| अझागिरी का विदेश-प्रेम |
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October 19 2010 |
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केंद्रीय रसायन मंत्री एम.के.अझागिरी को भले ही अपना मंत्रालय चलाने में रस नहीं आ रहा हो और किंचित वे कैबिनेट की बैठकों से भी नदारद रहते हों, पर मंत्रालय के खर्चे पर और विभिन्न डेलीगेशन के हवाले से सपत्नीक विदेश की यात्राएं खूब कर रहे हैं। अभी पिछले दिनों वे खाद उत्पादक उद्योगपतियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सपत्नीक चीन के दौरे पर गए थे। इससे पहले वे आस्ट्रेलिया के दौरे पर थे। पिछले 8 महीनों में वे आधा दर्जन से ज्यादा विदेश यात्राएं कर चुके हैं, वे भी सरकारी खर्चे पर। अब तो डीएमके के नेतागण भी कहने लगे हैं कि अझागिरी ने तो मदुरै को जैसे भुला ही दिया है और वे रसायन से ज्यादा विदेश मंत्री हो गए हैं। देखना दिलचस्प रहेगा कि क्या काले चश्मेवाले बाबा इस पर कोई संज्ञान लेते हैं कि नहीं? |
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