाने वाले रावण दहन के अवसर पर मौजूद थे, जबकि असली रावण की तो अभी शिनाख्त होनी बाकी है। इसको लेकर रामलीला कमेटी जब प्रोग्राम बना रही थी तो सूत्र बताते हैं कि उपराष्ट्रपति महोदय से अनुरोध किया गया था कि ‘वे भगवान राम-लक्ष्मण की आरती उतार कर, उन्हें तिलक लगा कर, माला पहना दें।’ पर इसको लेकर हामिद अंसारी को खासी उलझन थी। उन्हें कहीं न कहीं इस बात का इल्म था कि उनके इस कृत्य पर उनकी ंकौम के अंदर प्रतिक्रिया हो सकती है। तब हैरान-परेशान आयोजकों ने उनसे पूछा,’सर, फिर आप क्या कर सकते हैं?’ इसका समाधान निकालते हुए अंसारी साहब ने तय किया कि इस मौके पर वे सिर्फ दीप प्रवलित कर देंगे, शायद इससे विचारों का अंधेरा छंटे। |
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