गांधीनगर में अब होगी शाहगीरी

March 30 2019


बापू की नगरी गांधीनगर को भगवा पार्टी ने तोहफे में एक नया शाह बख्शा है अमित शाह, जिनकी शाहगीरी सियासी हलकों में जानी पहचानी है। गांधीनगर से उनकी उम्मीदवारी पर सस्पेंस अंत समय तक बना रहा, यहां तक कि पहले से तय भाजपा की प्रेस कांफ्रेंस की मियाद भी 15 मिनट आगे खिसकानी पड़ी। भाजपा से जुड़े सूत्रों के दावों पर अगर यकीन किया जाए तो गांधीनगर सीट पर सबसे मजबूत दावा प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल की पुत्री अनार पटेल का था। कहते हैं अनार को एक तरह से पीएम मोदी का ’गो अहेड’ मिला हुआ था। इसीलिए वह पिछले डेढ़-दो सालों से गांधीनगर में अपने एनजीओ के मार्फत सक्रिय थीं। इस दफे भी टिकट की घोशणा होने से पूर्व भाजपा हाईकमान की ओर से तीन ऑब्जर्वर गांधीनगर संसदीय सीट को रवाना किए गए थे और कहते हैं कि इसमें से दो ऑब्जर्वर ने अपनी रिपोर्ट अनार के पक्ष में दी थी जबकि एक ऑब्जर्वर की राय शाह के पक्ष में बताई जा रही थी। यहां तक कि गांधीनगर संसदीय सीट से ज्यादातर भाजपा विधायक भी अनार के पक्ष में कदमताल करते दिखे। आखिरी वक्त पर अध्यक्ष जी की कीर्तनमंडली ने एक तुर्रा उछाला कि चूंकि यह भाजपा के लौहपुरूष अडवानी की सीट रही है सो, यहां से पार्टी के किसी ’राष्ट्रीय छवि’ वाले नेता को चुनाव लड़वाना चाहिए और शाह ने यहां से अपना दावा ठोक दिया। केंद्र में पुनः यदि मोदी सरकार बनती है तो तो राजनाथ सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि नंबर दो (गृह मंत्री) का दावा अमित शाह का हो सकता है। वैसे भी राजनाथ सिंह को हटा कर ही अमित शाह अध्यक्ष बने थे।

 
Feedback
 
Download
GossipGuru App
Now!!