पत्रकारों पर ऐसे गिरी वित्त मंत्रालय की गाज

July 14 2019


वित्त मंत्रालय कवर करने वाले पत्रकारगण इन दिनों गहरे सदमे में हैं, उनकी बेबसी जैसे यह निरंतर विलाप कर रही है कि बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले। मोदी सरकार के पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली से पत्रकारों के ताल्लुकात हमेशा से दोस्ताना रहे हैं, सो जेटली के कार्यकाल में पत्रकारों को नार्थ ब्लॉक में आवाजाही की खुली छूट थी, जब जमाना बदला तो नए वित्त मंत्री ने पाया कि कुछ पत्रकार बिलावजह मंत्रालय के कॉरीडोर में डेरा जमाए रहते हैं, कुछ तो वॉश रूम के आसपास जमे रहते हैं कि कोई जिम्मेदार अधिकारी उठ कर वॉश रूम गया नहीं कि पत्रकारों ने उनसे अपने मतलब की बात उगलवानी शुरू कर दी। सूत्र बताते हैं कि कई बार नई वित्त मंत्री का बावस्ता भी इन पत्रकारों से हो गया। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो निर्मला सीतारमण ने बातों ही बातों में यह मसला पीएम के समक्ष उठाया। वहां से ’गो अहेड’ सहमति हासिल हो जाने के बाद उन्होंने नीचे मुख्य द्वार के पास एक जगह कवर कर वहां पत्रकारों के बैठने की व्यवस्था करवा दी, उनके लिए एसी लगवा दिया, ठंडे पानी की मशीन लगवा दी, पर इसके बावजूद पत्रकारों का गुस्सा ठंडा नहीं हुआ। वे एक दफे वित्त मंत्री से मिल कर उनसे यह पूछना चाहते थे कि आखिरकार उनके साथ यह सुलूक क्यों हुआ। पर विडंबना देखिए नई वित्त मंत्री ने संसद भवन में आने-जाने का रास्ता ही बदल दिया, सूत्र बताते हैं कि अब वह संसद का पिछला गेट इस्तेमाल कर रही है, जिस गेट का इस्तेमाल कभी अडवानी किया करते थे, सोनिया गांधी भी इसी गेट का इस्तेमाल करती हैं। वित्त मंत्री का पत्रकारों के संग लुक्का छिपी का खेल जारी है।

 
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