कुलकर्णी की बेचैनी |
October 30 2011 |
सुधींद्र कुलकर्णी ने जेल के जीवन को लगता है पूरी तरह स्वीकार कर लिया है, जो भी जेल से मिलता बस वही खाकर रह जाते हैं कभी कैंटीन की ओर फटकते भी नहीं। उनका परिवार मुंबई रहता है, सो घर से खाना आने का भी सवाल नहीं। कुलकर्णी को सबसे ज्यादा नाराजगी अडवानी से हैं, उन्हें लगता है कि अडवानी अपने एक खास चेले को बचाने के लिए कभी भूले से भी अपनी जनचेतना यात्रा में ‘कैश फोर वोट’ का नाम नहीं ले रहे हैं। |
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