जाको जैसी भावना

July 08 2019


महाराष्ट्र में भाजपा के सहयोग से इन चुनावों में जीत का पताका लहराने वाली शिवसेना में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। सेना में असंतोष के स्वर तेज होने लगे हैं। हालिया वाक्या लोकसभा में अपने नेता के चुनाव को लेकर था, जब पहली बार जीत कर संसद पहुंचे विनायक राउत को सदन में पार्टी का नेता घोषित कर दिया गया, पर 5 बार की सांसद भावना गवली पाटिल मुंह ताकती रह गई। भावना विदर्भ के यवतमाल वासिम से सांसद हैं। सूत्रों की मानें तो अपनी अनदेखी पर नाराज़गी जताते हुए भावना ने कहीं कह दिया कि वह समझती थी कि उनकी पार्टी का रिमोट कंट्रोल मुंबई में (उद्धव ठाकरे) है, पर लगता है इस रिमोट कंट्रोल की बैट्री अब कमजोर पड़ गई है। कहते हैं जैसे ही भावना की नाराज़गी की खबर सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को लगी उन्होंने फौरन भावना को फोन लगा कर कहा कि ’उन्हें हर वक्त उनका ख्याल है, केंद्र में मंत्रिमंडल के अगले विस्तर में सेना के कोटे से उन्हें अवश्य जगह मिलेगी।’ भावना को मालूम है कि दिल को बहलाने का यह ख्याल अच्छा है, नहीं तो मोदी कब अपने मंत्रिमंडल का विस्तार इतनी जल्दी करते हैं और अगर करें भी तो क्या गारंटी कि उसमें शिवसेना को जगह मिले ही। कहते हैं भावना उस घड़ी को कोस रही है जब इस चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट का ऑफर ठुकरा दिया था।

 
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