एसपीजी की नाराज़गी अपनी किस नेत्री से है?

November 12 2018


वीआईपी लोगों की सुरक्षा में तैनात हजारों सुरक्षाकर्मी अपने दायित्वों से इस तरह बंधे हैं कि दोपोत्सव का पर्व भी वे अपने परिवार वालों के साथ नहीं मना पाए, कुछ को छुट्टियां मिल गईं पर ज्यादातर दीपावली के ऐन मौके पर भी अपनी ड्यूटी देते नज़र आए। कई जगहों पर वीआईपी ने अपने इन सुरक्षाकर्मियों को दीपावली की मिठाईयां भिजवा दीं, कुछ ने उपहार दिए तो कुछ ने उनके लिए दीपावली के पकवान की व्यवस्था करवाई। अब एसपीजी समेत अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों के दायित्व भी बढ़ गए हैं, पहले उन्हें गृह मंत्रालय को बस इतनी रिपोर्ट भेजनी होती थी कि फलां वीआईपी से मिलने आने वाले आगंतुकों की सूची क्या है। सूत्र बताते हैं कि पीएमओ के चाहने पर गृह मंत्रालय ने एक नया निर्देश जारी किया है कि अब सुरक्षाकर्मियों को न सिर्फ मेहमानों की सूची बल्कि उसकी एक विस्तृत रिपोर्ट भेजनी होगी। इसका अनुपालन हुआ और उस रिपोर्ट के साथ-साथ पुलिस वालों ने अपना पूरा दर्द भी बयां करना शुरू कर दिया है। मसलन, देश के सबसे प्रमुख परिवार से जुड़ी एक नेत्री के घर पर तैनात पुलिसकर्मियों का दर्द है कि दीपावली की मिठाईयां और बधाईयां तो दूर उनसे तो चाय-पानी के लिए भी नहीं पूछा गया। दूसरी ओर इस नेत्री का यह भी तर्क है कि सुरक्षाकर्मियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बिजली व पानी का खर्च भी गृह मंत्रालय को ही वहन करना चाहिए। और यह नेत्री सप्ताह में कम से कम दो-तीन बार अपने पति के साथ देर रात पाटियों में चली जाती हैं और रात के कोई दो-ढाई बजे वापिस लौटती हैं। यह रिपोर्ट हो या शिकायत केंद्ररूढ़ भाजपा सरकार के लिए यह मतलब की जानकारियां हैं, 2019 के चुनावी उद्घोष में ऐसे छोटे-मोटे बम इन जानकारियों के धागों में भी गुथे होंगे, क्योंकि इस प्रमुख परिवार के संस्कारों में राजनीति धुली है, तो भाजपा शीर्ष पुरूषों के खून में राजनीति समाई हुई है।

 
Feedback
 
Download
GossipGuru App
Now!!