| अमरीका शरणम् गच्छामि |
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January 03 2011 |
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पिछले दिनों हमारे तीनों ही जीएसएलवी क्रमश: अप्रैल, जुलाई और दिसंबर में अपने प्रक्षेपण के महज 58 सेकंड के अंदर फुस्स हो गए, अब इसरो इस बारे में भारत सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने जा रहा है, सूत्र बताते हैं कि इन नाकामियों का सारा ठीकरा इसमें लगे रूसी क्रायोजेनिक इंजन पर फोड़ने की तैयारी है, कहा तो यह भी जा रहा है कि यह सब एक योजनाबध्द सुविचारित तरीके से अमरीका के गोद में बैठने की तैयारी है, प्रक्षेपण की अमरीकी तकनीक बांहे फैलाए हमारा इंतजार कर रही है यानी आने वाले दिनों में हर क्षेत्र में अमरीका पर हमारी निर्भरता बढ़ेगी, क्या इसके लिए हमारी अमरीका परस्त सरकार प्रेरित कर रही है? |
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