बदले-बदले से सरकार नज़र आते हैं

July 23 2019


वे भगवा नेतागण जो मोदी सरकार-1 में तो मंत्री थे, पर इसके अगले संस्करण 2.0 में मंत्री पद पाने से चूक गए अब भी वे इसके कारणों की पड़ताल में जुटे हैं। ऐसे नेतागण अब संसद में भी पहले से कहीं ज्यादा सक्रिय दिख रहे हैं जिससे किसी भी भांति वे प्रधानमंत्री की नज़रों में आ सकें। ताजा मामला पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल का है जो इन दिनों हर छोटे-बड़े मुद्दे पर काफी सक्रियता दिखा रहे हैं, पिछले कुछ दिनों से गोयल दिल्ली के लोगों की दुख तकलीफों को स्वर देते आए हैं। सूत्रों की मानें तो विजय गोयल की योजना पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के शिल्पी अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन कर्म पर एक फोटो प्रदर्शनी लगाने की है, इसके लिए संसद के पिछले सत्र में वे खासा एक्टिव भी दिखे। भाजपा और संसद कवर कर रहे छायाकारों से गोयल नियमित तौर पर मिल रहे हैं और उनसे अटल जी की दुर्लभ तस्वीरें शेयर करने का अनुरोध भी कर रहे हैं और इस हेतु उन्हें अच्छा-खासा पारिश्रमिक देने का भी वादा कर रहे हैं। गोयल की मीडिया वालों से पहले से ही काफी बनती है, सो, फोटोग्राफर भी उनकी इस भगीरथ योजना में बढ़-चढ़ कर मदद कर रहे हैं। पूर्व संस्कृति मंत्री महेश शर्मा भी इशारों-इशारों में अपने चंद मुंहलगे पत्रकारों से कह रहे हैं कि उन्हें जल्द ही कोई महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने जा रही है। चौधरी बीरेंद्र सिंह पीएमओ कवर करने वाले पत्रकारों से अपना हालेदिल शेयर कर रहे हैं और उनसे यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिरकार इस बार उनका पत्ता क्यों कट गया। राज्यवर्धन सिंह राठौर को संसद भवन के ’स्वच्छता अभियान’ के दौरान माननीय स्पीकर के आगे-पीछे कदमताल करते देखा जा सकता था। दरअसल, राठौर को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि उनके पिछले मंत्रित्वकाल में पीएमओ के निर्देशों की अनदेखी की ही उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ी है और कुछ मामला उनकी इमेज से भी जुड़ा है। राजीव प्रताप रूढ़ी और अनुप्रिया पटेल जैसे पूर्व मंत्रियों की बैचेनी और उनकी अति सक्रियता भी कुछ ऐसी ही कहानियां बयां कर रहे हैं।

 
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