| पीएम की कुर्सी पर है नजरें |
|
September 26 2011 |
|
चिदंबरम और प्रणब दा के बीच तो जंग का ऐलान तब ही हो चुका था जब बतौर गृह मंत्री पीसी ने कथित तौर पर प्रणब के बेटे का डॉसियर बनवा लिया था कि एक बड़े कॉरपोरेट हाउस के लिए वे किस प्रकार की ‘लाइजनिंग’ करते हैं। इससे नाराज प्रणब दा ने अपने मंत्रालय के अधीनस्थ आने वाले ईडी से कहकर चिदंबरम पुत्र कार्तिक का पूरा काला चिट्ठा तैयार करवा लिया था और शेयर घोटालों की पूरी इबारत लिखवा ली थी। दरअसल, चिदंबरम की नजरें पीएम की कुर्सी पर हैं और वे जानते हैं कि उनकी राह में प्रणब ही सबसे बड़ी बाधा हैं, इसी बाधामुक्ति यक्ष की परिणति थी ‘बगिंग’ की कहानी जो अब सार्वजनिक हो चुकी है, सार्वजनिक तो प्रणब की चिट्ठी भी हो चुकी है। |
| Feedback |